अनशन स्थल पर नहीं जुटी भीड़

नई दिल्ली, 26 जुलाई. भ्रष्टाचार के खिलाफ टीम अन्ना के अनिश्चितकालीन अनशन के दूसरे दिन गुरुवार सुबह जंतर-मंतर परिसर में खास भीड़ नहीं जुटी. सुबह तो आंदोलन के नेता भी कम ही नजर आए. सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे और किरण बेदी अनशन स्थल पर सुबह 11 बजे पहुंचे.

ऐसे में टीम अन्ना के साथ इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाने के लिए इक_े हुए लोगों को निराशा हुई. इस अनशन की अगुवाई कर रहे अरविंद केजरीवाल भी वहां मौजूद नहीं थे. टीम अन्ना के एक सदस्य ने बताया कि केजरीवाल दिल्ली से बाहर हैं और वह उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर गए हैं. केजरीवाल के शाम तक अनशन स्थल पर लौटने की उम्मीद है. उनके साथ अनशन पर बैठे अन्य नेता मनीष सिसौदिया व गोपाल राय हैं.

खुर्शीद पर साधा निशाना

नई दिल्ली, 25 जुलाई. टीम अन्ना के वरिष्ठ सदस्य प्रशांत भूषण ने आज केन्द्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद के उस बयान को झूठा करार दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि मंत्रियों के खिलाफ आरोपों को उच्चतम न्यायालय ने रद्द कर दिया है.

भूषण ने कहा कि खुर्शीद का यह कहना कि मंत्रियों के खिलाफ लगे आरोपों को न्यायालय ने रद्द कर दिया है यह झूठ है. किसी भी आरोप को उच्चतम न्यायालय ने देखा तक नहीं है और किसी भी स्वतंत्र जांच एजेंसी से इसकी जांच नहीं हुयी है. कुछ मामलों में खुद से जांच करा कर ‘क्लीन चिटÓ ले ली गयी है जैसे 2-जी मामले में पी चिदंबरम ने किया. खुर्शीद के इस बारे में आए बयान पर भूषण ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन में यह बात कही गयी है हर देश को भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच करानी है जिस पर भारत ने भी हस्ताक्षर किया है.

इसलिए संयुक्त राष्ट्र ने जो बात कही है ,हम उसी की मांग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि लोगों का यह कहना कि अन्ना टीम का आंदोलन भटक गया है और अब जनलोकपाल की बात नहीं हो रही है , गलत है ,लेकिन यह बात समझने की जरूरत है कि अनशन का क्या महत्व है. देश के 15 शक्तिशाली मंत्रियों की जांच कराने के लिए यह आंदोलन है. अगर बागडोर इन्हीं के हाथों में रही तो देश बर्बाद हो जाएगा. इसलिए स्वतंत्र जांच बहुत जरूरी है. भूषण ने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि कोयला घोटाले में सीबीआई जांच करा लें लेकिन यह उन्हीं के मातहत है. उनकी जांच वह एजेंसी नहीं कर सकती जिस पर उनका खुद का नियंत्रण है.

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