लखनऊ, 11मई. उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने बेरोजगारी भत्ता नियमावली को मंजूरी दे दी है। कम से कम हाई स्कूल पास व्यक्ति को ही बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। नई सरकार के गठन की तारीख यानी 15 मार्च तक पंजीकृत बेरोजगारों की ही भत्ता मिलेगा।

चुनाव से पूर्व प्रदेश की जनता को बड़े-बड़े सपने दिखाने वाली समाजवादी पार्टी अब अपने वादे से मुकर गई है। उप्र कैबिनेट ने फैसला लिया है कि समाजवादी पार्टी की सरकार सभी बेरोजगारों को भत्ता नहीं देगी। प्रदेश में 30 से 40 साल की उम्र के लोगों को ही बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। गौरतलब है कि चुनावों के दौरान अखिलेश यादव ने वादा किया था कि उनकी सरकार बनने के बाद सरकारी नौकरी पाने की अधिकतम उम्र 35 साल होगी और 35 साल की उम्र के बाद जो भी बेरोजगार होंगे उन्हें बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा लेकिन अब कैबिनेट ने बेरोजगारी भत्ते के लिए नया पैमाना बना दिया है।

एक जुलाई से मिलेगा बेरोजगारी भत्ता

उत्तर प्रदेश में सरकार ने आगामी एक जुलाई से प्रति माह एक हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता देना तय किया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय के अनुसार ऐसे व्यक्ति जो हाईस्कूल अथवा समकक्ष परीक्षा पास हैं और किसी भी रोजगार में नहीं लगे हैं उन्हें यह भत्ता दिया जाएगा। इससे नौ लाख लोग को फायदा मिलेगा इससे राज्य के कोष पर सालाना 1113 करोड़ रुपये का व्यय भार आएगा।

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