कोलकाता. टाटा मोटर्स ने कई औद्योगिक परियोजनाओं के विलंब से चलने के बावजूद इन मामलों में राज्य की निष्क्रियता पर सवाल खड़े करते हुए सिंगुर मामले में पश्चिम बंगाल सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया है।

कंपनी ने सिंगुर मामले में दिए गए फैसले के खिलाफ दायर याचिका में ऐसी परियोजनाओं की सूची का भी उल्लेख किया है, जिनमें एनआरआई उद्योगपतियों प्रसून मुखर्जी की यूनिवर्सल सक्सेस, यूरल इंडिया, जय बालाजी इंडस्ट्रीज, आधुनिक मेटलिक्स शामिल हैं जो काफी विलंब से चल रही हैं। भेदभाव का मूल बिंदु भी यही है। जहां राज्य सरकार ने परियोजना स्थापित नहीं करने और छोटी कार परियोजना को छोडऩे के कारण टाटा मोटर्स के पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम (डब्ल्यूबीआईडीसी) साथ हुए करार को रद्द कर दिया, वहीं कंपनी को लगता है कि राज्य सरकार ने विलंब से चल रहीं अन्य कंपनियों की परियोजनाओं पर कोई कार्रवाई नहीं की। हालांकि यूरल इंडिया के चेयरमैन जे के सराफ ने कहा कि कंपनी ने निर्माण के पहले चरण को काफी समय पूर्व पूरा कर लिया था और राज्य सरकार से शेष जमीन मिलनी बाकी है। हालांकि राज्य सरकार ने उल्लिखित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की कोई पहल नहीं की, लेकिन ममता बनर्जी ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि जय बालाजी इंडस्ट्रीज ने जमीन का उपयोग नहीं किया है।

ईशान कोण :
रतन मेन पी    112-4, 168-5
कल्याण           114-6, 259-6
तारा दिन        700-7, 667-9
तारा रात         567-8, 468-8

Related Posts: