• गडकरी ने कहा नहीं चाहिए मुझे कोई पद

देहरादून, 9 अक्टूबर.  अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कल कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अगर करप्शन रोकने में असहाय हैं, तो उन्हें तीर्थयात्रा पर चले जाना चाहिए। गडकरी ने उत्तराखंड में बीजेपी का चुनावी अभियान शुरू करने के मौके पर आयोजित पार्टी वर्कर्स के एक सम्मेलन में यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से करप्शन पर रोक नहीं लगा पाने की अपनी लाचारी जाहिर करने के बाद बेहतर यही है कि उन्हें अपना पद छोड़कर तीर्थयात्रा पर निकल जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, अगर आप इतने मजबूर हैं मनमोहन सिंह जी, तो आपको आराम करना चाहिए। आप या तो बद्रीनाथ व केदारनाथ चले जाएं या फिर स्वर्ण मंदिर चले जाएं। इससे पहले गडकरी ने  कहा कि वह किसी पद के इच्छुक नहीं हैं और वह राजनीति के जरिए समाज और गरीबों की सेवा करना चाहते हैं।  मैं कोई पद नहीं चाहता और न ही उन्हें कोई पद पाने की इच्छा है। गडकरी ने यह बात उन अटकलों के बारे में कही कि वह भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवारों में हो सकते हैं। मौका था उनके भाषणों के संकलन के विमोचन का। गडकरी के भाषणों का संकलन  विकास के पथ का विमोचन सिरी फोर्ट सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री श्री रविशंकर द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने की।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ सह सरकार्यवाह सुरेश सोनी एवं वरिष्ठ पत्रकार एम.जे. अकबर उपस्थित थे। इस पुस्तक के संकलनकर्ता वरिष्ठ पत्रकार रवींद्र दाणी हैं। इस पुस्तक में गडकरी के महाराष्ट्र विधान परिषद में नेता विपक्ष के रूप में और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद के कुल 24 भाषणों को शामिल किया गया है। इन भाषणों में नक्सल समस्या से लेकर राजनीति, आर्थिक एवं सामाजिक सभी प्रकार की समस्याओं पर विचार प्रस्तुत किए गए हैं। गडकरी ने कहा मैं नहीं कहता कि विकास के लिए मेरा यह रास्ता अंतिम है। इसके अलावा भी कई रास्ते हैं। यह एक सामान्य कार्यकर्ता का अनुभव है। अगर आप को अच्छा लगे तो ठीक है।

विदर्भ क्षेत्र में स्वयं द्वारा किए जा रहे कार्यो का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा राजनीति सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का एक माध्यम होना चाहिए। भय, भूख एवं भ्रष्टाचार को मिटाने का साधन है। भारत को महाशक्तिशाली बनाने के लिए मिल कर प्रयास करने की आवश्यकता है।

विकास के तरीके पर विचार की आवश्यकता : सोनी

गडकरी की महाराष्ट्र के लोक निर्माण मंत्री के कार्यकाल की प्रशंसा करते हुए सुरेश सोनी ने कहा आधुनिकता का अर्थ यह कतई नहीं है कि अपनी परम्परा को छोड़ दिया जाए। आज का विकास विनाश की तरफ बढ़ता जा रहा है और इस पर विचार करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने कहा हम सब का जीवन किताब है। फर्क बस इतना है कि इंसान मरता है और किताबें नहीं मरतीं। मनुष्य का जीवन अनुभवों का संग्रह है और एक दूसरे के अनुभवों का लाभ उठाने से तरक्की होती है।

रविशंकर ने जन लोकपाल विधेयक के लिए गडकरी द्वारा मिले समर्थन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि यह किताब युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा की तरह है। रविशंकर ने इस अवसर पर सभी से भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष का भी आह्वान किया।

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