भोपाल, 22 जुलाई. महापौर कृष्णा गौर ने जेएनएनयूआरएम योजनांतर्गत निकाय अंशदान की पूर्ति हेतु नि:शुल्क भूमि आवंटन शीघ्र कराये जाने बाबत् प्रमुख सचिव मध्य प्रदेश शासन को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि नगर निगम भोपाल को 30 प्रतिशत अंशदान की राशि प्रतिपूर्ति हेतु समतुल्य की भूमि निकाय को आवंटित करने हेतु सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करने का आग्रह किया है.

महापौर द्वारा प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश शासन को लिखे पत्र में उनका ध्यान आकर्षित कराने हेतु अनुरोध किया है कि जेएनएनयूआरएम योजना के अंतर्गत नगर निगम की कुल 20 परियोजना स्वीकृत हुई हैं, इन 20 परियोजना में से 19 परियोजनाओं का नगर निगम द्वारा किया जा रहा है. एक परियोजना आवासीय योजना भूमि की अनउपलब्धता के कारण प्रारंभ नहीं हो सकी है. उपरोक्त 19 परियोजनाओं के लिये कुल 1413.67 करोड़ की परियोजना लागत स्वीकृत की गई है, जिसमें से नगर निगम भोपाल को 381.60 करोड़ की राशि निकाय अंशदान के रूप में लगानी है.

वर्तमान स्थिति में कार्यों की लागत बढ़ जाने के कारण निकाय अंशदान की अनुमानित राशि बढ़कर लगभग 600 करोड़ होना संभावित है. जेएनएनयूआरएम योजना अंतर्गत निकाय अंश की भारी भरकम राशि को देखते हुये मुख्यमंत्री जी ने 27 जून-07 को भोपाल शहर के विकास हेतु आयोजित बैठक में निर्देश दिये थे कि निकाय अंशदान की राशि के समतुल्य मूल्य की भूमि निकाय को नि:शुल्क उपलब्ध कराने का प्रावधान राजस्व पुस्तक परिपत्र में किया जावे.
मुख्यमंत्री जी के उपरोक्त निर्देशों के पालन में मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग द्वारा वर्ष-08 में आदेश प्रसारित किये गये.

इस आदेश में जेएनएनयूआरएम योजना अंतर्गत ली जाने वाली परियोजना में निगम के वित्तीय अंशदान की पूर्ति हेतु निगम क्षेत्र में स्थित शासकीय भूमियां बिना प्रब्याजी तथा रु. 1 के नाममात्र भू-भाटक पर भूमि आवंटित किये जाने के अधिकार संभाग आयुक्त को प्रत्यायोजित किये हैं. मध्यप्रदेश शासन द्वारा राजस्व विभाग के उक्त आदेश के परिपालन में नगर निगम के द्वारा भूमि आवंटन के प्रस्ताव 30 प्रतिशत निकाय अंशदान अंतर्गत प्रस्तुत किये हैं.

जिनमें से चार प्रस्ताव निरस्त हो गये हैं व 6 प्रस्ताव विभिन्न स्तरों में प्रचलित हैं व भूमि आवंटन कार्यवाही लंबित है. इस संबंध में संभाग आयुक्त कार्यालय से जानकारी प्राप्त करने पर यह ज्ञात हुआ है कि आयुक्त भोपाल संभाग के द्वारा प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग से भूमि आवंटन हेतु मार्गदर्शन चाहा गया है. उक्त मार्गदर्शन आज तक संभाग आयुक्त कार्यालय को प्राप्त होना अपेक्षित है.

Related Posts: