सरकार की तमाम कोशिशों को धत बताते हुए खाद्य वस्तुओं की महंगाई काबू से बाहर होने लगी है। खाने-पीने की चीजों के महंगा होने से आम लोगों की जीवन दुश्वार हो गया है। खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर 12 फीसदी के पार पहुंच गई है। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि महंगाई खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि त्योहारों की वजह से महंगाई बढ़ी है। दूसरी ओर भाजपा ने बढ़ती महंगाई के लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहराया है।

कोशिशों का नहीं दिख रहा असर – महंगाई को लेकर सरकार नित नए उपायों की घोषणा करती रही है, लेकिन उसकी कोशिशों का असर महंगाई को काबू करने में नहीं दिख रहा है। 22 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह के दौरान खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर 12.21 फीसदी हो गई है। यह इसके पहले वाले सप्ताह में 11.43 फीसदी थी। पिछले सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा प्रमुख दरों में वृद्धि के बावजूद खाद्यान्न महंगाई दर का बढऩा चिंता का विषय है। रिजर्व बैंक और केंद्र सरकार हालांकि लगातार कह रही है कि दिसम्बर से महंगाई दर में कमी आएगी।

आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़े
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक मछली, मांस और अंडे की कीमतों में वृद्धि के कारण महंगाई दर बढ़ी है। मूंग, मसूर, उड़द और फल एवं सब्जियों की महंगाई में हालांकि थोड़ी कमी आई है। समीक्षाधीन अवधि के दौरान प्राथमिक वस्तुओं के सूचकांक में 12.08 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। पिछले सप्ताह इसमें 11.75 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई थी। ईंधन और बिजली सूचकांक में हालांकि मामूली कमी के साथ 14.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। समीक्षाधीन अवधि के दौरान गैर खाद्य वस्तुओं के सूचकांक में भी कमी आई। यह समीक्षाधीन अवधि के पहले के सप्ताह के 7.67 फीसदी से घटकर यह 6.43 फीसदी पर आ गई। जनवरी 2010 के बाद से ही मुद्रास्फीति की दर दहाई अंक के करीब बनी हुई थी। थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मासिक मुद्रास्फीति की दर सितम्बर में 9.72 फीसदी रिकार्ड की गई। पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में समीक्षाधीन अवधि में प्रमुख वस्तुओं के दामों में निम्नलिखित उतार-चढ़ाव देखा गया।

महंगाई के लिए संप्रग जिम्मेदार: गडकरी
महंगाई को लेकर संप्रग सरकार को घेरते हुए भाजपा ने कहा है कि प्रधानमंत्री, वित्तमंत्री के घोषणाओं के बावजूद महंगाई कम नहीं हो रही है. पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा कि जब तक केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार रहेगी तब तक महंगाई और भ्रष्टाचार में कमी नहीं आयेगी.गडकरी ने कहा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, मौजूदा वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की अनेक घोषणाओं के बावजूद महंगाई कम होने का नाम नहीं ले रही. जब भी ये नेता महंगाई कम करने की बात करते हैं, कीमतें और बढ़ जाती हैं. महंगाई के बेतहाशा बढऩे का एक कारण संप्रग सरकार का भ्रष्ट शासन है.

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