चेन्नई, 17 जुलाई. टीम इंडिया के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने आज कहा कि पिछले कठिन सत्र के बाद मिले लंबे ब्रेक से टीम फिर से तरोताजा हो गयी है और उसके लिए नए सत्र की शुरआत जीत के साथ करना बेहद अहम है.

धोनी ने श्रीलंका दौरे पर रवाना होने की की पूर्व संध्या पर यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि डेढ़ महीने के ब्रेक से खिलाड़ी एकदम तरोताजा हो गए हैं. उन्होंने कहा कि 2008 सत्र के बाद यह पहला मौका है जब हमें इतना बड़ा ब्रेक मिला है. वर्ष 2007 के विश्वकप में हार के बाद हमें सबसे बड़ा ब्रेक मिला था. उन्होंने कहा कि इस ब्रेक से खिलाडिय़ों को अपनी थकान मिटाने का मौका मिला है और वे एक बार फिर मैदान पर पूरे जोशोखरोश के साथ खेलने को तैयार हैं. भारतीय टीम बुधवार को श्रीलंका रवाना होगी जहां उसे 21 जुलाई से पांच मैचों की वनडे सीरीज और एकमात्र ट्ïवंटी-20 मैच खेलना है.

भारतीय कप्तान ने कहा कि ब्रेक के कारण खिलाडिय़ों के हावभाव अब बदल गए हैं और वे एकदम तरोताजा लग रहे हैं. पिछले दिन हमने यहां अभ्यास किया और अब हम श्रीलंका से खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. श्रीलंका दौरे की तैयारियों के लिए दो दिवसीय शिविर को आज बारिश के कारण तय समय से पहले ही समाप्त कर देना पड़ा था. धोनी ने कहा कि भारतीय खिलाड़ी श्रीलंका की परिस्थितियों से भलीभांति परिचित हैं.

उन्होंने कहा कि श्रीलंका की परिस्थितियों से अभ्यस्त होना मुश्किल नहीं होगा क्योंकि वह हमारे लिए कोई नयी जगह नहीं है. वर्ष 2005 से हम नियमित रूप से श्रीलंका का दौरा करते आए हैं. कभी-कभी तो हम साल में दो बार भी वहां गए हैं. उन्होंने कहा कि श्रीलंका में भी लगभग भारत की ही तरह हैं. भारतीय कप्तान ने कहा कि भारत और श्रीलंका में मौसम तथा क्रिकेट की परिस्थितियां लगभग समान हैं. दो दिवसीय शिविर के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि इसमें क्षेत्ररक्षण जैसे पहलुओं पर ज्यादा ध्यान दिया गया.

धोनी ने कहा कि जहां तक रणनीति का प्रश्न है तो मैं इसका खुलासा नहीं करना चाहता हूं. साथ ही क्षेत्ररक्षण में सुधार पर भी खासा ध्यान दिया गया है. हम खेल के तीनों विभागों यानी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण पर ध्यान दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि हर दौरा अपने आप में अलग होता है लेकिन हमें अच्छा प्रदर्शन करना होगा क्योंकि हमारे लिए नए सत्र की शुरूआत जीत के साथ करनी जरूरी है. जहां तक कप्तान की भूमिका का सवाल है तो उसका काम खिलाडिय़ों की प्रतिभा का सही ढंग से इस्तेमाल करना होता है.

टीम इंडिया की नई ट्रेनिंग पोशाक जारी

चेन्नई. भारतीय कोच डंकन फ्लेचर और छह अन्य क्रिकेटरों ने यहां एमए चिदंबरम स्टेडियम में श्रीलंका जाने वाली टीम के लिए नई ट्रेनिंग पोशाक जारी की.

इस अवसर पर विराट कोहली, रोहित शर्मा, जहीर खान, रविचंद्रन अश्विन, अजिंक्या रहाणे और प्रज्ञान ओझा भी उपस्थित थे. यह पोशाक नाइकी ने तैयार की है. फ्लेचर ने कहा कि क्रिकेटर जब अभ्यास करते हैं तो उनकी पोशाक ऐसी होनी चाहिए जो उन्हें सही तरह से सुरक्षा, इधर उधर चलने में सहजता और लचक प्रदान करे. इसके अलावा खिलाड़ी अलग-अलग वातावरण में अभ्यास करते हैं.

अभ्यास के लिए पोशाक तैयार करते समय ये सभी कारक अहम भूमिका निभाते हैं और मुझे उम्मीद है कि नाइकी की यह नई पोशाक इन जरूरतों को पूरा करेगी. कोहली ने कहा कि क्रिकेट में कई घंटों तक अभ्यास करना पड़ता है. पोशाक हल्की और सहज है और इससे शरीर में हवा का प्रवाह बढ़ता है. इससे शरीर में ठंडक बनी रहती है और इससे अभ्यास में मदद मिलेगी.

अपनी पोजीशन को लेकर परेशान नहीं हूं

चेन्नई. गौतम गंभीर ने कहा कि वह भारतीय क्रिकेट टीम में अपनी पाजीशन को लेकर परेशान नहीं हैं और वह सच्चे पेशेवर की तरफ टीम में अपनी भूमिका निभाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.

गंभीर ने श्रीलंकाई दौरे के लिए अभ्यास शिविर के पहले दिन पत्रकारों से कहा कि मैं टीम में अपने को लेकर परेशान नहीं हूं. पेशेवर होने के कारण मेरा काम अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन करना तथा अपने देश और टीम के लिए अच्छा खेलना है. युवा स्टार विराट कोहली को मार्च में बांग्लादेश में खेले गए एशिया कप के लिए गंभीर की जगह उप कप्तान बनाया गया था. इस दौरे के लिए भी उन्हें उप कप्तान बनाए रखा गया है. गंभीर ने भी दिल्ली के अपने साथी वीरेंद्र सहवाग की तर्ज पर कहा कि टीम को सफलता केवल कप्तान के कारण नहीं मिलती है.

उन्होंने कहा कि मैं हमेशा से कहता रहा हूं कि यदि टीम अच्छी है तो कप्तान भी अच्छा है। सफलता का श्रेय केवल कप्तान को नहीं बल्कि पूरी टीम को जाता है. केवल 23 खिलाडिय़ों को ही नहीं बल्कि टीम के सहयोगी स्टाफ और प्रबंधन स्टॉफ को भी श्रेय जाता है. गंभीर ने कहा कि टीम को सत्र के शुरू में श्रीलंका में अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत है. इस सत्र में भारत को इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों का सामना करना है. उन्होंने कहा कि यह नए सत्र में नई सीरीज होगी और हमें इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली सीरीजों के लिए लय हासिल करने के लिए पूरी तरह से पेशेवर रवैया अपनाना होगा.

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