कोयला ब्लॉक आवंटन: इस्तीफे की मांग पर मनमोहन का करारा जवाब

विशेष विमान से, 31 अगस्त. गुटनिरपेक्ष सम्मेलन में हिस्सा लेकर तेहरान से नई दिल्ली लौट रहे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बीजेपी के मौजूदा विरोध को ध्यान बंटाने की कोशिश बताया है.

अपने इस्तीफे की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष को जनता के फैसले का सम्मान करते हुए 2014 तक इंतजार करना चाहिए, लेकिन वे सत्ता में आने को बेताब हैं. पीएम ने यह भी कहा कि राहुल गांधी को भी उन्होंने कई बार मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए कहा ह . संसद में लगातार हो रहे हंगामे पर उन्होंने कहा कि विपक्ष को चाहिए कि वह सरकार को काम करने का मौका दे, सत्ता में आने की हड़बड़ी न मचाए. बीजेपी को राजनीतिक एजेंडा तय करने देने पर प्रधानमंत्री ने कहा, नेताओं के साथ आरोप-प्रत्यारोप में शामिल नहीं होना चाहता. उन्होंने आगे कहा कि घरेलू राजनीति में तालमेल की कमी एक वजह रही है, जिससे देश नौ प्रतिशत आर्थिक वृद्धि की बुनियाद को पक्की नहीं कर पाया. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ईरान से लौटते वक्त अपने विशेष जहाज एयर इंडिया में पत्रकारों से बात कर रहे थे.

संसद से सड़क पर लड़ाई शुरू-भाजपा

नयी दिल्ली, 31 अगस्त, नससे. कोयला ब्लाक आवंटन मामले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफा देने से इंकार करने और भाजपा को 2०14 तक इंतजार करने की श्री सिंह की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्य विपक्षी पार्टी ने आज कहा कि जिंदा कौमे पांच साल इंतजार नहीं करतीं और इस सरकार को जाना ही होगा.

प्रधानमंत्री के भाजपा को 2०14 तक इंतजार करने और इस्तीफा नहीं देने के बयान के बारे में पूछे जाने पर भाजपा प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा अगर वे जिद पर अड़े हैं तब जनता भी जिद पर अड़ी है. जिन्दा कौमें पांच साल इंतजार नहीं करतीं. हम संसद से सड़क तक आंदोलन करेंगे. उनहोंने कहा कि अभी तक हम संसद में विरोध करते आये है लेकिन अब देश के मुख्य क्षेत्रों में विरोध करेंगे. उन्होंने कहा कि दिल्ली में राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरूण जेटली, झारखंड में यशवंत सिन्हा और ऐसे में ही सभी जगहों पर सड़कों पर विरोध शुरू हो गया है. उन्होंने कहा कि ऐसे ही 1 और 2 सितंबर को भी विरोध किया जाएगा.

इसके लिए आज से देश के जगह-जगह पर भाजपा ने और ऐसा माहौल बनायेंगे कि सरकार को सत्ता छोड़कर जाना होगा. प्रधानमंत्री का जनादेश का सम्मान करने के सुझाव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा जनादेश सत्ता चलाने के लिए होता है घोटाला करने के लिए नहीं. मुख्य विपक्षी पार्टी ने कथित अनियमितता पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट पर सवाल खड़ा करने और आवंटन को सही ठहराने के सरकार और कांग्रेस के प्रयासों को अनुचित और मनमाना करार दिया.

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