दुबई, 2 नवंबर. दो पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटरों सलमान बट और मोहम्मद आसिफ को स्पाट फिक्सिंग को दोषी ठहराए जाने के लंदन कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने कहा कि यह उन खिलाडिय़ों को एक और चेतावनी है जो लालच में आकर खेल में भ्रष्टाचार लाने की कोशिश कर सकते हैं.

आईसीसी मुख्य कार्यकारी हारून लोर्गट ने कहा कि आईसीसी इस तथ्य से खुश नहीं है कि इन खिलाडिय़ों (बट और आसिफ) ने न सिर्फ खेल के नियमों का उल्लंघन किया बल्कि उस देश के आपराधिक कानूनों को भी तोड़ा जिसमें वे खेल रहे थे. उन्होंने कहा कि जूरी ने सलमान बट और मोहम्मद आसिफ को आपराधिक अपराध का दोषी पाया है जिसका उन पर आरोप भी लगा था. इसके अलावा मोहम्मद आमिर ने भी खुद को आपराधिक अपराध का दोषी माना है जिसका उस पर आरोप लगा था. आमिर के अनुसार उसके ऊपर जबरदस्त दबाव था. उसे यह धमकी मिल रही थी कि यदि वह फिक्सिंग में शामिल नहीं हुआ तो टीम में उसके स्थान को खतरा हो सकता है. आमिर ने 16 सितंबर को साउथवार्क क्राउन अदालत में मुकदमे पूर्व अपना अपराध कबूल किया. इसके बाद पूरा मुकदमा चलाया गया जिसमें बट और आसिफ ने भाग लिया. इन दोनों पाक खिलाडिय़ों ने अपना अपराध स्वीकार नहीं किया.

लोर्गट ने कहा कि हमें उम्मीद है कि यह फैसला उन लोगों के लिए एक और चेतावनी होगी जो किसी भी कारण से खेल में भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल होना चाहते हैं. लंदन के साउथवर्क क्राउन कोर्ट ने कल बट और आसिफ को गलत तरीके से राशि स्वीकार करने का षड्यंत्र रचने और धोखाधड़ी की साजिश रचने का दोषी पाया. इस साजिश में शामिल तीसरे आरोपी 19 वर्षीय तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर के खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया गया क्योंकि उन्होंने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया था. आईसीसी ने इसके साथ ही साफ किया कि इस फैसले का इन खिलाडिय़ों के खिलाफ इस साल के शुरू में दोहा में हुई सुनवाई के बाद के निलंबन पर असर नहीं पड़ेगा. लोर्गट ने कहा कि यह फैसला भी स्वतंत्र भ्रष्टाचार निरोधक पंचाट की जांच से मेल खाता है.

आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधक संहिता के तहत इन तीनों खिलाडिय़ों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच के लिए इस साल के शुरू में इस पंचाट को नियुक्त किया गया था.
उन्होंने कहा कि इन जांच से इन तीनों खिलाडिय़ों को भ्रष्टाचार रोधी संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया गया था और उन्हें पांच (आमिर), सात (आसिफ) और दस (बट) साल के निलंबित कर दिया गया था. मैं साफ कर देना चाहता हूं कि इंग्लैंड की अदालत के फैसले का इन खिलाडिय़ों के निलंबन की अवधि पर असर नहीं पड़ेगा और वह पहले की तरह प्रभावी रहेगी. लोर्गट ने इस अवसर पर खेल के सभी प्रारूप में आईसीसी की ‘शून्य सहिष्णुता की नीति का फिर से जिक्र किया.

उन्होंने कहा कि मैं जब भी इस मसले पर बात करता हूं तो यह बात दोहराता हूं कि आईसीसी की भ्रष्टाचार के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की नीति है और हम अपने खेल में भ्रष्टाचार की कार्रवाई के किसी भी मामले की व्यापक जांच और जरूरत पडऩे पर सजा देने के लिए अपने अधिकारों का पूरा प्रयोग करेंगे. आईसीसी ने कहा कि इन दोनों खिलाडिय़ों के निलंबन की अवधि पर कोई असर नहीं पड़ेगा. आईसीसी ने इसी वर्ष की शुरूआत में दोहा में इन दोनों खिलाडिय़ों को निलंबित किया था. लोर्गाट ने कहा कि आईसीसी पिछले कुछ हफ्तों से इंग्लैंड की साउथ वार्क क्राउन अदालत में चल रहे आपराधिक मुकदमे पर करीबी निगाह रखे हुए है.

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