भाजपा सांसद ने राजधानी में कहा पत्रकारों से

भोपाल,4अप्रैल,नभासं. भाजपा के प्रदेश मंत्री एवं सांसद राकेश सिंह ने बुधवार को पत्रकारों को बताया कि  सेना के लिये हाई मोबिलिटी वाहन खरीद घोटाले की जानकारी रक्षामंत्री एके एंटनी को चार साल पहले दे दी गई थी, लेकिन उन्होंने इस पर कोई कार्यवाही नहीं की थी.

12 मई 2008 को उन्होंने तत्कालीन रक्षामंत्री एके एंटनी को पत्र लिखकर अवगत कराया था, जो वाहन विदेशी कंपनी से 65 लाख रुपये प्रति वाहन के हिसाब से खरीदे जा रहे हैं. जबकि वाहन निर्माणी जबलपुर (वीएफजे) यह वाहन मात्र 30 लाख में उपलब्ध करा रही है. सिंह का दावा है कि इस पत्र के जवाब में रक्षा मंत्री ने 30 मई 08 को जवाब में पत्र भेजा था कि यह बहुत गंभीर मामला है, मैं इसकी जांच करवाता हूं. लेकिन पांच माह बीत जाने के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने इस मामले को लोकसभा (शून्यकाल) में उठाया और उन्होंने इसमें घोटाले की आशंका जाहिर करते हुए जांच की मांग की थी. उन्होंने प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से रक्षा मंत्री एके एंटनी को पद से हटाने की मांग की है.

वीएफजे के वाहन सस्ते

भाजपा सांसद ने बताया कि सेना में वीएफजे में निर्मित 4 गुणा 4 वाहनों की आपूर्ति होती थी. सेना ने वाहन निर्माणी को अवगत कराया कि वह अब 6 गुणा 6 के वाहनों का उपयोग करेगी. इसलिए वाहन निर्माणी इन वाहनों के निर्माण की तैयारी करे. वाहन निर्माणी ने 6 गुणा 6 वाहनों के अनुसंधान और विकास पर करोड़ों खर्च किये. डीआरडीओ ने उन्हें पास भी कर दिया.

बदली पॉलिसी
इसी बीच रक्षा मंत्रालय ने अपनी नीति में परिवर्तन करते हुए विदेशी कंपनी बीईएमएल टेट्रा के साथ समझौता कर लिया और 1990 वाहन खरीद लिये. सांसद का आरोप है कि इन वाहनों में 4 गुणा 4 वाहनों की संख्या ज्यादा है, जबकि 6 गुणा 6 वाहनों की संख्या कम. उन्होंने इस सौदे में 3 हजार करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया.

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