छतरपुर. 2 जनवरी नससे. जिला चिकित्सालय में अजीबो-गरीब स्थिति है. जहां मरीजों को हाड़ कपाने वाली ठंड से जूझना पड़ रहा है. वहीं ड्यूटी पर तैनात नर्स और डॉक्टर सरकारी खर्चे पर हीटर चलाकर अपनी ठंड बचा रहे हैं.

सोमवार को देखा गया कि स्टाफ नर्स कक्ष में टेबिल पर रखा हीटर घंटों जलता रहा. यहां तक कि यह हीटर बिना किसी की उपस्थिति पर भी रूम को गर्मी दे रहा था. इस दोहरी व्यवस्था से अस्पताल में मौजूद कई लोग नाराज थे. कहा गया कि जनता के पैसे से अस्पताल के कर्मचारी ऐश कर रहे हैं और गरीब लोग कड़कड़ाती ठंड में अपने हाल पड़े हुए हैं.हर वार्ड में मरीजों के लिए ठंड से बचने कोई व्यवस्था नहीं की गई है. विस्तरों में रैग्जीन के गद्दे बिछे हुए हैं जो हमेशा ठंडे बने रहते हैं. ओढने के लिए महज दुबला-पतला एक कम्बल उपलब्ध कराया गया है.

कई मरीजों को घर से रजाई आदि लानी पड़ी है. इलाज करा रहे मरीजों ने बताया कि इस अस्पताल में उन्हें कोई सुविधा मुहैया नहीं कराई गई है. ठंड से ठिठुर रहे वृद्ध मरीजों ने बताया कि कई बार नर्सों से दो कम्बल उपलब्ध कराने की बात कही गई लेकिन उन्हें डांट-डपटकर भगा दिया गया. मरीज के परिजन रामनाथ कोरी का कहना है कि वह पिछले तीन दिन से अस्पताल में नजारा देख रहा है. कभी कभार अधिक ठंड लगने के कारण अगर नर्स के कक्ष में लगे हीटर के पास पहुंच गए तो उन्हें दुत्कार कर भगा दिया जाता है. गरीबों के साथ यहां अन्याय किया जा रहा है. एक नर्स ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर कहा कि उन्हें रात्रिकालीन सेवाएं देना पड़ती हैं. ऐसे में हीटर के बिना बैठ पाना मुश्किल होगा. मरीजों के लिए सुविधाएं देने का काम स्वास्थ्य प्रशासन का है, हमारा नहीं.

Related Posts: