देश को फिर दहलाना चाहता था

मुंबई/नई दिल्ली, 26 जून. दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल की ओर से गिरफ्तार किए गए आतंकी अबू जिंदाल के मामले में एक नया खुलासा सामने आया है. सूत्रों के अनुसार,मुंबई हमलों में शामिल लश्कर आतंकी अबू महाराष्ट्र के एक मंत्री के घर मुंबई में साल 2009 में ठहरा था. जिंदाल जिस समय मंत्री के सरकारी परिसर में ठहरा था, उस समय फौजिया खान विधान पार्षद (एमएलसी) थीं.

हालांकि आतंकी को ठहराने पर शिक्षा राज्या मंत्री फौजिया खान ने सफाई दी कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि आतंकी जिंदाल उनके यहां ठहरा था. मेरे लिए यह संभव नहीं है कि मैं हर किसी के बारे में परख कर सकूं. क्योंकि इलाके से कई लोग उनके सरकारी आवास पर यहां आकर ठहरते हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस सिलसिले में वह जांच एजेंसियों को पूरी मदद करेंगी. लश्कर-ए-ताइबा का खूंखार आतंकी अबू हमजा उर्फ सैयद जबीउद्दीन उर्फ अबू जुंदल इस भारत में किसी बड़े आतंकवादी हमले की तैयारी कर रहा था.

इसके लिए हमजा आतंकियों की भर्ती कर रहा था. लश्कर ने हमजा को साल के अंत में भारत में एक बड़े हमले के लिए फंड जुटाने के काम पर लगा रखा था. दिल्ली पुलिस ने हमजा को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था. हमजा का शिकंजे में आना 26/11 की जांच में सुरक्षा एजेंसियों के लिए दूसरी बड़ी कामयाबी माना जा रहा है. हमजा ने ही मुंबई हमले को अंजाम देने वाले 10 आतंकियों को हिंदी बोलना सिखाया था. हमजा ने पूछताछ में कबूला है कि हमले के दौरान वह पाकिस्तान के कराची स्थित कंट्रोल रूम से 10 आतंकियों के लगातार संपर्क में था और उन्हें निर्देश दे रहा था.

हमजा की गिरफ्तारी पर पाकिस्तान ने कहा है कि वह भारत का पूरा सहयोग करेगा. महाराष्ट्र के बीड में आईटीआई की ट्रेनिंग ले चुका अबू हमजा 2002 के गुजरात दंगों के बाद प्रतिबंधित संगठन सिमी के संपर्क में आया था. बाद में वह लश्कर-ए-ताइबा में शामिल हो गया, जहां उसका कद तेजी से बढ़ा. हमजा ने पूछताछ में अपने कुछ ऐसे पाकिस्तानी साथियों के नामों का खुलासा भी किया है जो वहां की सरकार की नुमाइंदगी कर रहे हैं. मुंबई हमले में पाकिस्तान की करतूतों की पोल खोलने वाले इस खुलासे को भारतीय एजेंसियां पुख्ता करने में जुटी हैं. जुंदल को सऊदी अरब से डिपोर्ट करने के बाद 21 जून को दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया. उसी दिन कोर्ट में पेश कर उसे 15 दिन की पुलिस रिमांड पर ले लिया गया. पूछताछ में जुंदल ने यह भी कबूला है कि 26/11 के हमले के बाद वह पाकिस्तान से सऊदी अरब चला गया था.

वहां वह लश्कर में युवकों की भर्ती करता था और हिंदी सिखाया करता था. ताकि वक्त आने पर उन्हें भारत विरोधी कार्रवाई में शामिल किया जा सके. वहां हिंदी सिखाने की आड़ में वह लश्कर के इशारे पर पैसे लाने और पहुंचाने का काम भी कर रहा था. 30 वर्षीय जुंदल पाकिस्तानी पासपोर्ट पर रियासत अली के नाम से वहां रह रहा था.  खुफिया एजेंसियों को शक है कि हमजा ने जिन पाकिस्तानी सरकारी नुमाइंदों के नाम बताए हैं, वे लोग वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े हैं. यह नाम आईएसआई के एजेंट मेजर इकबाल और मेजर समीर अली से अलग हैं. अगर हमजा का दावा सही है तो यह साफ है कि 26/11 हमले में आईएसआई के दो ही नहीं बल्कि कई अधिकारी शामिल थे. सूत्रों ने बताया कि जुंदल की आवाज के नमूने की जांच से साफ संकेत मिल गया है कि वह उन पांच लोगों में शामिल था, जो 26/11 हमले के दौरान मुंबई के 10 हमलावर आतंकवादियों को कराची कंट्रोल रूम से निर्देश दे रहे थे. कंट्रोल रूम में जुंदल की मौजूदगी की बात गिरफ्तार आतंकी अजमल कसाब ने भी कही थी.

जुंदल ने साफ तौर पर यह भी स्वीकारा है कि उसने लश्कर के ऑपरेशनल कमांडर जकी उर रहमान लखवी के साथ मिल कर मुंबई हमले की साजिश रची थी. जुंदल सऊदी अरब में रहने के दौरान भी लखवी से सीधे संपर्क में था. एनआईए भी जुंदल को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी. एनआईए ने जमात उद दावा के सरगना हाफिज सईद और लखवी सहित इस साजिश में शामिल दस लोगों के खिलाफ दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत में चार्जशीट दायर कर रखी है. महाराष्ट्र के बीड जिले का मूल निवासी जुंदल दिल्ली, महाराष्ट्र और गुजरात में आतंकी मामलों में शामिल है.

हमला ट्रेलर, पिक्चर तो बाकी है

बातचीत के टेपों के मुताबिक मुंबई के 10 हमलावरों को निर्देश देते हुए जुंदल ने ‘प्रशासनÓ जैसे हिंदी के शब्द भी इस्तेमाल भी किए थे. उसने आतंकियों से कहा था कि वे अपनी पाकिस्तानी पहचान छिपा लें और खुद हैदराबाद के तोली चौक के डेक्कन मुजाहिदीन गुट का आतंकी बताएं. उसने यह भी कहा था कि वे मीडिया से कहें कि ये हमला तो सिर्फ एक ट्रेलर है, पिक्चर तो अभी बाकी है.

रेड कार्नर नोटिस

भारत के आग्रह पर इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कार्नर नोटिस भी जारी किया था जिसमें वह हथियारों, विस्फोटकों के इस्तेमाल और आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का आरोपी था.

निशाने पर उत्तर पूर्वी राज्य

गृह मंत्रालय ने उत्तर पूर्वी राज्यों को लश्कर ए तैयबा के आतंकी हमलों के मद्देनजर अलर्ट जारी किया है. मंत्रालय के मुताबिक लश्कर उत्तर पूर्व के राज्यों के साथ ओडिशा में भी आतंकी हमले को अंजाम देने की जुगत में है. गृहमंत्रालय ने यह अलर्ट असम सरकार द्वारा मिली उस खुफिया जानकारी पर जारी किया है जिसमें लश्कर ए तैयबा द्वारा उत्तर पूर्वी राज्यों में हमले की आशंका जताई गई है. जानकारी के मुताबिक लश्कर इसके लिए जरूरी तैयारियों में जुटा है. असम के पुलिस महानिरीक्षक ने कहा है कि वह राज्य में लश्कर के हमलों को नाकाम करने और उनकी धड़पकड़ करने पर जुटे हैं. उन्होंने कहा है कि राज्यों सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई है. असम पुलिस ने इससे पहले भी ओडिशा के पुरी में निकलने वाली जगन्नाथ यात्रा में आतंकी हमला करने और मुंबई में भी हमला करने की जानकारी दी थी.

लंदन ओलंपिक पर आतंकी साया

लंदन ओलंपिक पर आतंकवादी हमले का खतरा मंडरा रहा है. यह आशंका ब्रिटिश खुफिया चीफ ने जताई है. ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी एमआई-5 के प्रमुख जॉनथन एवांस ने आशंका जताई है कि लंदन ओलंपिक पर आतंकवादी हमला हो सकता है. जॉनथन एवांस के मुताबिक लंदन ओलंपिक आंतकवादी गुटों के निशाने पर हो सकता है और सुरक्षाकर्मी तैयारी में जुटे हैं. उन्होंने कहा, ओलंपिक को निशाना बनाना आसान नहीं होगा, हालांकि इसमें कोई शक नहीं कि आतंकवादी गुटों ने हमला करने पर विचार किया है.

Related Posts: