भोपाल, 2 फरवरी, नभासं. राज्य के विभिन्न वन्य प्राणी अभयारण्यों में बूढ़े हो चुके वन्य प्राणियों के खून के नमूनों की जांच रपट आ गई है. ये सभी रिपोर्ट सामान्य है. हालांकि सावधानी के तौर पर वन विहार प्रबंधन द्वारा इन वन्य प्राणियों को स्वास्थ्यवर्धक दवाएं दी जा रही हैं.

वन विहार के सहायक संचालक एके खरे ने बताया कि भोजन त्यागने वाली बाघिन ललिता की आंख में आउट ग्रोथ हो गई थी. उस आउट ग्रोथ को बाहर निकालकर जबलपुर वेटरनरी कॉलेज जांच के लिए भेजा गया था. जहां जांच में कैंसर के लक्षण पाए गए थे. वहीं, माधव नेशनल पार्क से लाई गई शिवानी का स्वास्थ्य बिगड़ गया था. इसके बाद वन विहार प्रबंधन ने अन्य बूढ़े वन्य प्राणियों के खून के नमूने जांच के लिए भेजे थे. उन्होंने बताया कि 15 वन्यप्राणी ऐसे हैं, जिन्होंने औसत आयु पूरी कर ली है. यही वजह है कि सभी का ख्याल रखा जा रहा है. वन विहार में अति बुजुर्ग वन्य प्राणियों में मादा बाघिन शिवानी, सीता, रीना के अलावा तेंदुओं में मादा तेंदुआ दुर्गा व नर तेंदुआ शेरा शामिल है. रामू, जोनी, अमर, सुल्तान, एंथोनी जमुना अति बुजुर्ग सिंह हैं. भालुओं में दो नर हैरी व बबलू और मादा में रश्मि, शिवानी व गुड्डी शामिल हैं. इन्हें एंटी ऑक्सीडेंट एवं टॉनिक दिए जा रहे हैं.

शुरू व्हाइट टाइगर सफारी होगी

विश्व प्रसिद्ध रीवा के व्हाइट टाइगर को एक बार फिर से रीवा में बसाया जा रहा है. लुप्त हो रहे बाघों की श्रेणी में आने वाले सफेद बाघों का मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी में ब्रीडिंग के लिए लाया जाएगा. इस सफारी का भूमि पूजन शुक्रवार को किया जाएगा. पीसीसीएफ एच एस पाबला ने बताया कि रीवा सफेद बाघों की भूमि है यहां अनुकूल वातावरण मिलने से इनकी संख्या मे इजाफा होगा. उन्होंने बताया कि इसके अलावा यहां पर बंगाल टाइगर सहित अन्य वन्य प्राणियों को भी रखा जाएगा.

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