भोपाल,31 जुलाई,नभासं. राज्य में पिछले चार-पांच दिनों में हुई ताबड़तोड़ बारिश के बावजूद प्रदेश में एक जून से 30 जुलाई तक हुई वर्षा के आधार पर 13 जिलों में सामान्य से अधिक, 26 जिलों में सामान्य एवं 11 जिलों में कम वर्षा हुई है.

राहत आयुक्त ने बताया कि बाढ़ से जन-हानि, पशु-हानि और मकान आदि की क्षति  हुई है. जबकि वर्षा/बाढ़ से 12 जन-हानि, कुछ जिलों में पशु-हानि, मकान क्षति एवं फसल क्षति भी हुई है, जिसका आकलन किया जा रहा है. इधर,हरदा, होशंगाबाद, सीहोर, देवास आदि जिलों में अति वर्षा के कारण प्रभावितों के लिये राहत शिविर खोले गये हैं. जिलों में बाढ़ से प्रभावितों को तात्कालिक राहत सहायता प्रदाय करने के लिये पर्याप्त आवंटन उपलब्ध करा दिया गया है. सामान्य से अधिक वर्षा वाले जिलों में जबलपुर, मण्डला, दमोह, रीवा, सिंगरोली, खण्डवा, उज्जैन, देवास, दतिया, सीहोर, होशंगाबाद, हरदा और बैतूल हैं. सामान्य से कम वर्षा वाले जिलों में छिन्दवाड़ा, सागर, पन्ना, छतरपुर, सतना, उमरिया, धार, अलीराजपुर, बड़वानी, नीमच और गुना हैं. बाकी जिलों में सामान्य वर्षा अंकित की गई है.

दक्षिण और पश्चिम मप्र में आगामी 24 घंटे में भारी वर्षा की चेतावनी
मध्यप्रदेश में मानसून की सक्रियता के चलते आगामी 24 घंटे में राज्य के भोपाल, उज्जैन, इंदौर और होशंगाबाद संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है. मौसम विभाग के प्रवक्ता के अनुसार प्रदेश में पिछले 24 घंटे में जबलपुर, सागर, भोपाल, होशंगाबाद,इंदौर,उज्जैन और ग्वालियर चंबल संभाग में मानसून सक्रिय रहा. इस दौरान विदिशा जिले के गंजबसोदा में सर्वाधिक 15 सेंटीमीट वर्षा दर्ज की गई. इसी प्रकार शुजालपुर व लांजी में 12 आगर व शाजापुर में 10 कटंगी में 9 रायसेन व भोपाल शहर में 8 टीकमगढ, लखनादौन, लटेरी, केवलारी, ब्यावरा, सारंगपुर, सीहोर, आष्टा, इच्छावर में 7 दतिया व नरसिंहगढ में 6 तथा वारासवनी, मंडला, बालाघाट, खुरई, वारासिवनी, तेंदुखेडा, नसरूलागंज और चंदरी में पांच सेंटीमीटर वर्षा हुई. प्रवक्ता ने बताया कि दक्षिणपश्चिम मध्यप्रदेश में आगामी 24 घंटे में मानसून अत्यधिक सक्रिय रहने से भोपाल,उज्जैन,इंदौर और होशंगाबाद संभाग के जिलों के कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है. साथ ही जबलपुर और शहडोल संभाग में मानसून सक्रिय रहने से वर्षा होगी.

राजधानी भोपाल में कल सुबह से लेकर शाम तक रूक रूक वर्षा का दौर जारी रहा और शाम के बाद रात में तेज बारिश होने से निचली बस्तियों में पानी जमा हो गए और नाले उफान पर आने से लोगों के घर में पानी घुस गया. भोपाल में कल सुबह से आज सुबह तक 83 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई. सुबह दस बजे के बाद से वर्षा का दौर थम जाने से लोगों ने राहत महसूस की. प्रदेश के कई जिलों में वर्षा का दौर जारी रहने से दिन के अधितम और रात के न्यूनतम तापमान में कमी आने से मौसम में ठंडक आ गई है. इसके चलते न्यूनतम तापमान भोपाल में 21.3,इंदौर में 21.7,ग्वालियर में 25.7 और जबलपुर में 22.1 डिग्री सेल्सियस हो गया.

भारी वर्षा की संभावना के चलते सतर्कता के निर्देश

मध्यप्रदेश में अगले 24 घंटे में भारी वर्षा की संभावना को देखतें हुए भोपाल होशंगाबाद इंदौर जबलपुर और शहडोल के संभागीय आयुक्तों को भारी वर्षा के प्रति सचेत किया हैं. राहत आयुक्त ने भोपाल,रायसेन, विदिशा राजगढ, सीहोर, होशंगाबाद, हरदा बैतूल इंदौर, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, धार, बडवानी, बुरहानपुर, जबलपुर, मण्डला सिवनी छिन्दवाड़ा,कटनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, शाहडोल डिण्डोरी और अनूपपुर जिलों के कलेक्टर को भेजे संदेश में संभावित भारी वर्षा को लेकर सतर्क रहने को कहा है.प्रदेश में अब तक हुई वर्षा और बाढ के कारण लोगों की मौत हुई है. जिलों में पशु मकान और फ्सल क्षति का आकलन किया जा रहा है. पिछलें तीन दिनों में कुछ जिलों में हुई भारी वर्षा के कारण प्रभावितों के लिए राहत शिविर खोले गये है. हरदा जिले में भी राहत शिविरों में लगभग 1600 लोगों को ठहराया गया है.

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