पिछले सात-आठ सालों में इंटरनेट संचार का सबसे सशक्त माधयम बन चुका है. उधर टेलीफोन के मोबाइल संस्करण ने ईमेल और चैट के आगमन से शुरू हुई संचार क्रांति को नया विस्तार दे दिया है. आज

विश्व का हर पांचवां व्यक्ति इंटरनेट या मोबाइल फोन के जरिए एक विस्मयकारी विश्वव्यापी संचार नेटवर्क के संपर्क केंद्र की भूमिका निभा रहा है और आपसी संपर्क के तौर-तरीकों को लगभग पूरी तरह बदल डालने वाली यह अनूठी परिघटना उसके माधयम से समाज के निम्नतम बिंदु तक पहुंच रही है

इंटरनेट स्पैम

डिजिटल संपर्क के इन दिनों में संदेशों का आदान-प्रदान न तो मुश्किल रहा, न समय-साधय, न अनिश्चिततापूर्ण और न ही महंगा. ब्रॉडबैंड और मोबाइल सेवा प्रदाता अपने कनेक्शनों को कुछ इस अंदाज में बेच रहे हैं जैसे संचार के साधानों का प्रयोग भोजन से भी बड़ी अनिवार्यता बन गया है. संचार क्रांति के इस आश्चर्यलोक ने भौतिक संदर्भ में हमें अप्रत्याशित रूप से एक-दूसरे के करीब ला दिया है, हमें पहले से अधिक सूचना-सक्षम बना दिया है और पारंपरिक डाक व टेलीफोन व्यवस्था पर होते रहे अरबों-खरबों डालर प्रतिमाह के खर्चों को यकायक औचित्यहीन बना दिया है. लेकिन जैसा कि हर अच्छी चीज के साथ होता है, इस असीमित संचार शक्ति के भीतर से भी बहुत सारे नकारात्मक पहलू उभर आए हैं। ऐसे पहलू, जो कभी हमें क्रोधित करते हैं, कभी परेशान करते हैं, कभी उलझन में डालते हैं तो कभी शर्मसार भी कर देते हैं.

ईमेल और मोबाइल फोन से जुड़ी सबसे चिंताजनक समस्याओं में से एक है अवांछित, थोपी हुई और हमें काफी हद तक बेबस सिध्द  कर देने वाली अश्लीलता की। न जाने हमारे कौन-कौन-से अदृश्य शुभेच्छु और प्रियजन उभर आए हैं जिन्हें लगता है कि हमें इन अश्लील संदेशों में गहरी दिलचस्पी है और एकाधा नहीं बल्कि कुछेक दर्जन संदेशों के बिना हमारा काम नहीं चलने वाला. आज शायद ही इंटरनेट और मोबाइल फोन का प्रयोग करने वाला कोई व्यक्ति हो जिसके पास ‘प्राकृतिक वियाग्रा’ से लेकर नैसर्गिक शारीरिक तक को प्रभावित करने वाली औषधिायों के विज्ञापन, पोर्नोग्राफिक संदेश, अश्लील एसएमएस या एमएमएस, अभद्र चुटकुले, डेटिंग की ‘इच्छुक’ युवतियों के ईमेल या चैट संदेश, अल्पवयस्क स्कूली बालाओं के चित्रा तथा वीडियो देखने के आमंत्राण आदि न आते हों. आप चाहें या न चाहें, यदि आप इंटरनेट या मोबाइल फोन सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं तो इन सभी नि:शुल्क सेवाओं की सूचनाएं प्राप्त करते रहने के लिए अभिशप्त हैं स्पैम, स्पिम और पिफशिंग जैसे नामों से कुख्यात ये अवांछित संदेश शुरू में तो यदा-कदा ही दिखाई देते थे लेकिन अब वे एक गंभीर बीमारी में बदल गए हैं जो अच्छी नीयत से विकसित की गई एक स्वस्थ तकनीक को आ लगी है.

अश्लील संदेशों की समस्या से त्रास्त लगभग हर व्यक्ति का प्रश्न होता है कि आखिर ये कौन लोग हैं जो ‘उन्हें’ ऐसे संदेश भेजना चाहते हैं? क्या उनके पास बेवजह बर्बाद करने के लिए इफरात का वक्त है? ऐसा करने के पीछे उनका उद्देश्य क्या है? वास्तव में इंटरनेट और मोबाइल उद्योग में अश्लील संदेशों का एक विशाल उद्योग खड़ा हो गया है। इन संदेशों को भेजने वाले चाहते हैं कि वे किसी भी तरह आपको या तो किसी खास पोर्नोग्रापिफक वेबसाइट पर खींच ले जाएं, आपको कोई यौन उत्पाद खरीदने के लिए प्रेरित करें, या फिर किसी खास वस्तु, कंपनी, सेवा, सलाह आदि के प्रचार के माधयम के रूप में ऐसे संदेशों का प्रयोग करें. कुछ हैकर या स्पैमर आपको बिना किसी उत्पाद के भी धन भेजने के लिए कह सकते हैं तो कुछ किसी न किसी तरह आपके क्रेडिट कार्ड का नंबर पाने का प्रयास कर सकते हैं जिसका इस्तेमाल बाद में आपके खातों से रकम उड़ाने में किया जा सकता है. कुछ अवांछित संदेशों का उद्देश्य आपके कंप्यूटर में जासूसी सॉफ्रटवेयर ;स्पाईवेयरध्द और वायरस भेजना भी होता है.

अमेरिका के वर्जीनिया प्रांत में कुछ समय पहले जेन्स नामक व्यक्ति को अवांछित अश्लील ईमेल भेजने का अभियान चलाने के आरोप में नौ साल की कैद हुई है। यह व्यक्ति इंटरनेट पर ‘स्पैम किंग’ के नाम से कुख्यात था और उसका दावा था कि अश्लील ईमेल के धंधो से उसकी सालाना कमाई साढ़े सात लाख डॉलर प्रति माह तक पहुंच गई थी! चंद उत्साही-अनभिज्ञ लोगों और छुटभैया ब्लैकमेलरों को छोड़ दें तो अश्लील ईमेल और एसएमएस के अभियान चलाने वाले लोग पूरे प्रोपफेशनल अंदाज में यह काम करते हैं. ये लोग एक घंटे में एकाधा लाख ईमेल भेजने की क्षमता वाले सॉफ्रटवेयरों का इस्तेमाल कर नकली ईमेल पतों से लाखों अश्लील ईमेल भिजवाते हैं. यह नगण्य निवेश वाला ‘मलाईदार’ उद्योग है जिसे चलाने के लिए महज एक कंप्यूटर और इंटरनेट कनेक्शन काफी है.

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