भोपाल,2 अप्रैल,नभासं. रातापानी अभयारण्य से लेकर केरवा-कलियासोत व रसूलिया के जंगलों में बढ़ रहे बाघों के कुनबे की निगरानी में जुटे भोपाल वन सर्किल ने इन जंगलों में विशेष गश्ती दल तैनात कर दिए हैं. एक दल में दस सदस्यों को शामिल किया गया है. ये दल बाघिन और शावकों की निगरानी कर रहा है.

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह दल बाघों के एक-एक मूवमेंट की सूचना उन्हें देगा. इनकी निगरानी में कोताही बरतने दल को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया जाएगा. गौरतलब है कि रातापानी अभयारण्य में बाघों की संख्या 16 थी, जो अब बढ़कर 22 हो गई है. केरवा के जंगलों में एक बाघिन ने दो शावकों को जन्म दिया है. वहीं, भोपाल फारेस्ट सर्किल के बरखेड़ा रेंज में भी एक बाघिन ने दो शावकों और बरुसोत में एक अन्य बाघिन ने दो शावकों को जन्म दिया है. इस तरह भोपाल सर्किल में कुल छह नए शावक कुनबे में जुड़ गए हैं. भोपाल फारेस्ट सर्किल के चीफ कंजरवेटर एसएस राजपूत का कहना है कि यह भोपाल फारेस्ट सर्किल की एक बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि जहां अन्य सर्किल में बाघ कम हो रहे हैं, वहीं इस सर्किल में बाघों की संख्या बढ़ रही है. भोपाल फारेस्ट सर्किल का वातावरण बाघों के लिए अनुकूल होने के साथ ही यहां पर %

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