इस दौर में खूबसूरत दिखने का भी कारोबार होने लगा है। इसके लिए सिर्फ ब्यूटी-पार्लर ही काफी नहीं है, इसलिए मेडिकल डिग्रीधारी डॉक्टरों की एक फौज इस क्षेत्र में पूरी तैयारी से उतर रही है.

हमने अब तक बीमारी के लिए ही क्लिनिकों के बारे में सुना है, लेकिन बड़े शहरों खासतौर पर मुंबई में इन दिनों खूबसूरती के लिए क्लिनिक खुल गए हैं और धड़ल्ले से चल रहे हैं. इसकी एक वजह तो यह है कि यह शहर सेलिब्रिटीज की होम-सिटी है. इन दिनों कई कॉस्मेटिक सर्जन और डर्मेटोलॉजिस्ट्स ने ब्यूटी क्लिनिक्स की श्रृंखला शुरू की है. प्रियंका चोपड़ा के माता-पिता वैसे तो खुद डॉक्टर हैं. मां मधु चोपड़ा ईएनटी स्पेशलिस्ट हैं तो पिता अशोक चोपड़ा जनरल सर्जन, लेकिन डॉ. मधु ने मियामी के एक इंस्टीट्यूट से कॉस्मेटोलॉजी का कोर्स किया तो डॉ. अशोक ने इटली से एडवांस कॉस्मेटोलॉजी का कोर्स किया और अब वे मुंबई में स्टूडियो एस्थेटिक्स चला रहे हैं.

दरअसल इस दौर में खूबसूरत दिखने का भी कारोबार होने लगा है. इसके लिए सिर्फ ब्यूटी-पार्लर ही काफी नहीं है, इसलिए मेडिकल डिग्रीधारी डॉक्टरों की एक फौज इस क्षेत्र में पूरी तैयारी से उतर रही है. खूबसूरत दिखना अब सिर्फ क्लिनिक भर की दूरी पर है. यहाँ कॉस्मेटिक सर्जन और डर्मेटोलॉजिस्ट आपको अपना मनपसंद लुक उपलब्ध करा देंगे. अब यह ए क अलग समस्या है कि ज्यादातर क्लिनिकों में इस तरह के उपकरण पर्याप्त मात्रा में मौजूद नहीं है। प्लास्टिक सर्जन मनीष घोष कहते हैं – डॉक्टर कॉस्मेटिक इंडस्ट्री में हुई नई तकनीकी क्रांति की चुनौती के लिए तैयार हैं। इसके साथ ही मशीनें भी बाजार में आसानी से मिल जाती है. इस वजह से भी ब्यूटी क्लिनिक शुरू करना मुश्किल नहीं रहा. इतना ही नहीं, इस क्षेत्र में डॉक्टरों को मदद करने के लिए खुद सेलिब्रिटी भी आगे आ रही हैं. अब शिल्पा शेट्टी को ही लें. वे किरण बावा के साथ इस मैदान में आ पहुंची हैं.

यहां मामला सिर्फ ब्यूटी क्लिनिक का ही नहीं है. यहां स्किन केयर और स्पा के साथ ही वेट लॉस और सैलून ट्रीटमेंट की भी सुविधा है. इस तरह के ब्यूटी क्लिनिकों में 300 रुपए से लेकर 1 लाख रुपए तक के ट्रीटमेंट उपलब्ध हैं। कहीं-कहीं यह सीमा 2 लाख तक भी पहुंच जाती है. सवाल यह है कि इतने महंगे ट्रीटमेंट कराता कौन है? किरण कहती हैं कि सेलिब्रिटी तो खैर करवाती ही हैं, लेकिन प्रोफेशनल भी इस दिशा में इद दिनों खासे सक्रिय हैं.  सूजी हुई पलकों, फेस लिफ्ट, फेशियल, स्ट्रेच मार्क हटाना, स्किन टाइटनिंग, एक्ने आदि के लिए इस तरह के ब्यूटी क्लिनिकों की तरफ लोग खींचे चले आते हैं. अब यह नहीं यह कहा जा सकता है कि कॉस्मेटिक सर्जरी चिकित्सा विधा के अधीन है, बल्कि ये एक स्वतंत्र विधा का रूप लेती जा रही है। यहां प्रशिक्षित मेडिकल कॉस्मेटोलॉजिस्ट पर्याप्त अनुभव के साथ काम करते हैं. बड़े शहरों में अपने बाजार को विस्तृत कर अब इस तरह के क्लिनिक मझोले शहरों की ओर भी रुख करते नजर आने लगेंगे. अब इससे आगे की योजना पर भी विचार किया जाने लगा है. ब्यूटी क्लिनिक से आगे अब ये कॉस्मेटोलॉजिस्ट इंस्टीट्यूट खोलने और उसके विस्तार पर काम करने लगे हैं। आखिर ब्यूटी मार्केट का उपभोक्ता हमारे देश में बढ़ता भी तो जा रहा है.

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