भोपाल, 8 जुलाई, नभासं. भेल कारखाने के प्लांट कमेटी की बैठक बुंदेले वीरों की जन्म एवं कर्म भूमि ओरछा में शनिवार को करीब दस घंटे तक चली. इस बैठक में कारखाने की व्यवस्थायें एवं उत्पादन के विभिन्न दृष्टिकोण के अलावा कर्मियों की समस्याओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया.

इस बैठक में मुख्य अतिथि कार्यपालक निदेशक एस.एस. गुप्ता तथा महाप्रबंधक एच.आर. गिरीश श्रीवास्तव थे. इसके अलावा महाप्रबंधक जी.डी. वर्मा, आर.के. तिवारी, डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी, यू.एस. श्रीवास्तव, के.के. पुरुषोवानी, डॉ. सरला मेनन, जेमन मिंज, धीमान सेन और इडकी के अलावा के.के. नायर, संजीव काक, कर्मचारी उपभोक्ता संस्था के सचिव अनिल गौर, एचएमएस यूनियन के कार्यवाहक अध्यक्ष व्ही.एस. कठैत, बी. शंकर राव, एस. सेंथिल, प्रमोद पटेल, जीतेंद्र ङ्क्षसह, सुभाष वर्मा, नितिन दुबे, श्री अग्रवाल, राजेश चौधरी, आर.पी. शर्मा, इंटक यूनियन के वरिष्ठï सचिव आर.के. हुरडे, जे.पी. गौड़, गौतम मौरे, चंदूभाई तथा केटीयू के वरिष्ठï नेता जे.एस. पुरी, अध्यक्ष आर.एस. ठाकुर और मोहम्मद फारुख सहित करीब 40 कर्मचारी व अधिकारियों का दल ओरछा गया था.

इस बैठक में ठेकेदारों से काम कराने पर उत्पाद की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है. इसके अलावा कारखाने में समय पर कर्मचारियों को रॉ मटेरियल मुहैया कराने, प्रबंधन एवं कर्मचारियों के आपसी तालमेल सुदृढ़ करने, आर्डर बुक और भविष्य में प्रतिस्पर्धा का सामना करने हेतु व्यापक योजना बनाये जाने का मुद्दा छाया रहा. वहीं सभी यूनियनों के प्रतिनिधियों ने एकमत से ठेका प्रथा का विरोध किया. इसके अतिरिक्त सभी ठेका श्रमिकों को कॉपरेटिव सोसायटी में शामिल करने पर जोर दिया. इस बात पर कार्यपालक निदेशक एस.एस. गुप्ता ने उक्त मांग का विश्लेषण करने के बाद आगामी तीन माह में होने वाली रिव्यू बैठक में निर्णय करने का आश्वासन दिया. इससे पूर्व इस सम्मेलन के प्रथम चरण में महाप्रबंधक एच.आर. गिरीश श्रीवास्तव ने स्वागत भाषण देते हुये कहा कि ग्राहकों को समय पर उत्पाद की डिलेवरी देकर उन्हें संतुष्टï करना प्रथम प्राथमिकता है.

मुख्य अतिथि कार्यपालक निदेशक एस.एस. गुप्ता ने संबोधित करते हुये आह्वïान किया कि कारखाने की प्रगति के लिये तीन सूत्र अपनाने की विशेष जरूरत है. पहला उत्पाद की गुणवत्ता उच्च स्तर की रहे. दूसरी समय पर ही जॉब की डिलेवरी ग्राहक को सौंपकर संतुष्ट रखें. तीसरी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के ऑर्डर बुक के लिये काम किया जाये. साथ ही कम लागत में ज्यादा रकम देने वाले उत्पादों की खोज विभिन्न कार्मिक में करने हेतु एक विस्तृत योजना तैयार होनी चाहिये. इसके अलावा सभी कर्मचारियों व अधिकारियों को आपसी तालमेल और टीम भावना से काम करना होगा. तो निश्चित ही कारखाना काफी प्रगति की ओर अग्रसर होगा. इधर अपर महाप्रबंधक के.के. नायर ने अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किये. इस सम्मेलन में सभी यूनियन के पदाधिकारियों ने स्थानीय एवं कारखाने की वास्तविक समस्याओं के प्रति ध्यानाकर्षण करते हुये अपने विचार और सुझाव भी रखे.

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