भारतीय किसान यूनियन और पुलिस के बीच हुई झड़प का मामला

भोपाल, 5 मई. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने अनूपपुर के दशहरी थाना क्षेत्र में शनिवार को भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हुई झड़प की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुये कहा कि मोजर वेयर कंपनी के संयंत्र के लिये जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है.

उनको कंपनी द्वारा अविलंब मुआवजे  का भुगतान किया जाना चाहिये. संयंत्र की स्थापना के लिये अपनी जमीन से हाथ धो बैठने वाले किसानों को कंपनी द्वारा मुआवजे  की रकम का पूरा भुगतान किया जाता, फिर संयंत्र का निर्माण कार्य प्रारंभ होता.  लेकिन ऐसा न किया जाकर किसानों को मुआवजे के भुगतान के लिये कंपनी द्वारा अब परेशान किया जा रहा है. कंपनी शायद यह मान बैठी है कि किसानों की जमीनें लेकर संयंत्र का निर्माण शुरु हो चुका है. इसलिये अब प्रभावित किसानों के हितों की चिंता करना उसके लिये जरुरी नहीं रहा है. भूरिया ने कहा कि कंपनी के साथ किसानों की यूनियन की चर्चा के समय पुलिस ने कंपनी के प्रति तरफदारी दिखाई थी, जबकि किसान शांतिपूर्ण ढंग से अपना हक मांग रहे थे. आपने कहा है कि जिला प्रशासन को प्रभावित किसानों के साथ खड़ा होकर उनको एक निर्धारित समय सीमा में कंपनी से मुआवजे की रकम का भुगतान कराने के लिये कदम उठाना चाहिये. अन्यथा अपनी जमीनों से वंचित किसानों का आक्रोश अंचल में किसी अप्रिय स्थिति का निर्माण भी कर सकता है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मोजर वेयर कंपनी प्रबंधन को सलाह दी है कि वह मुआवजे के प्रकरण को लंबा खींचने का प्रयास न करे. किसानों को उनके आजीविका के साधन से भी वंचित कर दिया जाये. और उन्हे समय पर मुआवजा भी न मिले, दोनो एक साथ नहीं चल सकता. उन्होने गिरफ्तार किसानों को बिना शर्त अविलंब रिहा करने की मांग करते हुये घायल एसपी, तहसीलदार तथा पुलिस कर्मियों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है.

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