नई दिल्ली, 27 अप्रैल। दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने पिछले आदेश को पलटते हुए शुक्रवार को कांग्रेस नेता नारायण दत्त तिवारी को डीएनए परीक्षण के लिए खून का नमूना देने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि तिवारी को डीएनए परीक्षण के लिए खून का नमूना देने के लिए बाध्य किया जा सकता है। यह आदेश तिवारी का पुत्र होने का दावा करने वाले 32 वर्षीय रोहित शेखर की याचिका पर सुनाया गया है।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए.के. सीकरी और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ ने कहा कि यदि तिवारी कोर्ट के आदेश के बावजूद खून का नमूना देने से इंकार करें तो उनके खिलाफ पुलिस का इस्तेमाल किया जा सकता है। न्यायालय ने शेखर की अपील भी मंजूर कर ली। शेखर ने न्यायमूर्ति गीता मित्तल के सितम्बर 2011 के आदेश को कोर्ट में चुनौती दी थी। उस आदेश में कहा गया था कि तिवारी को डीएनए परीक्षण के वास्ते खून का नमूना देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

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