भोपाल, 21 अप्रैल,मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रिपरिषद के सभी सदस्यों को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि अक्षय तृतीया पर यह सुनिश्चित किये जायें कि कहीं भी बाल विवाह न हों.

चौहान ने पत्र में कहा कि 24 अप्रैल को अक्षय तृतीया का पर्व का अपना सामाजिक एवं धार्मिक महत्व है.इस पर्व पर होने वाले बाल विवाहों को रोकने के लिये आप सभी के द्वारा किये जाने वाले प्रयास निश्चित ही में चलाये जा रहे बेटी बचाओ अभियान में महत्वपूर्ण साबित होंगे. चौहान ने कहा कि अक्षया तृतीया पर्व पर हमारे परिवारों की छोटी-छोटी बेटियां इस दिन गुड्डे-गुडियों का ब्याह रचाती है. बच्चों का यह खेल कभी कभी कुप्रथा में बदल जाता है और कम उम्र के बेटे-बेटियों का विवाह कर दिया जाता है. बचपन में विवाह हो जाने से बच्चों विशेषकर बालिकाओं की शिक्षा,स्वास्थ्य तथा शरीर पर विपरीत असर पडता है. एक दुष्परिणाम यह भी होता है कि बाल विवाह के कारण हमारी बेटियों की शिक्षा अधूरी रह जाती है और कई बार वे निरक्षर भी रह जाती है.

उन्होंने कहा कि बाल विवाह रोकथाम के लिए कडे कानूनी प्रावधान भी किए गए हैं लेकिन पर्याप्त ज्ञान और व्यापक जागरूकता के अभाव में आज भी बाल विवाह हो रहे हैं. ऐसे में बाल विवाह निश्चित ही हम सबके लिए एक सामाजिक कलंक है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह संदेश आमजन तक पहुंचाया जाये कि हर बेटी अब सरकार की जिम्मेदारी है.बेटियों का विवाह कम उम्र में न करें. उन्हें खूब पढने और आगे बढने दें. बेटियों के लिए लाडली लक्ष्मी योजना,मंगल दिवस योजना नि:शुल्क शिक्षा गणवेश नि:शुल्क साईकिल गांव की बेटी योजना मुख्यमंत्री कन्यादान योजना जैसी कई योजनाएं और कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित किया जाये.

Related Posts: