भोपाल,19 अक्टूबर. न तो पुलिस के खाने का टाइम है न सोने का. पुलिसवाले जब घर जाते हैं तो बच्चे सो चुके होते हैं. रात दिन ड्यूटी करते हैं. बीते साल भर में पुलिस के 12 जवान शहीद हो गए, हमने जितनी शिद्दत से समाज की सेवा की. उतना न तो हमें विश्वास मिला, सदभाव मिला न ही सम्मान मिला.

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ यूनिवर्सिटी में आयोजित मानवाधिकार एवं पुलिसिंग में नैतिक सिद्धांत विषय पर आयोजित दो दिवसीय वर्कशॉप के शुभारंभ समारोह में डीजीपी एसके राउत का ये दर्द उभरकर सामने आया. पुलिस की वेदना बताते हुए डीजीपी भावुक हो गए. डीजीपी ने कहा कि मानवाधिकार संस्थाओं का दबाव इतना है कि पुलिस काम नहीं कर पा रही है. कहीं धरने-प्रदर्शन के दौरान जवानों को लाठीचार्ज के आदेश दो तो वे डंडे उठाने से डरने लगे हैं.

समाज में पुलिस के प्रति अपनेपन की भावना होना जरूरी-मानवाधिकारों की रक्षा के लिए देश और प्रदेश की पुलिस पूरी तरह से सतर्क रहकर अपने दायित्वों का निर्वहनï कर रही है. इसलिये समाज में पुलिस के प्रति नकारात्मक सोच को बदलने के लिये मध्यप्रदेश में कारगर पहल शुरू की गई है.

राऊत ने कार्यशाला में भाग ले रहे विधि संकाय के विद्यार्थियों मैदानी पदस्थापना वाले पुलिस अधिकारियों और समाज सेवी संगठनों के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा के लिये संवैधानिक प्रावधानों के अन्तर्गत देश एवं प्रदेश में विभिन्न आयोग कार्य कर रहे है.

सरकारें इस मामले में संवेदनशील है. पुलिस प्रशासन ने भी अपने अधिकारियों/ कर्मचारियों को विस्तृत निर्देश जारी किये हैं और नियमित रूप से हर परिस्थिति पर नजर रखते हुए है. राऊत ने मैदानी पुलिस कर्मियों और समाजसेवी संगठनों से कहा कि समाज में पुलिस के प्रति अपनेपन की भावना पैदा करने की आवश्यकता है ताकि समाज पुलिस के प्रति संवेदनशील बने. उन्होंने कहा कि ऐसा करने से समाज में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ेगा और भयमुक्त तथा आतंकवाद मुक्त वातावरण को सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी. पुलिस महानिदेशक ने विषय के अन्तर्गत अपने उद्गार और पुलिस प्रशासन की रचनात्मक सोच को तार्किक और मार्मिक शब्दों में रखा. शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भारतीय पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी सरन सेन ने कार्यशाला के उद्देश्यों के बारे में बताया.

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं राष्टï्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय के संचालक प्रोफेसर एस.एस. सिंह ने इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों की प्रशासनिक जिम्मेदारियों और मानवाधिकारों से जुड़े वैधानिक मुद्ïदों के बारे में सारगर्भित जानकारी दी. आर.एम. शर्मा सेवानिवृत्त पुलिस उप महानिरीक्षक ने अतिथियों का स्वागत किया. सहायक पुलिस महानिरीक्षक विनीत कपूर ने कार्यक्रम का संचालन किया.

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