दिल्ली, 1 जून. सेना प्रमुख का पद सम्भालने के बाद पहले ही दिन जनरल बिक्रम सिंह ने शुक्रवार को सेना के सामने खड़ी कठिनाइयों के सम्बंध में सख्त संदेश दिया. इनमें संयुक्त राष्ट्र कांगो मिशन में तैनाती के दौरान यौन दुराचार सम्बंधी आरोप शामिल हैं. जनरल सिंह ने कहा कि ऐसे किसी भी विवाद को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा.

ब्रिकम सिंह ने यहां साउथ ब्लॉक लॉन में गार्ड ऑफ ऑनर के बाद संवाददाताओं से कहा कि उनकी प्राथमिकता सेना को धर्मनिरपेक्ष, गैरराजनीतिक बल बनाए रखने का होगी. जनरल वी.के. सिंह से कार्यभार ग्रहण करने वाले बिक्रम सिंह ने कहा कि 11.30 लाख सैनिकों वाली इस सेना की सभी इकाइयां और इसके कमांडर इस संगठन की आंतरिक सेहत सुधारने के लिए काम करते हैं और यह प्रयास लगातार जारी रहेगा. बिक्रम सिंह, सेना प्रमुख का पद सम्भालने वाले सिख समुदाय के दूसरे व्यक्ति हैं. उन्हें कई कठिनाइयों से उबरना है. इसमें एक कानूनी जंग भी शामिल है, जिसके कारण उन्हें सेना प्रमुख का पद सम्भालने से रोकने की कोशिश भी हुई थी. बिक्रम सिंह, संयुक्त राष्ट्र कांगो मिशन के उप कमान अधिकारी थे, जब संयुक्त राष्ट्र के निगरानी दल ने भारतीय बलों पर स्थानीय महिलाओं के यौन शोषण में लिप्त होने का संकेत दिया था. बिक्रम सिंह गुरुवार तक कोलकाता स्थित पूर्वी सैन्य कमान अधिकारी थे.

कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें वीके सिंह: बीईएमएलचीफ

बैंगलोर. रक्षा मंत्रालय के उपक्रम भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक वी आर एस नटराजन ने टाट्रा ट्रकों को लेकर पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वी के सिंह की टिप्पणियों को ‘असत्य’ और ‘अपमानजनक’ करार देते हुए आज धमकी दी कि वह माफी मांगें या कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें. नटराजन ने जनरल सिंह के सेनाध्यक्ष पद से अवकाश ग्रहण करने की अगली सुबह एक संवाददाता सम्मेलन बुलाकर उन पर हमला बोला.

नटराजन ने कहा कि टाट्रा ट्रकों की खरीद का फैसला 1986 में उनके पूर्ववर्ती बीईएमएल प्रमुख के कार्यकाल में निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही किया था जिसमें रक्षा मंत्रालय की निगरानी में रक्षा खरीद नियमावली (डीपीपी) का पालन किया गया था. नए वाहनों की गुणवत्ता पर भी कोई संदेह नहीं है. उन्होंने कहा कि जनरल सिंह की टिप्पणियां असत्य और दुर्भावना से प्रेरित हैं. वह मांग करते है कि जनरल सिंह अपनी टिप्पणियों के लिये माफी मांगें अन्यथा उन्हें कानूनी नोटिस भेजा जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने माफी नहीं मांगी तो मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे. यह पूछे जाने पर कि उन्होंने जनरल सिंह के अवकाश ग्रहण करने के बाद ये प्रतिक्रिया क्यों दी?

पहले क्यों नहीं बोले तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में कुछ दिन पूर्व ही पत्र मिला है जिसके बाद उन्होंने कानूनी परामर्श करने के बाद अपना पक्ष रखा है. इसका जनरल सिंह के सेवानिवृत्ति होने या न होने से कोई संबंध नहीं है. उल्लेखनीय है कि जनरल सिंह ने टाट्रा के नए वाहनों को अनुपयोगी एवं खराब गुणवत्ता का बताया था और उसकी खरीद में गड़बड़ी का शक जताया था.

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