नई दिल्ली,14 जून, तुनकमिजाज तेज गेंदबाज एस श्रीसंत आज तब फिर विवाद में फंस गये जब बेंगलूर से दिल्ली आए विमान में उनके सह यात्री ने उन पर अशिष्ट व्यवहार करने का आरोप लगाया, सह यात्री टी आर रविचंद्रन ने आरोप लगाया कि श्रीसंत को जब आपातकालीन द्वार के करीब नहीं बैठने के लिए कहा गया तो उन्होंने विमान कर्मचारियों के साथ बचकानी हरकतें की.

रविचंद्रन ने कहा कि उन्होंने तथा अन्य यात्रियों ने श्रीसंत के व्यवहार पर आपत्ति जताई जिसके कारण उड़ान भरने में देरी हुई, श्रीसंत ने हालांकि इन आरोपों का खंडन किया. उन्होंने कहा कि उनका यात्रियों से बमुश्किल कोई बात हुई और वह जानते हैं कि सार्वजनिक तौर पर कैसे व्यवहार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं किसी तरह के खराब व्यवहार का खंडन करता हूं. मैंने अभद्र भाषा का उपयोग नहीं किया. मैं नहीं मानता कि मैंने विमान में किसी तरह की अभद्र भाषा का उपयोग किया. इसके अलावा मैं भारतीय टीम के लिए खेलता हूं और मैं नियम जानता हूं और समझता हूं कि सार्वजनिक तौर पर कैसा व्यवहार करना चाहिए. मैं स्वयं मानक स्थापित करना चाहता हूं.

रविचंद्रन ने दावा किया कि यह घटना बेंगलूर से दिल्ली आ रही उड़ान संख्या एस 2 4234 में घटी. उन्होंने कहा कि श्रीसंत को 29 ए सीट दी गई थी जो संयोग से आपातकालीन द्वार के करीब थी. वह चोटिल है और इसलिए विमान कर्मचारी ने उनसे विमान के उड़ान भरने तक किसी अन्य सीट पर बैठने के लिए कहा ताकि किसी तरह की आपात स्थिति में कोई परेशानी नहीं हो. उन्होंने बजाय कर्मचारियों के बात मानने के उनके साथ बचकानी बहस की जिससे उड़ान में 15 मिनट की देरी हुई. रविचंद्रन ने कहा कि चार लोगों ने उनसे आग्रह किया लेकिन वह कहते रहे कि वह नहीं हटेंगे क्योंकि वह चोटिल नहीं हैं और वह खिलाड़ी हैं. साथी यात्री होने के कारण मैंने उनके अशिष्ट व्यवहार पर आपत्ति जताई. श्रीसंत ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि मैं अपने दोस्त के साथ था और मेरी साथ वाली सीट पर भी यात्री था. मैं नहीं जानता कि वे क्यों शिकायत कर रहे हैं, मैं इस घटना से पूरी तरह अनभिज्ञ हूं. मेरी किसी के साथ बमुश्किल बातचीत हुई.

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