भारतीय टीम जीत की लय बरकरार रखने उतरेगी

विशाखापट्टनम,1 दिसबंर.  कटक में अटक-अटककर जीत की मंजिल पर पहुंची भारतीय टीम शुक्रवार को जब यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे एकदिवसीय में उतरेगी तो उसका लक्ष्य पिछले मैच की गलतियों से सबक लेकर जीत की लय बरकरार रखना होगा.

नियमित कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी की गैर-मौजूदगी में खेल रही भारतीय टीम को कटक एकदिवसीय में जीत के लिए 212 रन के मामूली लक्ष्य तक पहुंचने में काफी पसीना बहाना पड़ा था. वो तो भला हो रोहित शर्मा और रवीन्द्र जडेजा का जिन्होंने टीम को शृंखला में पिछडऩे से बचा लिया.  भारतीय टीम को अगर शृंखला में 2-0 की बढ़त बनानी है तो उसके बल्लेबाजों को पिछले मैच में की गई गलतियों से सबक लेकर बड़ा स्कोर खड़ा करना होगा. कटक में कार्यवाहक कप्तान वीरेन्द्र सेहवाग और पार्थिव पटेल ने पारी की शुरुआत की थी, लेकिन यह जोड़ी टीम को ठोस शुरुआत देने में नाकाम रही. सेहवाग के साथ उनके नियमित जोड़ीदार गौतम गंभीर पारी की शुरुआत कर सकते हैं. मध्यक्रम में विराट कोहली, रोहित शर्मा, सुरेश रैना और रवीन्द्र जडेजा पर टीम को मजबूत स्कोर पर पहुंचाने की जिम्मेदारी होगी. कोहली ने इस मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अक्टूबर 2010 में 118 रन की शानदार पारी खेली थी जबकि रैना ने उस मैच में 71 रन बनाए थे.

भारतीय टीम के अपने इन बल्लेबाजों से एक बार फिर बड़े स्कोर की उम्मीद रहेगी. रोहित ने पिछले मैच में 72 रन की मैच जिताऊ पारी खेली थी जबकि जडेजा ने उनका भरपूर साथ देते हुए 38 रन बनाए थे. निचले क्रम में रविचंद्रन अश्विन और विनय कुमार भी बल्लेबाजी में अपने हाथ दिखाने में सक्षम हैं. जहां तक गेंदबाजी का सवाल है तो भारतीय टीम के गेंदबाजों ने वेस्टइंडीज को पिछले मैच में मात्र 211 रन पर रोककर अपना काम बखूबी अंजाम दिया था. आर. विनय कुमार, उमेश यादव और वरण आरोन की तेज गेंदबाजी तिकड़ी कैरेबियाई बल्लेबाजों पर अंकुश लगाने में सक्षम है. ऑफ स्पिनर अश्विन ने पिछले मैच में दस ओवर में केवल 30 रन देकर एक विकेट चटकाया था जबकि जडेजा ने भी उपयोगी गेंदबाजी की थी. रैना और रोहित शर्मा भी अंश कालिक गेंदबाज की भूमिका बखूबी निभा रहे हैं. भारत ने इस मैदान पर अपने सभी तीनों मैच जीते हैं. उसने इस मैदान पर पाकिस्तान को अप्रैल 2005 में 58 रन से, श्रीलंका को फरवरी 2007 में सात विकेट से और ऑस्ट्रेलिया को पांच विकेट से शिकस्त दी थी. इस मैदान में होने वाले दिन-रात के इस पहले अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले में भारतीय टीम की कोशिश अपने जीत के रिकॉर्ड को कायम रखने की होगी.

जहां तक कैरेबियाई टीम का सवाल है तो उसे जीत के करीब पहुंचकर फिसल जाने का अफसोस जरूर होगा. वेस्टइंडीज के गेंदबाजी अगर अंतिम भारतीय जोड़ी को निपटाने में सफल रहते तो टीम शृंखला में 1-0 से आगे होती. कैरेबियाई टीम को अगर शृंखला में वापसी करनी है तो उसके बल्लेबाजों को जमकर रन बनाने होंगे. पिछले मैच में डेरेन ब्रावो और डेंजा हयात के अलावा अन्य बल्लेबाज अधिक देर तक क्रीज पर डटने का साहस नहीं दिखा पाए थे. टीम के पास ऐसे बल्लेबाजों की कमी नहीं है जो बड़ा स्कोर बनाने में सक्षम हैं जरूरत बस टिककर खेलने की है.

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