फिल्म कहानी की कथा लिख चुकीं अद्वैत काला कहती हैं कि महिलाएं भी हीरो हैं और उन्हें बॉलीवुड में बेहतर ढंग से प्रस्तुत किए जाने की आवश्यकता है. कहानी ने 54.55 करोड़ रुपये का व्यवसाय किया है. काला ने कहानी का उदाहरण पेश करते हुए कहा, महिलाओं को वस्तु की तरह इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. उन्हें किरदार में ढालना चाहिए.

नायक द्वारा नायिका को स्वीकृति दिए जाने की जरूरत है. भारतीय सिनेमा से अब लिंग संवेदनशील मानसिकता की विदाई होना चाहिए. कहानी में विद्या बालन ने एक गर्भवती महिला की भूमिका निभाई है. इस महिला को अपने पति की तलाश रहती है. फिल्म की कहानी 2009 में आए काला के उपन्यास ऑल्मोस्ट सिंगल पर आधारित है. उनके इस उपन्यास की 100,000 से ज्यादा प्रतियां बिक चुकी हैं. काला का उपन्यास 30 व इससे अधिक उम्र की अकेली महिलाओं की कहानी पेश करता है. उन्होंने कहा, बॉलीवुड में महिलाओं का बेहतर प्रतिनिधित्व होना चाहिए. एक अच्छी अभिनेत्री वह है जो अपने स्त्रीत्व को प्रदर्शित कर सके. अब काला टेलीविजन के दर्शकों को ध्यान में रखते हुए एक धारावाहिक की पटकथा लिख रही हैं. वह इसे अद्भुत पटकथा बताती हैं.  काला ने कहा, कहानी के लिए कथा लिखने का अनुभव अद्भुत था लेकिन अब मैं एक नए टीवी धारावाहिक की पटकथा लिख रही हूं. मुझे पीछे मुड़कर देखना पसंद नहीं है. वह मानती हैं कि बॉलीवुड में नई फिल्मी पटकथाएं बहुत रचनात्मक हैं. उन्होंने कहा, अब पटकथाएं ज्यादा रोचक हैं. निर्देशक सुजॉय घोष की कहानी ने बॉक्सऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर 54.55 करोड़ रुपये का व्यवसाय किया है लेकिन काला पान सिंह तोमर को साल की सर्वश्रेष्ठ फिल्म मानती हैं.

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