एक मौत, कच्चे मकान ढहे, मार्ग अवरुद्ध, तराना में 12 इंच

भोपाल, 29 जुलाई.  पिछले दो-तीन दिनों से जारी तेज बारिश के कारण भोपाल, उज्जैन, इंदौर और होशंगाबाद संभागों में अनेक स्थानों पर नदी-नालों में बाढ़ की स्थिति बनी हुयी है. बाढ़ के कारण कच्चे मकान ढहने और फसलों आदि को नुकसान पहुंचने की खबर है. इंदौर संभाग मुख्यालय पर आज बारिश के दौरान पेड गिरने के कारण एक महिला की मौत हो गयी और दो अन्य घायल हो गए. महिला का नाम चंदाबाई  है और उसके पति जगदीश तथा एक अन्य संजय घायल हैं.

आष्टा और आसपास के गांवों में बारिश का दौर दो दिनों की अपेक्षा कम होने से बाढ की स्थिति में सुधार हुआ है. स्थानीय मौसम केंद्र के अनुसार आज सुबह साढे आठ बजे समाप्त हुए पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में सबसे अधिक बारिश उज्जैन जिले के तराना क्षेत्र में 12 इंच से अधिक दर्ज की गयी. इसके अलावा इंदौर, होशंगाबाद और देपालपुर में 18-18 सेंटीमीटर, शाजापुर, महू, सांवेर और विदिशा में 14-14 सेंटीमीटर, गौतमपुरा में 13 सेंटीमीटर, उज्जैन में 11 सेंटीमीटर, बदमपुर में दस सेंटीमीटर, महिदपुर, खाचरोद, गंजबासौदा में आठ-आठ सेंटीमीटर और रतलाम, राजगढ तथा दतिया में सात-सात सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गयी. इसके अलावा कुरवाई में छह, शुजालपुर और मुंगावली में पांच-पांच, हरसूद, लटेरी, जावरा और ईसागढ में चार-चार सेंटीमीटर तथा सैलाना,खंडवा और भोपाल में तीन-तीन सेंटीमीटर बारिश हुयी. राज्य में उत्तरी अंचल के अधिकांश हिस्सों को छोडकर अन्य हिस्सों में भी बारिश होने की सूचनाएं हैं. बुरहानपुर में ताप्ती नदी खतरे के निशान 220 मीटर के बराबर बह रही है.

सतना से प्राप्त समाचार के अनुसार विंध्य अंचल में अभी भी अच्छी बारिश की दरकार है. सतना, रीवा, शहडोल और अन्य इलाकों में कुछेक स्थानों पर मामूली बारिश हुयी. रायसेन से मिले समाचार के अनुसार जिले में लगातार वर्षा के कारण पग्नेश्वर नदी का पुल लगभग पांच फीट पानी में डूबा हुआ है और इसका विदिशा से सडक संपर्क कटा हुआ है. रायसेन में निचली बस्तियों में पानी भर गया है. राजगढ  से मिले समाचार के अनुसार दो दिनों से जारी तेज बारिश के कारण कालीसिंध और पार्वती नदी उफान पर हैं.

जिले के कुरावर थाने के तहत आने वाले भाटपुरा गांव के चार ग्रामीण कल शाम पार्वती नदी के किनारे फसे रह गए थे. बचाव दल ने चारों को आज सुरक्षित निकाल लिया. जिले के सारंगपुर में कालीसिंध नदी के पुल पर पानी बहने से 20 घंटे से अधिक समय से आगरा.मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात अवरूद्ध है और पुल के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गयी है. सारंगपुर की निचली बस्तियों में पांच से छह फीट तक पानी भर गया है. किसी प्रकार की जनहानि या बडी दुर्घटना की सूचना नहीं है. हरदा से प्राप्त समाचार के अनुसार हरदा का सडक संपर्क आसपास के जिलों से कट गया है. जिले के हरदा में 1500 लोगों को, टिमरनी में 300,रहटगांव में 40 और सोडलपुर में 25 लोगों को राहत शिविरों में पहंचाया गया है. जिले में इस मौसम में अभी तक 36 इंच वर्षा दर्ज की गयी है,जिसमें से 27 इंच इसी एक सप्ताह में हुयी.

6 गांवों में घुसा पानी, डिंगरोदा में फंसी बस

शाजापुर, नवप्र. पिछले 24 घंटों से हो रही अनवरत वर्षा ने जिले के सभी नदी नालों में उफान ला दिया है. जिससे ग्रामी अंचलों का सड़क संपर्क टूट गया है. वहीं सारंगपुर में कालीसिंध के उफान पर आने से राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 3 पर भी शनिवार शाम से ही आवागमन बंद है. बाढ़ से कालीसिंध नदी से लगे 6 गांवों में पानी भर गया और सैंकड़ों लोग फंस गए. इधर मक्सी-उज्जैन रोड पर एक यात्री बस बाढ़ में फंस गई, जिसके यात्रियों को बचाने के लिए देवास, शाजापुर की पुलिस ने शाम तक बचाव अभियान चलाया. शाम को महू से मिलिट्री की रेसक्यू टीम भी बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंची.

बुधनी में 15 इंच

सीहोर जिले में वर्षा का कहर थम नहीं सका है. 48 घंटों में सर्वाधिक 15 इंच वर्षा जिले के बुधनी क्षेत्र में हो चुकी है. इसी तरह नसरल्लागंज में 13 इंच बरसात से हजारों हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की फसल नष्ट हो गयी है और लगभग पचास कच्चे मकान ढह गए हैं. आष्टा में भी अब तक 8 इंच वर्षा हो चुकी है.  आज सबेरे तक जिले के नसरल्लागंज क्षेत्र में 48 घंटों में 368 मिलीमीटर बारिश हुई है. आष्टा में बारिश का क्रम थमने से बाढ प्रभावितों को राहत मिली है और प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुर कर दिया है.

बुधनी,नसरल्लागंज क्षेत्र में बीती रात भी तेज बरसात होने से 50 से भी अधिक गांव पानी की चपेट में आए. नसरल्लागंज की सीप नदी के किनारे बने 50 से भी अधिक कच्चे टापरे बह गए. रेहटी के पाडां गांव के आसपास भी ग्रामीण क्षेत्रों में पानी भरने से नुकसान हुआ है. सूत्रों के अनुसार नसरल्लागंज के महिला एवं बाल विकास अधिकारी राकेश शर्मा की जीप पानी में पलट गई,किन्तु उनको बहने से बचा लिया गया है. जिला प्रशासन ने दावा किया है कि कोई जनहानि नहीं हुई है. फसलों मकानों सम्पत्ति का जो नुकसान हुआ है उसका आकलन कराना प्रारंभ कर दिया है.

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