लोकसभा में शरद यादव लाए निंदा प्रस्ताव

नई दिल्ली, 27 मार्च, नससे. लोकसभा ने सांसदों के खिलाफ टीम अन्ना के बयानों की आज एक स्वर में निंदा करते हुए कहा कि संसद देश की सामूहिक इच्छाओं का प्रतिनिधित्व करती है और उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाने का कोई भी प्रयास पूरी तरह अस्वीकार्य होगा.

सांसदों के बारे में टीम अन्ना की ओर से की गई टिप्पणियों पर सदस्यों की नाराजगी से सहमति जताते हुए लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा कि जनता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव अपनी सूझबूझ से करती है. इस तरह संसद देश की सामूहिक इच्छाओं का प्रतिनिधित्व करती है और उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली कोई भी टिप्पणी गैरजरूरी और अस्वीकार्य है. श्रीमती कुमार ने कहा कि चुनाव जन प्रतिनिधित्व कानून, आदर्श आचार संहिता और अन्य नियमों के तहत लड़े जाते हैं. निर्वाचन आयोग यह सुनिश्चित करता है कि उम्मीदवार इन सब कसौटियों पर खरे उतरें.

जनता दल यू के शरद यादव ने शून्यकाल के दौरान इस मसले को उठाया. इस पर हुई संक्षिप्त चर्चा में सभी दलों के सदस्यों ने अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने पर टीम अन्ना की कडी निंदा करते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की. जनता दल यू के शरद यादव ने शून्यकाल में यह मामला उठाते हुये कहा कि अन्ना टीम के सदस्य इसतरह का आचरण कर रहे है जैसे कि संसद ने भ्रष्टाचार से निपटने के लिये कोई कार्रवाई नही की. वे सदस्यों को अपमानित करने वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने अध्यक्ष से संरक्षण मांगते हुये कहा कि संसद ने पहले भी दोषी सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की है. लेकिन सबको एक जैसा कहना और उन्हें बेईमान भ्रष्ट और अपराधी कहना सही नही है.

उन्होंने कहा कि संसद ही एकमात्र संस्था है जिसने भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों में 27 सांसदों को जेल भेजा है.  सपा नेता ने कहा कि उत्तरप्रदेश में पहले इस तरह की कार्यवाही हो चुकी और जिन्होंने विधायकों के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी की थी उन्हें दंडित किया गया था. उन्होंने कहा कि टीम अन्ना के सदस्यों को भी सदन में मुजरिम की तरह पेश किया जाये जिससे कि आगे कोई अमर्यादित आचरण नही कर सके.

माफी नहीं मांगेंगे

इससे पहले टीम अन्ना ने साफ किया था कि उसके किसी सदस्य ने कोई भी गलत बयान नहीं दिया है. टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मनीष सिसोदिया के जिस बयान पर हंगामा मचा हुआ है, उसमें कुछ भी गलत नहीं है. करप्शन के खिलाफ एक कारगर कानून लाने की कोशिश का जब कुछ सांसद विरोध करते हैं तो मन में यह सवाल उठना स्वाभविक है कि आखिर ये क्यों विरोध कर रहे हैं. जो कुछ सिसोदिया ने कहा वह एक मुहावरा है जिसे शाब्दिक रूप में नहीं लेना चाहिए.  संसद को यह सोचना चाहिए कि उसकी गरिमा इतनी कम क्यों हो गई है कि किसी भी बयान से यह खतरे में पड़ जाती है. टीम अन्ना इस बयान को लेकर माफी नहीं मांगेगी.

क्या था बयान- टीम अन्ना के अहम सदस्य मनीष सिसोदिया ने रविवार को जंतर-मंतर पर मंच से भाषण देते हुए जेडी (यू) अध्यक्ष शरद यादव को परोक्ष रूप से चोर बता दिया था.
मंच पर लगे स्क्रीन पर संसद में शरद यादव द्वारा दिए गए भाषण के अंश दिखाए जा रहे थे. उसमें दिखाया गया कि कैसे यादव ने प्रस्तावित लोकपाल बिल का विरोध किया था. संसद में यादव के इस भाषण के बीच मनीष ने माइक पर टिप्पणी की – इसे कहते हैं चोर की दाढ़ी में … इसके बाद वह चुप हो गए और उनकी बात वहां मौजूद भीड़ ने पूरी करते हुए जोरदार आवाज में कहा …तिनका. मनीष यहीं नहीं रुके. उन्होंने कहा कि कर्नाटक विधानसभा में विधायक लोग बैठकर ब्लू फिल्म देखते हैं, जबकि हम उसे लोकतंत्र का मंदिर कहते हैं.

मुजरिम की तरह संसद में लाओ: मुलायम

सपा के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने टीम अन्ना के खिलाफ बेहद तीखे तेवर दिखाए. मुलायम सिंह यादव ने कहा कि टीम अन्ना को मुजरिमों की तरह संसद में लाया जाए. उन्होंने टीम अन्ना के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाने की भी मांग की. आरजेडी नेता रघुवंश प्रसाद ने कहा कि टीम अन्ना को ज्यादा तवज्जो देने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि कुछ सिरफिरे लोग सांसदों के खिलाफ कुछ भी बोलते रहते हैं. उन्हें भाव नहीं दिया जाना चाहिए.

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