Team Indiaनई दिल्ली, 1 जनवरी. गुजरा साल भारतीय क्रिकेट के लिए बेहतर नहीं कहा जा सकता. जहां अधिकतर मैचों में टीम इंडिया के कमजोर प्रदर्शन से प्रशंसक निराश हुए हैं,वहीं राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण के रिटायरमेंट का असर टीम पर हुआ है.

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने भी वनडे क्रिकेट से संन्यास लेकर टीम इंडिया को फिर से मजबूत बनाने की जरूरत को और बढ़ा दिया है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या भारतीय टीम के पास ऐसी नई प्रतिभाएं हैं,जो उसे 2013 में नई ऊंचाइयों पर ले जा सकती हैं. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिभाएं हैं, लेकिन उन्हें सही ट्रेनिंग और मार्गदर्शन की जरूरत है.

विराट कोहली सही तरीके से खुद को तैयार कर रहे हैं और चेतेश्वर पुजारा ने यह दिखा दिया है कि वे भारतीय मिडल ऑर्डर की ‘द वॉल’ न सही, लेकिन रॉक जरूर बन सकते हैं. भारतीय टीम के पूर्व ओपनर चेतन चौहान का कहना है कि मुझे उनका डेडिकेशन, डिटरमिनेशन और एटिट्यूड बहुत पसंद है. उनमें बहुत पोटेंशियल है और 2012 में उन्होंने दिखा दिया है कि वे अंतरराष्टï्रीय क्रिकेट के लिए तैयार हैं. उल्लेखनीय है कि पुजारा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ एक और इंग्लैंड के खिलाफ दो शतक लगाकर दिखा दिया है कि वे भविष्य में टीम इंडिया के मजबूत स्तंभ हो सकते हैं. पुजारा ने साल के आखिरी दिन मध्य प्रदेश के खिलाफ दोहरा शतक लगाया है और वे जल्द ही वनडे टीम में भी दिखाई दे सकते हैं. कोहली और पुजारा के अलावा आजिंक्य रहाणे,मनोज तिवारी और रोहित शर्मा से भी प्रशंसक अच्छी उम्मीदें लगा रहे हैं.

भारतीय गेंदबाजी की बात की जाए, तो दिसम्बर की शुरूआत तक कहा जा रहा था कि इस मोर्चे पर टीम इंडिया काफी कमजोर है. लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ दो टी-20 और एक वनडे मैच में भुवनेश्वर कुमार की परफॉर्मेस ने प्रशंसकों को राहत की सांस दी है. कुमार ने स्विंग और सीम के जरिए नामी बल्लेबाजों को परेशानी में डाला है.

यूपी के कोच और मशहूर गेदबाज वेंकटेश प्रसाद का कहना है कि कुमार में गेंद को दोनों तरह से मूव करवाने की क्षमता है. वे अच्छी इनस्विंगर भी डाल सकते हैं. कुमार टेस्ट के लिए भी अच्छे गेंदबाज साबित हो सकते हैं. वे बल्लेबाजी में भी दम दिखा चुके हैं. दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में नॉर्थ जोन के खिलाफ उन्होंने आखिरी विकेट के लिए रितुराज सिंह के साथ 127 रन की पार्टनरशिप की थी. कुमार के अलावा उमेश यादव और अशोक डिंडा भी तेजी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि भारतीय गेंदबाजों को खुद को साबित करना है,तो सबसे पहली कोशिश इस बात की होनी चाहिए कि वे खुद को चोट से बचाते रहें.

सचिन ने सादगी से किया नए साल का स्वागत

मसूरी. मास्टर बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने नए साल का स्वागत अपने परिवार और करीबी दोस्तों के सादगीपूर्ण तरीके से किया.

हाल ही में वनडे क्रिकेट से संन्यास लेने वाले सचिन ने सोमवार की सुबह सिस्टर बाजार होते हुए कैंट मालरोड तक जॉगिंग की. नाश्ता करने के बाद सचिन ने पत्नी अंजलि, बेटी सारा और क्रिकेटर समीर दिघे के साथ वुडस्टॉक स्कूल का रुख किया. उन्होंने वहां समीर दिघे के साथ क्रिकेट खेला, इसके बाद सचिन ने कुछ देर सारा के साथ बैडमिंटन भी खेला. दोपहर का भोजन बोथवेल स्थित आवास में किया. शाम को सचिन एक बार फिर सिस्टर बाजार गए. रात को उन्होंने रुकबी मैनोर होटल में पत्नी अंजलि, मित्र संजय नारंग, अभिनेता अरशद वारसी और फिल्म निर्देशक कबीर खान के साथ बोनफायर का आनंद उठाया.

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