गोगोई ने केंद्र सरकार को ठहराया जिम्मेदार

कोकराझाड़, 27 जुलाई. असम में फैली सांप्रदायिक हिंसा को लेकर अब सियासत गर्मा गई है. एक तरफ जब असम हिंसा की आग में जल रहा है, 58 लोग इस हिंसा में मारे जा चुके हैं, तब राजनेता हालात पर काबू पाने की बजाय एक दूसरे के सिर पर आरोप मड़ रहे हैं.

असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने हिंसाग्रस्त इलाकों के दौरे पर केंद्र सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि अगर केंद्र को पहले से ही इस हिंसा की जानकारी थी तो सेना को हिंसा शुरू होने के चार दिन बाद क्यों भेजा गया. गौरतलब है कि एक हफ्ते से जारी हिंसा के बीच तरुण गोगोई ने बृहस्पतिवार को हिंसाग्रस्त क्षेत्रों का जायजा लिया था. प्रदेश कांग्रेस ने गोगोई के इस दौरे की कड़ी आलोचना करते हुए स्थिति को बिगडऩे के लिए राज्य सरकार को दोषी ठहराया है. काग्रेसी सासद और राज्यसभा के पूर्व उपाध्यक्ष के रहमान खान के नेतृत्व में मुस्लिम सासदों के प्रतिनिधिमंडल ने गृहमंत्री पी. चिदंबरम से मिलकर केंद्रीय हस्तक्षेप की माग की. रहमान ने कहा कि राज्य सरकार के रवैये की वजह से ही स्थिति इतनी बिगड़ गई है.

उन्होंने कहा कि स्थिति पर नजर रखने के लिए कांग्रेस 10 लोगों की एक कमेटी बनाएगी. इस बीच, गोगोई ने दावा किया है कि असम के हालात फिलहाल सुधर रहे हैं. गौरतलब है कि असम हिंसा में मरने वालों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 58 हो गई है. बृहस्पतिवार को कोकराझाड़ में विशेष न्यायाधीश पर हमला किया गया जिसमें वे घायल हो गए. हमले में विशेष न्यायाधीश बिपुल सैकिया का वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया. भोतगांव कांचीपारा इलाके में जब वह एक राहत शिविर का निरीक्षण करने गए तभी उन पर हमला हुआ. धुबड़ी जिले में एक व्यक्ति की मौत पुलिस की गोली लगने से हुई. विरोध कर रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यहां पर पुलिस ने गोली चलाई थी. बक्सा में भी गोलीबारी की सूचना है. कोकराझाड़ के साथ चिरांग, धुबड़ी और बक्सा जिलों में बुधवार रात को हिंसा की छिटपुट वारदात हुईं. सेना और सुरक्षा बलों की गश्त से हिंसा और आगजनी की घटनाओं में कमी आई है.
हिंसा प्रभावित इलाकों के करीब दो लाख लोग 230 राहत शिविरों में रह रहे हैं. हिंसाग्रस्त इलाकों के 11 लोग लापता हैं. वृहस्पतिवार को तीन विशेष ट्रेन प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को लेकर रवाना हुईं. रेल सेवा बृहस्पतिवार को भी सामान्य नहीं हो पाई. परिणामस्वरूप किल्लतों से जूझ रहे हजारों लोग अभी भी जहां-तहां फंसे हुए हैं.

गोगोई से नाराज है सोनिया और मनमोहन!

नई दिल्ली. सूत्रों के मुताबिक असम सरकार के कामकाज पर केंद्र सरकार बेहद नाखुश है. सूत्रों का कहना है कि राज्य में हो रही घटनाओं से केंद्र सरकार और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी नाराज हैं.

शनिवार को प्रधानमंत्री असम जाएंगे, जहां वह मुख्यमंत्री तरुण गोगोई से उनके खिलाफ शिकायतों पर सफाई मांग सकते हैं. असम हिंसा में अब तक 150 रिलीफ कैंप लगाए गए हैं. अब भी 11 लोग लापता है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कल असम जा रहे हैं जहां वह हालात का जायजा लेंगे. राज्य की विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि सरकार हिंसाग्रस्त इलाकों में शांति स्थापित कर पाने में नाकाम रही है. इसलिए कोकराझार समेत कई जगहों पर दंगाइयों ने जमकर उत्पात मचाया.

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