राष्ट्रीय स्वदेशी महाउत्सव 2011 के तहत

भोपाल, 29 नवंबर. अखिल भारतीय स्वदेशी संघ के तत्वावधान में राष्ट्रीय स्वदेशी महाउत्सव 2011 में हिस्सा ले रहे बच्चों ने दूसरे दिन मार्गदर्शक स्वदेशी संत राजेश पोरवाल एवं संगठन प्रमुख राजेश शर्मा के सानिध्य में गायत्री शक्ति पीठ, एम.पी. नगर, जोन-1 में सुबह 10 बजे प्रदर्शन कर राजनेताओं, अधिकारियों, किसानों एवं व्यापारियों से अपील करते हुए नारे से सुसजित पोस्टरों से संदेश देकर जोश खरोश से नारे लगाते हुए आकाश गुंजायमान कर दिया.

देश के हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से स्कूली बच्चे प्रदेश एवं देश की सकारात्मक क्रांति का आव्हान कर रहे हो. वे अब समझ रहे हैं कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों की रासायनिक खेती के कारण ही हमारे मिट्टी में शरीर को आवश्यक पोषक तत्वों में से प्रमुख आवश्यक तत्वों की कमी के कारण बचपन से ही बंगलों से लेकर झोपड़ी तक में रहने वाले बच्चों तक में अच्छा से अच्छा खाने के बावजूद उन्हें हिमोग्लोबिन का कम होना, उम्र के हिसाब से वजन कम होना, मानसिक और शारीरिक कमजोरियां, आंखों पर चश्मा लगना, हार्मोनल इंबेलेंस, बुद्घि एवं याददास्त कमजोर रहना, सिर दुखना या भारी रहना, हृदय रोग, चर्म रोग, कैंसर, नरवस सिस्टम, ब्रेन हेमरोज, लकवा, हाई ब्लड प्रेशर, सुगर तथा हड्डियों के कमजोर बनने जैसी कई बीमारियां बचपन से ही घर-घर में होने लगी है क्योंकि हमारा प्यारा भारत देश विश्व में सबसे अधिक बीमारियों को देश बन रहा है. क्योंकि हमारा अन्नदाता आत्म हत्याएं कर रहा है. यह सब उनके द्वारा लगाए गए इन नारों से ही स्पष्टï है. प्रदर्शन के बाद बच्चे विधानसभा का अवलोकन करने एवं जनप्रतिनिधियों की विधानसभा में भूमिका को प्रत्यक्ष देखने के लिए उस ओर प्रस्थान कर गए.

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