नेशनल ज्यूडिशियल अकादमी में कार्यशाला

भोपाल, 25 अप्रैल,नभासं. नेशनल ज्यूडिशियल अकादमी भोपाल में हुई कार्यशाला में विभिन्न राज्य से आये न्यायाधीशों ने मध्यप्रदेश में लोक अभियोजन विभाग द्वारा किये गये कार्यों की सराहना की है .

कार्यशाला में महाराष्ट्र और गुजरात उच्च न्यायालय के न्यायाधीश 18 प्रांतों के प्रतिनिधि अभियोजन अधिकारी और अभिभाषक शामिल हुए कार्य शाला में बताया गया कि मध्यप्रदेश में गृह मंत्री उमांकर गुप्ता के मार्गदर्शन में वर्ष 2011-12 में 344 वरिष्ठ अभियोजन अधिकारियों को विधिक एवं कम्प्यूटर संबंधी प्रशिक्षण दिलाया गया. अभियोजन अधिकारियों को ई-लायब्रेरी साफ्टवेयर खरीदने के साथ ही लैपटाप भी उपलब्ध करवाये गए .अभियोजन अधिकारियों ने लैपटाप में प्रदेश के सभी 50 जिलों के जघन्य एवं सनसनीखेज अपराधों महिला उत्पीडन संबंधी प्रकरणों और एन.डी.पी.एस. से संबंधित प्रकरणों की जानकारी अपलोड की . इससे राज्य स्तर पर प्रकरणों की मानीटरिंग में आसानी हुई और उनके निराकरण में भी तेजी आयी.

यह सब जानकारी मिलने पर विभिन्न प्रदेशों के न्यायाधीशों ने संचालक लोक अभियोजन डॉ. अनिल पारे को कार्यशाला में आमंत्रित कर उनसे ई-लायब्ररी अभियोजन अधिकारियों को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित करने और अपराधों से संबंधित जानकारी का साफ्टवेयर तैयार करवाने आदि की जानकारी ली . यह जानकारी प्राप्त करने के बाद प्रतिभागी न्यायाधीशों ने कहा कि इस तरह का कार्य पूरे देश में केवल मध्यप्रदेश में हो रहा है. कार्यशाला में गुजरात के न्यायाधी पी.के. त्रिपाठी आर.एम.छाया और महाराष्ट्र उच्च न्यायालय की न्यायाधीश सुन्दरम बलोटा और 18 राज्यों के प्रतिनिधि के रूप में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभियोजन अधिकारी पुलिस इंसपेक्टर सामाजिक कार्यकर्ता एन.जी.ओ. प्रतिनिधि और अभिभाषक शामिल थे .  इस अवसर पर  महाराष्ट्र और गुजरात उच्च न्यायालय के न्यायाधीश 18 प्रांतों के प्रतिनिधि अभियोजन अधिकारी और अभिभाषक शामिल हुए.

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