• वनडे रैंकिंग में भारत से पिछड़े अंग्रेज

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर. इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की मौजूदा सीरीज में 2-0 की बढ़त के साथ भारत ने आईसीसी वनडे रैंकिंग में एक बार फिर चौथा स्थान हासिल कर लिया है. टीम इंडिया अगर एक और जीत दर्ज करती है तो वह इस स्थान पर अपना दावा मजबूत कर लेगी.

इंग्लैंड ने सीरीज की शुरुआत 113 अंक के साथ चौथे स्थान पर की थी लेकिन अब उसके 110 अंक रह गए हैं जबकि भारत के 112 से 115 अंक हो गए हैं. भारत अगर एक और मैच जीतता है तो सीरीज जीतने के अलावा चौथा स्थान भी सुरक्षित कर लेगा. मेजबान टीम अगर 5-0 से जीत दर्ज करती है और दक्षिण अफ्रीका आस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने पहले दो मैच हार जाता है तो भारत तीसरे स्थान पर पहुंच सकता है. वह इस तरह दूसरे स्थान पर मौजूद श्रीलंका से सिर्फ एक अंक पीछे रहेगा. इंग्लैंड भी रैंकिंग में चौथे स्थान पर रह सकता है बशर्ते वह सीरीज के बाकी बचे तीनों मैच जीत ले. सीरीज का तीसरा मैच गुरुवार को मोहाली में खेला जाएगा. वनडे बल्लेबाजों की रैंकिंग में विराट कोहली पांच स्थान की छलांग के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं. उन्होंने हैदराबाद में 37 जबकि दिल्ली में नाबाद 112 रन की पारी खेली थी. गौतम गंभीर की रैंकिंग में भी सुधार हुआ है और वह 32 और नाबाद 84 रन की पारी खेलने के बाद जैक्स कालिस के साथ संयुक्त 11वें स्थान पर हैं.

बल्लेबाजों की रैंकिंग में दक्षिण अफ्रीका के कप्तान हाशिम अमला शीर्ष पर चल रहे हैं जबकि उनके चोटिल साथी बल्लेबाज एबी डिविलियर्स दूसरे स्थान और आस्ट्रेलिया के शेन वाटसन तीसरे स्थान पर हैं. वनडे गेंदबाजों की रैंकिंग में इंग्लैंड के ग्रीम स्वान शीर्ष पर बरकरार हैं. न्यूजीलैंड के डेनियल विटोरी दूसरे स्थान पर हैं. भारतीय आफ स्पिनर आर अश्विन और रविंदर जडेजा की रैंकिंग में भी सुधार हुआ है. अश्विन पांच स्थान के फायदे से 36वें जबकि जडेजा छह स्थान के फायदे से 38वें स्थान पर हैं. प्रवीण कुमार 20वें स्थान पर हैं. युवाओं के प्रदर्शन से माही हुए खुश -भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने इंग्लैंड के खिलाफ लगातार दो मैच में बड़ी जीत का श्रेय काफी हद तक युवा खिलाडिय़ों को देते हुए बताय कि कई बड़े नामों की अनुपस्थिति में इन क्रिकेटरों ने अपनी भूमिका अच्छी तरह से निभाई है.

धोनी ने दूसरे मैच में आठ विकेट की जोरदार जीत के बाद कहा कि जीत हमेशा महत्वपूर्ण होती है और जब यह जीत युवाओं के दम पर मिलती है तो वह खास हो जाती है. मुझे खुशी है कि युवा खिलाडिय़ों ने जरूरत के समय अच्छा प्रदर्शन किया. हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बल्ले और गेंद से उनसे जैसे प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे थे, वे वैसा कर रहे हैं. भारतीय कप्तान ने विशेषकर रूप से तेज गेंदबाज आर विनय कुमार, उमेश यादव, विराट कोहली और स्पिनरों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जीत का श्रेय पूरी टीम को जाता है लेकिन युवाओं का योगदान अहम रहा. भारत इस मैच में सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, जहीर खान जैसे खिलाडिय़ों की अनुपस्थिति में खेल रहा है. धोनी ने कोहली के बारे में कहा कि उसने वास्तव में बहुत अच्छी बल्लेबाजी की. वह युवा है और उसे ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी करने के अधिक मौके दिए जाना जरूरी था ताकि उसे अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में तब्दील करने का मौका मिल जाए. उसमें अब भी सुधार की जरूरत है लेकिन मुझे विश्वास है कि जिस तरह से उसने समय के साथ अपने खेल में सुधार जारी रखा हैए वह आगे भी ऐसा करेगा.

धोनी ने कहा कि गंभीर की नंबर तीन पर पारी काफी महत्वपूर्ण रही. इंग्लैंड के गेंदबाजों को उस समय हल्की स्विंग मिल रही थी और ऐसे में विकेट पर जमे रहना अहम था. गौतम ने शानदार पारी खेली. उनके और कोहली के बीच की साझेदारी ने वास्तव में मैच कुछ हद तक एकतरफा कर दिया. उन्होंने यादव के बारे में कहा कि वह लगातार 130 और 140 किमी की गति से गेंदबाजी कर रहा है. माही के मुताबिक- लेकिन गति ही सब कुछ नहीं होती है. उसे सटीकता, जरूरत पडऩे पर बाउंसर, यार्कर और वैरीएशन भी सीखने होंगे. उम्मीद है कि अनुभव मिलने पर वह इन्हें सीखता रहेगा. इसके साथ ही उसे चोट से भी बचना होगा ताकि वह चोट के कारण कभी कोई मैच मिस नहीं करे.

धोनी ने कहा कि हम विनय कुमार और प्रवीण के योगदान को नहीं भूल सकते. उन्होंने हमें शुरू में ही सफलता दिलाई और फिर गेंदबाजों ने किसी भी समय लंबी साझेदारी नहीं बनने दी. यह काफी महत्वपूर्ण रहा. धोनी से जब पूछा गया कि भारत अपनी सरजमीं पर अच्छी जीत दर्ज कर रहा है जबकि इंग्लैंड में ऐसा नहीं कर पाया, उन्होंने कहा कि मैं इसका एक कारण नहीं बता सकता. इसके कई कारण हो सकते हैं. मुझे लगता है कि वहां की परिस्थितियां हमारे स्पिनरों के अनुकूल नहीं थी जबकि वे हमारे आक्रमण के मुख्य अंग हैं. इसके अलावा वहां डकवर्थ लुईस के कारण भी हमारी कुछ मैच में हार हुई. इन जीत में कोच डंकन फ्लेचर के योगदान के बारे में उन्होंने कहा कि फ्लेचर ने काफी प्रभाव डाला है. वह अब भी हमें वैसे ही इनपुट दे रहे हैं जैसे इंग्लैंड में दे रहे थे. कभी ये चल जाते हैं कभी नहीं चल पाते. आखिर में खेलना खिलाडिय़ों को होता है. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर को सभी परिस्थितियों से तालमेल बिठाना आना जरूरी है. सही समय पर सही प्रदर्शन करना महत्व रखता है. हमने वैसे अपने एबीसी सभी प्लान तैयार रखे हैं.

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