स्कूल शिक्षा मंत्री चिटनीस रिजल्ट घोषित करने पहुंचीं तय समय से दो घंटे देर, हाईस्कूल की प्रावीण्य सूची में राजधानी नदारत

भोपाल, 4 जून, नभासं. मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल के परिणामों को देखने छात्रों को तय समय के बाद दो घंटों का लंबा इंतजार करना पड़ा. इंतजार की वजह स्कूल शिक्षा मंत्री अर्चना चिटनीस का देर से मण्डल कार्यालय पहुंचना बताया जा रहा है.

उल्लेखनीय है कि शिक्षा मण्डल अधिकारियों ने हाईस्कूल का परिणाम सोमवार को शाम 5 बजे घोषित करने का ऐलान किया था. लेकिन स्कूल शिक्षा मंत्री मण्डल कार्यालय 5 बजे नहीं पहुंच सकीं, इस वजह से अधिकारियों ने दो घंटे कार्यक्रम आगे बढ़ा दिया. जब शाम 6:40 में स्कूल शिक्षा मंत्री चिटनीस वहां पहुंची तब जाकर रिजल्ट घोषित किया गया. इस दौरान मण्डल कार्यालय में रिजल्ट देखने पहुंचे अधिकतर छात्र व उनके परिजन परेशान होते दिखे. घोषित परिणामों की प्रवीण्य सूची में राजधानी समेत इंदौर, ग्वालियर जैसे बड़ों शहरों के छात्र गायब हैं. इनके मुकाबले छोटे शहरों के छात्रों का प्रदर्शन अच्छा रहा. मण्डल द्वारा जारी अस्थाई प्रवीण्य सूची में देवास, रतलाम, बैतूल, सतना, मण्डला, रीवा, दतिया, बैतूल के छात्रों ने प्रवीण्य सूची में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहे हैं.

इस वर्ष नियमित परीक्षार्थियों में छात्रों ने बाजी मारी है. नियमित में उत्तीर्ण छात्रों का परीक्षा परिणाम 54.04 तथा छात्राओं का 53.72 जबकि स्वाध्यायी में उत्तीर्ण छात्रों का परीक्षाफल 21.82 तथा छात्राओं का 21.75 रहा है. इस वर्ष भी पूर्व वर्ष अनुसार हाईस्कूल परीक्षा में दो विषयों में अनुत्तीर्ण परीक्षार्थियों को पूरक की पात्रता प्रदान की गई है. इस वर्ष व्यक्तिगत नकल प्रकरणों की संख्या 2009 रही है. सामूहिक नकल प्रकरणों की संख्या 3402 रही. मण्डल द्वारा कुल 374 परीक्षार्थियों की परीक्षा प्रात्रता न होने के कारण निरस्त की गई.

माध्यमिक शिक्षा मंडल के परीक्षा परिणाम आने के बाद शहरभर में जश्र का माहौल रहा. शहर का हर युवा खुशियों में डूबा रहा. साइबर कैफे, बोर्ड आफिस में रिजल्ट देखने वाले छात्रों की भीड़ जमा रही. वहीं अपने लाडले-लाडलियों के परिणामों से खुश अभिभावकों के खुशी का भी ठिकाना नहीं रहा. लोग फोन व अन्य माध्यमों से अपने होनहारों की सफलता की सूचना देते दिखे. माशिमं के घोषित परिणामों की टाप लिस्ट में राजधानी समेत बड़े शहरों के छात्रों अपना कब्जा जमाने में असफल रहे. घोषित परिणामों में भोपाल, इंदौर, जबलपुर का कोई भी छात्र टाप टेन में नहीं आ सका. जितने छात्र माशिमं की परिणाम में टाप टेन में हैं वह सभी छोटे-छोटे शहरों के  हैं. कहा जाए तो बड़े शहरों में शासकीय स्कूलों की हालत चिंता जनक है. हालांकि इसका सबसे बड़ा कारण यहां चल रही सीबीएसई स्कूलें हैं जिनमें शहर के अधिकतर अच्छे छात्र पढ़ रहे हैं.

माध्यमिक शिक्षा मंडल के रिजल्ट में राज्य के अशासकीय विद्यालयों का परीक्षाफल शासकीय विद्यालयों से बेहतर रहा. अशासकीय विद्यालयों का 57.71 एवं शासकीय विद्यालयों का 50.82 प्रतिशत रिजल्ट रहा. जबकि पिछले वर्ष अशासकीय विद्यालयों का रिजल्ट आगे रहा था.
परीक्षार्थियों को प्राप्त अंकसूची में यदि किसी प्रकार की लिपिकीय त्रुटि है तो वह परीक्षा परिणाम घोषित होने के दिन से तीन माह के अंदर तक मंडल द्वारा निशुल्क सुधार किया जाएगा. इसके बाद यदि कोई छात्र मार्कशीट में सुधार करवाना चाहेगा तो आवेदन के साथ शुल्क देना होगा.
किसी छात्र को यदि अपनी उत्तर पुस्तिका की छाया प्रति लेनी है तो उसे परीक्षा परिणाम की घोषणा की तिथि से 30 दिन में आवेदन एमपी आनलाइन पर डेबिट कार्ड अथवा इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से 100 रूपए प्रति उत्तर पुस्तिका की दर से शुल्क जमा करना होगा.

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