हर कोई देखना चाहता है नायाब 37.68 कैरेट का बेशकीमती रत्न.

पन्ना, 10 नवम्बर.  रत्नगर्भा पन्ना जिले की धरती में स्थित एशिया की इकलौती मैकेनाइज्ड एनएमडीसी हीरा खदान में 37.68 कैरेट वजन वाला जेम क्वालिटी का बेशकीमती नायाब हीरा मिला है. धरती की कोख से निकले इस हीरे की एक झलक पाने के लिए आज एनएमडीसी हीरा खनन परियोजना मझगवां में लोगों का तांता लगा रहा. पिछले 43 वर्षों में इस खदान से निकले हीरों में यह सबसे बड़ा है.

उल्लेखनीय है कि जिला मुख्यालय पन्ना से 20 किमी. दूर मझगवां में एनएमडीसी की विश्व प्रसिद्घ हीरा खदान स्थित है. इसी खदान से 9 नवम्बर को सायं यह नायाब हीरा प्राप्त हुआ है. अब तक का सबसे बड़ा हीरा मिलने से हीरा खनन परियोजना मझगवां में जश्र का माहौल है. परियोजना के सहायक महाप्रबंधक एवं जियोलाजिस्ट राजीव बाधवा ने बताया कि चार दशक पूर्व वर्ष 1968 में मझगवां हीरा खदान शुरू हुई थी, तब से लेकर आज तक यहां से लाखों कैरेट हीरों का उत्पादन हुआ है लेकिन 9 नवम्बर को मिला हीरा अब तक का सबसे बड़ा हीरा है. श्री बाधवा ने बताया कि जून 2010 में इसी खदान से 34.37 कैरेट वजन का हीरा मिला था. आपने प्रशन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि 37.68 कैरेट वजन वाला हीरा जेम क्वालिटी का है, जो काफी अच्छा माना जाता है. इस हीरे के अलावा 9 नवम्बर को जेम क्वालिटी का ही एक 10 कैरेट वजन का हीरा और मिला है. ये दोनों हीरे हर किसी के लिए आकर्षण का केन्द्र बने हुए हैं. मझगवां खदान से निकले नायाब हीरे की कीमत के बारे में पूंछे जाने पर सहायक महाप्रबंधक श्री बाधवा ने बताया कि इसकी कीमत का अनुमान लगाया जाना अभी मुश्किल है परियोजना के हीरा पारखी इस हीरे की क्वालिटी और गुणवत्ता की जांच करने के बाद ही कीमत का निर्धारण करेंगे. मालुम हो कि कुछ वर्ष पूर्व मझगवां हीरा खदान से 30 कैरेट वजन का जेम क्वालिटी वाला हीरा निकला था, जिसकी नीलामी होने पर वह 96 लाख रू. में बिका था. इस लिहाज से 9 नवम्बर को मिला 37.68 कैरेट का हीरा जो कि जेम क्वालिटी का ही है, उसकी अनुमानित कीमत एक करोड़ रू. से अधिक हो सकती है. श्री बाधवा ने बताया कि मझगवां खदान से अच्छी क्वालिटी के बड़े हीरे मिलने शुरू हुए हैं. उन्होंने उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में इस खदान से और भी बड़े व नायाब हीरे मिल सकते हैं.
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