शहला हत्याकांड में आरोपी जाहिदा ने कहा

इंदौर, 3 अप्रैल. भोपाल की आरटीआई कार्यकर्ता शहला मसूद हत्याकांड की प्रमुख आरोपी जाहिदा परवेज और उसकी सहेली सबा फारुकी ने खुद को बेकसूर बताया. मंगलवार को दोनों ने इल्जाम लगाया कि मामले के कथित मास्टरमाइंड को बचाने के लिये गुप्त ‘डील’ की गयी है. इस हाई प्रोफाइल मामले की दोनों आरोपियों ने यह इल्जाम तब लगाया, जब उन्हें विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीबीआई) डॉ. शुभ्रा सिंह के सामने पेश करने के बाद अदालत परिसर से बाहर ले जाया जा रहा था. पुलिस कर्मियों से घिरी सबा ने अदालत परिसर में चलते-चलते किसी का नाम लिये बगैर कहा, ‘क्या आप सच नहीं जानते, (शहला हत्याकांड का) मास्टरमाइंड वही हैं, जिनका पहले नाम सामने आया था. हम लोगों को तो फंसाया गया है.

आप डील के बारे में पता कीजिये.’ मीडिया के कैमरों के सामने जाहिदा ने भी अपनी सहेली के सुर में सुर मिलाये. लेकिन यह पूछे जाने पर कि शहला हत्याकांड का कथित मास्टरमाइंड कौन है, उसने मामले की जांच कर रही सीबीआई की तरफ निशाना साधते हुए कहा, ‘हम आपको पूरी बात नहीं बता सकते, आप सीबीआई वालों से पूछिये कि डील कितने (रुपये) में हुई है.

भोपाल की इस इंटीरियर डिजाइनर से जब पूछा गया कि क्या आरटीआई कार्यकर्ता के हत्याकांड में भाजपा विधायक ध्रुवनारायण सिंह की कोई भूमिका है, तो उसने दो टूक कहा, ‘यह मैं क्यों बताऊं, आप पता कीजिये. सीबीआई इस बारे में क्यों पता नहीं कर रही है.’ उधर, जाहिदा और सबा के इन आरोपों पर जब सीबीआई के वकील हेमंत कुमार शुक्ला से सवाल किये गये तो उन्होंने मामले में जांच जारी होने का हवाला देते हुए प्रतिक्रिया देने से साफ इंकार कर दिया. हालांकि, उन्होंने बताया कि विशेष सीबीआई अदालत ने इन दोनों समेत मामले के सभी पांच आरोपियों को 11 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया है. शहला की उनके भोपाल स्थित घर के बाहर 16 अगस्त 2011 को गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. आरटीआई कार्यकर्ता के कत्ल की वारदात के अन्य आरोपियों में हत्यारों का इंतजाम करने का मुलजिम साकिब अली उर्फ ‘डेंजर’, भाड़े का कथित हत्यारा इरफान और संदिग्ध कातिल ताबिश खान शामिल हैं. कानपुर से ताल्लुक रखने वाला खान भोपाल निवासी ‘डेंजर’ का चचेरा भाई है.

भाजपा विधायक की अर्जी खारिज

शहला मसूद के हत्याकांड में जांच के घेरे में आये भोपाल के भाजपा विधायक ध्रुवनारायण सिंह के पॉलीग्राफ टेस्ट के मसले में उनकी ओर से पेश अर्जी को विशेष सीबीआई अदालत ने आज खारिज कर दिया. इस अर्जी में आरोप लगाया गया था कि सीबीआई ने भाजपा विधायक के पॉलीग्राफ टेस्ट के संबंध में न्यायालय को गुमराह करने के लिये गलतबयानी की.

सीबीआई के वकील हेमंत कुमार शुक्ला ने संवाददाताओं को बताया कि विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. शुभ्रा सिंह ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद सिंह की अर्जी खारिज कर दी. उधर, भाजपा विधायक के वकील प्रदीप गुप्ता ने विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने सीबीआई के अधिवक्ता से बहस के बाद कहा कि उनके मुवक्किल की अर्जी में उठाये गये बिंदुओं पर जांच एजेंसी की ओर से अदालत में उचित जवाब नहीं दिया गया. सीबीआई के वकील ने गुप्ता के इस दावे पर कहा, ‘हमने अपने जवाब में तमाम बिंदुओं पर विधिसम्मत जानकारी दी जिसे अदालत ने सही माना, जबकि सिंह की अर्जी को आगे विचार के लायक नहीं समझा गया. गुप्ता ने 24 मार्च को सिंह की ओर से अदालत में अर्जी के साथ हलफनामा भी पेश किया था और अपने मुवक्किल के पॉलीग्राफ टेस्ट के बारे में सीबीआई के पेश तथ्यों को ‘दुरुस्त’ किये जाने की गुहार की थी.

उन्होंने दावा किया कि भाजपा विधायक का पॉलीग्राफ टेस्ट 14 मार्च को उनके खराब स्वास्थ्य के चलते स्थगित कर दिया गया था, लेकिन सीबीआई ने विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट को कथित तौर पर यह कहते हुए गुमराह किया कि वह इस तारीख को एक बार सिंह का पॉलीग्राफ टेस्ट करा चुकी है और अगर जरूरत पड़ी तो उन्हें दूसरी बार झूठ पकडऩे के इस परीक्षण से गुजारा जायेगा. इस बीच, सीबीआई के वकील ने बताया कि विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने शहला हत्याकांड के आरोपियों में शामिल साकिब अली उर्फ ‘डेंजरÓ की पत्नी नूरजहां की अर्जी भी खारिज कर दी. शुक्ला के मुताबिक इस आवेदन में नूरजहां ने आरोप लगाया था कि सीबीआई उसे प्रताडि़त कर रही है.

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