परिधानों के खुदरा विक्रेता पिछले एक साल से ज्यादा समय से भारी स्टॉक से जूझ रहे हैं, लेकिन अब उन्हें थोड़ी राहत मिलती दिख रही है। 2011-12 की आखिरी तिमाही में सीजन सेल की समाप्ति के कारण उनके स्टॉक में कमी का अनुमान है। स्टॉक में कुछ गिरावट कीमतों में कटौती की वजह से भी हो सकती है।

मुंबई  विश्लेषकों ने कहा कि इससे पहले की तिमाही के मुकाबले स्टॉक में 5 से 10 फीसदी की कमी आ सकती है। अरविंद मिल्स, ट्रेंट, पैंटालून, आलोक इंडस्ट्रीज और शॉपर्स स्टॉप ने अपने छमाही नतीजों के साथ भारी भरकम स्टॉक का आंकड़ा पेश किया था। पैंटालून रिटेल के दिसंबर के आंकड़े उपलब्ध हैं और इनसे पता चलता है कि उस समय इसके पास 1864 करोड़ रुपये का स्टॉक था, जो इससे पहले की तिमाही के मुकाबले करीब 7 फीसदी ज्यादा था। आने वाले दिनों में यानी 2012-13 की पहली तिमाही में खुदरा बिक्री में बढ़ोतरी की उम्मीद है, हालांकि यह बढ़त महज 5 फीसदी रह सकती है।

क्लॉदिंग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (सीएमएआई) के अध्यक्ष राहुल मेहता ने कहा, मार्च की तिमाही में खुदरा विक्रेताओं को थोड़ी राहत मिली क्योंकि उन्होंने भारी भरकम स्टॉक से बाहर निकलने की खातिर खासी छूट की पेशकश की थी। मुझे उम्मीद है कि अगले दो महीने पिछले साल के मुकाबले थोड़े बेहतर होंगे। सीएमएआई की रिपोर्ट के मुताबिक उद्योग के पास 1400 करोड़ रुपये का स्टॉक है। खुदरा विक्रेताओं के पास पिछली तिमाही में काफी स्टॉक हो गया क्योंकि कीमतें ज्यादा थीं और खरीदारी का रुझान नहीं था। भारी छूट की पेशकश के बाद भी खुदरा विक्रेताओं ने ताजा खरीद में कटौती की और छूट के साथ बिक्री की अवधि भी सामान्य से ज्यादा लंबी रखी।

उद्योग के एक विशेषज्ञ ने कहा कि अगर वे ऐसा नहीं करते तो स्टॉक और ज्यादा होता। एफएफ ग्लोबल के विश्लेषक अभिषेक रंगनाथन ने कहा कि  पिछली कुछ तिमाही में परिधान की बिक्री बेहतर नहीं रही है। इस तिमाही में कई खुदरा विक्रेताओं को छूट के साथ बिक्री का काम जल्द शुरू करने पर मजबूर होना पड़ा और इसकी अवधि भी लंबी रखनी पड़ी। कुछ विक्रेताओं ने तो 70 फीसदी की छूट की पेशकश की थी। कुछ ब्रांड सामान्य तौर पर 30 से 40 फीसदी की छूट देते थे, लेकिन इस दौरान उन्होंने 60 से 70 फीसदी की छूट दी ताकि स्टॉक में थोड़ी कमी आए। पिछले एक साल से ब्रांडेड परिधानों पर 10 फीसदी उत्पाद शुल्क लगा हुआ है। पिछले साल ज्यादातर समय कपास की कीमतें काफी ऊंची थीं।

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