केन्द्र सरकार ने दी इसके लिए सैद्धांतिक सहमति

भोपाल,16 दिसंबर. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के 800 से 999 तक की आबादी वाले गाँवों को सड़कों से जोडऩे के प्रस्ताव भारत सरकार की ओर शीघ्र भेजे जा रहे हैं.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मक़सद से केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश से दिल्ली प्रवास के दौरान भेंट कर उक्त आबादी वाले गाँवों के लिये प्राथमिकता से सड़क निर्माण कराये जाने का आग्रह किया था. मुख्यमंत्री के प्रयासों से केन्द्र सरकार ने इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है. अब प्रदेश में 800 से 999 की आबादी वाले 2,494 गाँवों को बारहमासी सड़कों से जोडऩे का कार्य शीघ्र शुरू होगा. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में इन गाँवों को सड़कों से जोडऩे के लिये 8,338 किलोमीटर लम्बी सड़कें बनाई जायेंगी. उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में एक हजार की आबादी वाले सभी गाँवों को सड़कों से जोडऩे के उद्देश्य से वर्ष 2009 तक केन्द्र से मंजूरी हासिल हो गई थी. इसके बाद पिछले दो-तीन वर्षों से एक हजार आबादी से कम वाले गाँवों को बारहमासी सड़कों से जोडऩे के संबंध में प्रस्ताव केन्द्र सरकार के समक्ष विचाराधीन थे. अब प्रदेश में 800 से 999 तक की आबादी वाले गाँवों को सड़कों से जोडऩे के लिये सड़क निर्माण के प्रस्ताव भेजे जाने के बारे में केन्द्र की सहमति मिल चुकी है. भारत सरकार ने इसके साथ यह भी निर्णय लिया है कि जिन प्रदेशों में 800 से 999 की आबादी वाले गाँवों के संबंध में 90 प्रतिशत से अधिक टेण्डर स्वीकृत कर कार्य आवंटित कर लिये जायेंगे, ऐसे प्रदेशों द्वारा 600 से 799 की आबादी वाले गाँवों के लिये सड़क निर्माण कार्य के प्रस्ताव भी भेजे जा सकेंगे.

प्रदेश की सराहना

नई दिल्ली में विगत माह विभिन्न प्रदेशों से आये ग्रामीण सड़क प्राधिकरणों के प्रतिनिधियों की बैठक में मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा किये गये कार्यों को भी सराहा गया. प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 47 हजार 500 किलोमीटर सड़कें बनाई जा चुकी है. मध्यप्रदेश इस योजना के क्रियान्वयन में देश के अन्य राज्यों की तुलना में अग्रणी है.

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