• ओलम्पिक 3 दिन शेष

लंदन, 22 जुलाई. ओलंपिक खेलगांव में भारतीय खिलाडिय़ों और अधिकारियों की मौजूदगी में एक रंगारंग समारोह में तिरंगा फहराया गया जिससे भारतीय खिलाड़ी खेलों के महाकुंभ के लिए नए जोश से भर गए.

खेलगांव के मेयर चार्ल्स एलेन ने भारतीय उप दल प्रमुख ब्रिगेडियर पी के मुरलीधरन राजा, खिलाडिय़ों और अधिकारियों का खेलगांव का हिस्सा बनने के लिए स्वागत किया. समारोह में तिरंगा लहराते ही राष्ट्रधुन बज रही थी और सभी खिलाड़ी एकाग्रचित होकर (जन गण मन) गा रहे थे. ब्रिगेडियर राजा ने चार्ल्स एलेन के साथ स्मृति चिन्हों का आदान प्रदान किया और शांति तथा ओलंपिक आंदोलन की भावनाओं को बनाए रखने के लिए भारत की प्रतिबद्धता व्यक्त की.

पिछले कई वर्षों में संभवत : यह पहला मौका है जब खेल आयोजकों ने इतना शानदार स्वागत समारोह आयोजित किया. एथलीट और अधिकारी इस स्वागत से अभिभूत नजर आ रहे थे. इस अवसर पर टेनिस स्टार महेश भूपति और रोहन बोपन्ना, विश्व की नंबर एक तीरंदाज दीपिका कुमारी और उनकी दो टीम साथी, कुछ हाकी खिलाड़ी और अधिकारी मौजूद थे. लंदन ओलंपिक में हिस्सा ले रहे भारत के 81 एथलीटों और 51 अधिकारियों को खेलगांव में (टाइटन) नाम की सीसाइड बिल्डिंग एस.वन में ठहराया गया है. आयोजकों ने हर देश की टीम के लिए वालंटियरों की व्यवस्था की है और भारतीय दल के लिए सात वालंटियरों की व्यवस्था की गयी है. ये सभी भारतीय मूल के हैं जो ब्रिटेन में काम करते हैं. ब्रिगेडियर राजा ने कहा कि खेलगांव में पहुंच गए सभी भारतीय खिलाड़ी पूरी तरह फिट हैं और खेलों में उतरने के लिए बेताब हैं.

वे साथ ही अपनी तैयारियों से भी खुश हैं. उन्होंने कहा कि वह रोजाना एक बैठक कर रहे हैं जिसमें कोच और टीम मैनेजर शामिल होते हैं तो अपनी टीमों की तैयारियों की पूरी जानकारी देते हैं. खेलगांव में खिलाडिय़ों की मदद के लिए चार डाक्टरों सरला राव, संयोगिता सूदान, बी बी नायर और अभिषेक चौधरी तथा तीन फीजियोथेरेपिस्ट रमेश त्रिवेदी, हरिशंकर वर्मा और श्रीकांत अयंगर मौजूद हैं जो 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे. राजा ने कहा कि खिलाड़ी भारतीय ओलंपिक संघ के मेडिकल और सपोर्ट स्टाफ से पूरी तरह संतुष्ट हैं.

ओलंपिक मशाल ने शुरू किया लंदन का दौरा
महान ओलंपियन नादिया कोमानेची की अगुआई में 2012 ओलंपिक मशाल ने लंदन का सात दिवसीय दौरा शुरू किया जो खेलों के उद्घाटन समारोह के दिन समाप्त होगा. ओलंपिक के आयोजकों को उम्मीद है कि जब मशाल ब्रिटेन की राजधानी में पहुंच चुकी है तो सबकी नजरें खेलों और इन खेलों की उलटी गिनती पर टिक जाएंगी. उन्होंने साथ ही उम्मीद जताई कि मशाल को लेकर पिछले हफ्ते हुई सुरक्षा और परिवहन की समस्या अब दोबारा नहीं दोहराई जाएगी. ओलंपिक 1976 और 1980 में पांच स्वर्ण पदक जीतने वाली रोमानिया की जिम्नास्ट कोमानेची ने इस दौरान परफेक्ट टेन का स्कोर भी बनाया था. उन्होंने पूर्व में मिलेनियम डोम के नाम से मशहूर नार्थ ग्रीनविच एरेना में ओलंपिक मशाल ब्रिटेन के पूर्व एनबीए बास्केटबाल स्टार जान अमाएची को थमाई. नार्थ ग्रीनविच एरेना में ही ओलंपिक की आर्टिस्टिक और ट्रैम्पोलीन जिम्नास्टिक स्पर्धाओं का आयोजन किया जाएगा.

मशाल धावकों में बीजिंग खेलों के रजत पदक विजेता और लंदन खेलों में स्वर्ण पदक के प्रबल दावेदार ब्रिटेन के त्रिकूद खिलाड़ी फिलिप इदोवू और मार्च में एफए कप फुटबॉल के दौरान दिल के दौरे का शिकार फैब्रिस मुआम्बा भी शामिल थे. अगले शुक्रवार को होने वाले उद्घाटन समारोह से पूर्व शहर पहुंची मशाल को रात में टावर ऑफ लंदन में रखा गया था. लंदन की अपनी सात दिन की यात्रा के साथ मशाल 8000 मील (12800 किमी) के ब्रिटेन के अपने सफर का अंत करेगी. मशाल रिले की शुरुआत कल 15 वर्षीय स्कूली छात्र नताशा सिन्हा ने सुबह सात बजकर 20 मिनट पर की. इसके बाद इस मशाल को अकेले नाव पर बिना रुके दुनिया का चक्कर लगाने वाले पहले व्यक्ति रोबिन नाक्स जानसन ने थामा. कोमानेची इसके बाद मशाल को नार्थ ग्रीनविच एरेना के उपर ले गई. ओलंपिक मशालधारकों में सबसे युवा 12 वर्षीय छात्र चेस्टर चैम्बर्स और सबसे उम्रदराज भारत में जन्में 101 वर्षीय मैराथन धावक फौजा सिंह थे.

Related Posts: