नौगांव में इंजीनियर कालेज खोलने की घोषणा सीएम ने की

छतरपुर. 8 अप्रैल. नससे. मुख्यमंत्री  शिवराज  सिंह  चौहान  ने  कहा  कि केंद्र  सरकार द्वारा की जा रही उपेक्षा के कारण बुंदेलखंड के ग्रामोंका विकास नही हो रहा है. लेकिन  प्रदेश सरकार इसके विकास के लिये सतत प्रयासरत है . मुख्यमंत्री ने  लंबे  समय  से  नौगांव  में  इंजीनियरिंग  कालेज  ेखोले  जाने  की   घोषणा  की और कहा कि क्षेत्र में युवाओं  के लिए  रोजगार  के  अवसर  मिलेंगे.

े पं.बाबूराम चतुर्वेदी स्टेडियम में आयोजित महिला सशक्तिकरण  सम्मेलन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिले को कई सौगातें  दी. कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा ने की. उन्होंने कहा कि बुन्देलखंड की धरा हमेशा से उपेक्षित रही है. यहां मेडिकल कालेज नहीं होने से प्रतिभाएं डाक्टर नहीं  बन  पाते थे, इसलिए  हमने सागर  में मेडिकल कालेज खोल दिया. बुन्देलखंड के  लोग  इंजीनियरिंग  कालेज की मांग काफी समय से कर रहे हैं, हम यह मांग पूरी करते हैं और नौगांव में इंजीनियरिंग कालेज  खोला जाएगा. छतरपुर  में छत्रसाल बुन्देलखंड विश्वविद्यालय खोलने की मांग पूरी की गई है. केन्द्र सरकार को जमीन भी बता दी  और चार सौ करोड़ की राशि उपलब्ध कराने की मांग की लेकिन केन्द्र  पिछले चार माह से राशि नहीं दे रहा है.  मुख्यमंत्री ने कहा कृषि विश्वविद्यालय के लिए भी हमने छतरपुर में खोले जाने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार के पास भेजा था लेकिन उप्र के चुनाव को देखते हुए केन्द्र सरकार ने उप्र को यह सौगात देने का मन बनाया. बावजूद वहां की जनता ने कांग्रेस को नकार दिया.

चौहान ने कहा कि प्रदेश में फीडर सेपरेशन का कार्य चल रहा है. हम 2013 से 24 घंटे बिजली देंगे. गांवों को भी शहरों की भांति बिजली मिले और किसानों को किसी प्रकार से परेशान नहीं होना पड़े इसलिए फीडर सेपरेशन का कार्य किया जा रहा है. फीडर सेपरेशन के लिए 1600 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रावधान किया गया है. उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की उपेक्षा के कारण बुन्देलखंड के ग्रामों का विकास नहीं हो पा रहा है लेकिन हमारी सरकार है, हम राशि खर्च करने के लिए अपनी तरफ से प्रावधान कर रहें. पंच परमेश्वर योजना प्रारंभ की गई है. इसके तहत हर गांव और पंचायत के अन्तर्गत सीमेंट, कांक्रीट की सड़के बनेंगी. जब तक यह कार्य पूरा नहीं हो जाता प्रदेश सरकार राशि का प्रावधान करती रहेगी.

गांव के लोगों को हैण्डपंप से पानी भरने की मजबूरी रहती है. इस व्यवस्था को और दुरुस्त करने के लिए नल जल योजनाएं लाई जा रही हैं. इससे  घर-घर में पानी  पहुंचने लगेगा और लोग टोंटी चालू करके पानी प्राप्त कर सकेंगे लेकिन रख-रखाव का खर्च स्वयं देना होगा. हमारा प्रयास है कि 3-4 साल में इस  योजना को  पूरा कर लिया जाएगा. उन्होंने जनता से पूछा कि ग्राम पंचायतें क्या बिजली बिल भरती हैं? सामने से उत्तर मिला नहीं. इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नल जल योजनाओं की बिजली बिल अब  शिवराज  सिंह सरकार भरेगी. महिलाओं की चिंता करते हुए उन्होंने कहा कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों मे शौचालय नहीं होने से माता और  बेटियों को खुले में शौच के लिए जाना होता है.हर घर में शौचालय बनाने का अभियान चलाया जायेगा  इसके लिए राशि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी.

सिंचाई सुविधाओं की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय प्रदेश में 80 से 90 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होती थी लेकिन  भाजपा सरकार के रहते अब 4 लाख हेक्टेयर में  सिंचाई होने लगी है. छतरपुर में कुटने बांध और वरियारपुर बांध के बन जाने से सिंचाई का रकवा और बढ़ जाएगा. स्व सहायता समूहों को और मजबूत किया जाएगा. इसके लिए समूहों के माध्यम से उत्पादन  क्षेत्र मजबूत करते हुए उन्हें बाजार भी उलब्ध कराया जाएगा. इससे आय के साधन बढ़ेंगे. केन्द्र सरकार पर बरसते हुए उन्होंने कहा कि क्या 28 रुपए रोज कमाने वाला व्यक्ति अमीर बन सकता है? लेकिन केन्द्र सरकार कहती है कि जो 28 रुपए रोज कमाते हैं उनके नाम  गरीबी रेखा से नीचे की सूची से हटा दिए जाएं.  उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि मप्र की धरती पर रहने वाले किसी भी बीपीएल का नाम नहीं काटा जाएगा. केन्द्र सरकार नाम  काटकर गरीबी मिटाना चाहती है.

मुख्यमंत्री ने बताया कि 11 मार्च को हम बुजुर्ग पंचायत बुला रहे हैं. बुजुर्गों को आसरा अगर  उनके बहू-बेटे नहीं देत े हैं तो प्रदेश सरकार देगी. 60 से 65 साल के बुजुर्गों को अकेले  के खर्च पर सरकार तीर्थयात्र कराएगी. ट्रेन, बस, ठहरने, खाने का खर्च सरकार उठाएगी. 65 साल से अधिक उम्र वालों के साथ एक व्यक्ति को साथ रहने की सुविधा मिलेगी. युवाओं के बारे में उन्होंने कहा कि बुन्देलखंड की धरती पर 84 हजार करोड़ की लागत से कारखाने लगाए जाएंगे. इन कारखानों में प्रदेश के 50 प्रतिशत  बेटी-बेटों को रोजगार दिलाया जाएगा. आईटीआई भी खोले जाएंगे जिससे युवाओं को प्रशिक्षण मिल सके. प्रदेश में और पॉलीटेक्निक कालेज प्रारंभ करेंगे. आने वाले पांच सालों में 25 हजार करोड़ रुपयों से विकास कार्य कराए जाएंगे.छतरपुर-सागर मार्ग के लिए केन्द्र राशि नहीं देगा तो हम स्वयं प्रावधान करते हुए  सड़क निर्माण कराएंगे.

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