मामला हिना-बिलावल का

इस्लामाबाद, 30 सितंबर. पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के बेटे और पीपीपी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो के इश्क की खबरों को सार्वजनिक करने वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ है.

ब्रिटेन के एक समाचार पत्र ने यह खुलास किया है. हालांकि पाक सेना ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है. आईएसआई के प्रवक्ता ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया कि आईएसआई हिना और बिलावल को बदनाम करने के लिए अभियान चलाए हुए हैं. प्रवक्ता ने कहा कि विदेश मंत्री और आईएसआई के बीच कोई परेशानी नहीं है. प्रवक्ता ने कहा कि यह अभियान वे लोग चला रहे हैं, जो विभिन्न संस्थानों के बीच मतभेद पैदा कर पाकिस्तान को कमजोर करना चाहते हैं. इसमें कुछ भी नया नहीं है. ये लोग पहले भी इस तरह की गलत खबरें प्रकाशित करवा चुके हैं. ब्रिटेन के समाचार पत्र को ऐसी खबर छापने से पहले विभिन्न संस्थाओं से पुष्टि तो करनी चाहिए थी. समाचार पत्र को जिम्मेदारी से बर्ताव करना चाहिए था. बिना नाम और सूत्रों के हवाले से चलाई जा रही खबरों को लेकर पाकिस्तान की सेना कानूनी कार्रवाई कर सकती है.

ब्रिटेन के समाचार पत्र ने पीपीपी के वरिष्ठ नेता के हवाले से बताया है कि सुरक्षा बलों की ओर से हिरासत में लिए जाने के बाद लापता हुए हजारों लोगों के मामले की संयुक्त राष्ट्र संघ की टीम से जांच करवाने में हिना का हाथ रहा है. इससे आईएसआई भड़क गई थी. यूएन वर्किग ग्रुप ने हाल ही में पाकिस्तान का दौरा किया था. उसने इस मामले में पाकिस्तानी सेना और आईएसआई के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी.

हिना-बिलावल पर फतवे की तलवार, खौफ में जरदारी

पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार को बिलावल भुट्टो के साथ प्यार में डूबना भारी पड़ सकता है। अब उनके प्यार पर पहरा लग सकता है। पाक राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के बेटे बिलावल और हिना रब्बानी खार के बीच अफेयर को लेकर उन पर फतवे की तलवार लटक रही है। गौर हो कि हिना और बिलावल के इश्क की खबरें इन दिनों सुर्खियों में बनी हुई हैं और वे एक-दूसरे को पाने के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं। बांग्लादेश के एक टैब्लायड के अनुसार, बिलावल और हिना के खिलाफ फतवा जारी किया जा सकता है। पाक के कट्टरपंथी संगठन की नजर इस अफेयर पर टेढ़ी हो गई है और इस्लाम में विवाहेत्तर संबंधों को गलत मानते हुए यह संगठन हिना और बिलावल के खिलाफ जल्द फतवा जारी कर सकते हैं।

कुछ अपुष्ट खबरों के अनुसार, राष्ट्रपति जरदारी को भी इस बात की जानकारी है। इसी वजह से वह आशंकित भी हैं। हिना की जल्द ही पाकिस्तान के कैबिनेट से विदाई हो सकती है और बिलावल को पीपीपी अध्यक्ष पद छोडऩा पड़ सकता है। सूत्रों के अनुसार बीते माह इस अफेयर को लेकर पति के सवाल उठाने के बाद हिना ने फिरोज से साफ कहा कि वह पति को तो छोड़ सकती हैं, लेकिन राजनीति को अलविदा कतई नहीं कहेंगी। हिना ने फिरोज से अपना नजरिया सुधारने को भी कहा है। यदि फतवा जारी होता है तो पीपीपी सरकार के सामने मुश्किलें बढ़ सकती है।

इस बात की संभावना है कि जरदारी बदनामी से बचने को हिना को विदेश मंत्री पद से हटा सकते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार जब फिरोज को हिना और बिलावल के रिश्ते के बारे में पता चला तो वह नजर रखने लगे। शक का बीज तब पनपा जब हिना रब्बानी बतौर विदेश मंत्री बिलावल के साथ विदेशी दौरे पर जाती थी। यह बात फिरोज गुलजार को नागवार गुजरी और उसने इसका विरोध भी किया था। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा जोरों पर है कि हिना रब्बानी और बिलावल भुट्टो के बीच इश्क इस हद तक परवान चढ़ चुका है कि वे दोनों एक दूसरे से शादी के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।

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