भाजपा कार्यसमिति में शिवराज को हरी झंडी

ओरछा, 7 अप्रैल. भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति ने पार्टी कार्यकर्ताओं से शिवराजसिंह चौहान के नेतृत्व में तीसरी बार सरकार बनाने और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को उखाड़ फेंकने का आव्हान किया है.

प्रस्ताव पर समर्थक के तौर पर प्रदेश महामंत्री एवं राज्यसभा सदस्य माया सिंह का नाम है लेकिन वे बैठक में शामिल नहीं हुई हैं. चौहान ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि पार्टी खाद्य अधिनियम के खिलाफ छोटे व्यापारियों की नौ अप्रैल से हो रही हड़ताल का भाजपा समर्थन करेगी. चौहान ने सवालों के जबाव में कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती कार्यसमिति की सदस्य नहीं हैं, इसलिए उन्हें बैठक में नहीं बुलाया गया है. उन्होंने कहा कि वे उप्र की विधायक और राष्ट्रीय नेता हैं. प्रदेश महामंत्री चौहान इन सवालों का जवाब नहीं दे सके कि पहली बार पार्टी के सुझाव पर बने प्रदेश के बजट में ऐसा टैक्स क्यों लगा जिसे बाद में वापस लेना पड़ा? वे यह भी नहीं बता सके कि पार्टी टैक्स हटाने के बाद उसका श्रेय क्यों ले रही है?

उन्होंने कहा कि बजट पार्टी नहीं वित्त मंत्री बनाते हैं. क्या वित्त मंत्री पार्टी ने पार्टी के सुझाव पर अमल नहीं किया? इस सवाल का भी चौहान जबाव नहीं दे सके. वे यह भी नहीं बता सके कि राष्ट्रीय महासचिव अनंत कुमार ने गुजरात की तरह पार्टी और मुख्यमंत्री के बजाय प्रदेश को आगे रखकर चुनाव जीतने की नसीहत क्यों दी? चौहान ने सवालों के जबाव में कहा कि 153 में से 15 विधायकों ने 20 फरवरी के खत्म हुई विकास यात्रा की रिपोर्ट अब तक संगठन को नहीं दी है. जहां से भाजपा के विधायक नहीं हैं, वहां पूर्व विधायकों या हारे हुए प्रत्याशियों ने यात्राएं निकालीं लेकिन इन 67 क्षेत्रों की रिपोर्ट भी अब तक नहीं मिली है. सवालों के जबाव में चौहान ने कहा यह अनुशासनहीनता नहीं है, लापरवाही हो सकती है.

असीमित करारोपण पर केंद्र की निंदा

प्रदेश कार्यसमिति बैठक में पारित राजनीतिक प्रस्ताव में शिवराज सरकार की योजनाओं और फैसलों का गुणगान करते हुए सेवा कर लगाने, खाद्य अधिनियम लागू करने और नेशनल काउंटर टेरोरिज्म सेंटर को लेकर केंद्र सरकार की निंदा की गई है। इस छह पेज के प्रस्ताव को पार्टी के प्रदेश महामंत्री नंदकुमार सिंह चौहान ने पेश किया।

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