राजधानी में विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर हुए विभिन्न आयोजन

भोपाल 31मईनभासं. मध्यप्रदेश सरकार की कोशिशों के बावजूद तंबाकू कंपनियां अपने पैंतरों से बाज नहीं आ रहीं.बीड़ी, सिगरेट और गुटखा आदि तंबाकू उत्पाद बनाने वाली कंपनियां इन दिनों स्कूली बच्चों को हमेशा के लिए इसकी लत लगाने की फिराक में हैं.इसके लिए ये बड़ी मात्रा में उन्हें मुफ्त में अपने उत्पाद मुहैया करवा रही हैं.

तंबाकू कंपनियों की इस नई मार्केटिंग ट्रिक से सरकार को अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने चेताया है.स्कूली बच्चों के बीच सैंपल के रूप में मुफ्त बांटे जा रहे तंबाकू उत्पादों के खतरे पर पहली बार आवाज उठी है.डब्लूएचओ ने इसे बेहद खतरनाक बताया है.इसका कहना है कि सरकार तंबाकू सेवन घटाने के लिए जितने उपाय कर रही है, वे सब इससे धरे रह जाएंगे.इसलिए इस पर तुरंत नकेल कसने की जरूरत है.

इस बारे में डब्लूएचओ ने कहा है कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह लोगों को तंबाकू के खतरे से बचाए.इसके लिए तंबाकू विरोधी उपायों को सख्ती से लागू करवाना जरूरी है.उन्होंने माना कि डब्लूएचओ के तंबाकू नियंत्रण फ्रेमवर्क संधि (एफसीटीसी) में शामिल होने के कारण सरकार तंबाकू उत्पादन को कम करने के लिए कदम उठा रही है.लेकिन ये कंपनियां उनका प्रभाव कम करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहीं.पिछले कुछ वर्षो के दौरान तंबाकू उत्पादों पर सचित्र चेतावनी छापने जैसी कई सख्तियां की गई हैं.

इनका मुकाबला करने के लिए तंबाकू कंपनियों ने भी नए-नए हथकंडे अपनाने शुरू कर दिए हैं.इसमें बच्चों को ये उत्पाद सैंपल के तौर पर मुफ्त उपलब्ध करवाना सबसे खतरनाक है.इसके अलावा विज्ञापन पर लगी रोक के बाद इन कंपनियों ने तंबाकू ब्रांड से मिलते-जुलते नाम से नए उत्पाद बाजार में उतार दिए. विश्व तंबाकू निषेध दिवस (31 मई) के मौके पर डॉक्टरों ने आगाह किया कि युवाओं के लिए सिगरेट काल के समान है.धूमपान कम उम्र में दिल के दौरों की एक मुख्य वजह है.भारत में इस तरह के करीब 4.5 करोड़ रोगी हैं.विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार तंबाकू का इस्तेमाल दुनियाभर में लोगों की सेहत को खतरा पहुंचाने की सबसे बड़ी वजहों में शामिल है.इससे हर साल करीब 60 लाख लोगों की मौत हो जाती है.इनमें से करीब छह लाख लोग तो ऐसे हैं, जो सिगरेट बीड़ी पीते भी नहीं.ऐसे लोग दूसरों के धूमपान का शिकार बन जाते हैं.

भारत में भी हालात चिंताजनक हैं.यहां हर साल तंबाकू सेवन के कारण लगभग 10 लाख लोग मारे जाते हैं.डब्ल्यूएचओ की 2012 की वैश्विक मृत्यु दर रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 30 साल या इससे अधिक उम्र में मौत के सात प्रतिशत मामले तंबाकू के खतरे से जुड़े होते हैं. इसीतरह मध्यप्रदेश में 6 प्रतिशत लोग तंबाकू कैंसर से पीडि़त हैं. तंबाकू के सेवन और खासतौर पर सिगरेट पीने से फेफड़े का कैंसर जैसी बीमारियां होती हैं.हालांकि लोगों को अंदाजा नहीं है कि कम उम्र में दिल के दौरों की भी यह बड़ी वजह है.विश्व हृदय संघ की रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि करीब 1.73 करोड़ लोग दिल की बीमारियों का शिकार हो जाते हैं.इनमें से 10 प्रतिशत की मौत तंबाकू के कारण होती है.

इंटरहार्ट के ताजा अध्ययन के अनुसार भारत समेत 52 देशों में किए गए एक अध्ययन में पता चला कि एक से नौ सिगरेट प्रतिदिन पीने से दिल के दौरे का खतरा 1.5 गुना बढ़ जाता है.वहीं 10 से 19 सिगरेट रोज फूंकने से यह खतरा 2.8 गुना, 20 से ज्यादा सिगरेट पीने से इस खतरे में 4.7 गुना इजाफा हो जाता है. यदि महिलाएं धूमपान और गर्भनिरोधक गोलियों साथ लेती हैं तो यह यह खतरा कई गुना हो जाता है.

संस्था शिव कल्याण एवं शिक्षण समिति द्वारा संचालित जीवन ज्योति द्वारा अंतर्राष्टï्रीय तंबाकू निषेध दिवस के उपलक्ष्य में सूरज नगर जागरुकता एवं चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में लोगों ने नशे के बारे में सारी जानकारी प्राप्त की साथ ही उनके परिवार के सदस्य जो कि नशे का सेवन करते है उनके उपचार के बारे में जानकारी प्राप्त की. नशे के साथ-साथ कुछ ऐसे लोग भी परीक्षण करवाने आए जो कि गर्मियों मे होने वाली परेशानियों से जूझ रहे है. डॉ. वीरेन्द्र यादव ने लोगों की जांच कर उन्हे आवश्यक दवाइयां वितरित की एवं सामाजिक कार्यकर्ता एवं परामर्शदाता उनसे बात कर उन्हे मार्गदर्शन प्रदान किया. शिविर से लगभग 165 लोग लाभान्वित हुए.

स्थानीय जवाहर बाल भवन एवं सामाजिक न्याय विभाग के संयुक्त तत्वावधान में अंतर्राष्टï्रीय तम्बाकू एवं धूम्रपान निषेध दिवस बच्चों के बीच मनाया गया. इस अवसर पर पाँच से सोलह वर्ष आयु समूह के बच्चों के लिये प्रात: 8.30 बजे से जवाहर बाल भवन में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई. जिसमें लगभग 500 बच्चों ने भाग लिया. प्रतियोगिता के पश्चात बच्चों के बीच सामाजिक न्याय विभाग के कलाकार आर. नरोलिया, भैयालाल शर्मा, श्री करन सिंह ने लोकगीतों व नृत्य के माध्यम से बच्चों को तम्बाकू व धूम्रपान न करने का संदेश दिया. चित्रकला प्रतियोगिता का निर्णय विनय सप्रे, वरिष्ठ कलाकार शाहबानो राज सैनी, द्वारा किया गया. जवाहर बाल भवन के प्रभारी सहायक संचालक, एम.एस. पवार ने बताया कि कल दिनांक 1.6.12 को प्रात: 5 बजे प्रश्र मंच का आयोजन एवं पुरस्कार वितरण बाल भवन के सभाग्रृह में किया जायेगा.

गुटका पाऊच विक्रय करने वालों के विरूद्ध अभियान जारी रखा जाये. तम्बाखू गुटका और दूसरे गुटका एवं पाऊच स्वास्थ्य के लिये घातक है. इनके विक्रय और उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के लिये अभियान चलाकर कार्रवाई की जाये. इस आशय के निर्देश कलेक्टर निकुंज कुमार श्रीवास्तव ने खाद्य एवं औषधी प्रशासन विभाग के अधिकारियों को दिये. कलेक्टर श्रीवास्तव तम्बाखू निषेध दिवस पर आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित एक बैठक को सम्बोधित कर रहे थे. बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री अभय सिंह,मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पंकज शुक्ला सहित अन्य चिकित्सक एवं अधिकारीगण मौजूद थे. कलेक्टर ने कहा कि तम्बाखू के गुटका और पाऊच पर रोक लगाने के अभियान की कार्रवाई के परिणाम स्पष्ट रूप से परिलक्षित होना चाहिए.उन्होंने कहा कि तम्बाखू निषेध के लिये सार्वजनिक स्थल पर स्मोकिंग को पूर्णत: प्रतिबंधित किया जाय.

सार्वजनिक स्थल पर स्मोकिंग करते पाये जाने वालो के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की जाय. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर स्मोकिंग प्रतिबंधित है और ऐसा करने पर दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी. कलेक्टर ने कहा कि इस दिशा में जनजागरूकता के लिये विभिन्न स्थानों पर पोस्टर लगाए जाना चाहिये जिससे लोगों को तम्बाखू सेवन के दुष्परिणाम देखने मिले. कलेक्टर ने कहा कि स्कूलों,शिक्षण संस्थाओं की सौ मीटर परिधी में तम्बाखू उत्पादों का विक्रय कतई बर्दाश्त नहीं किया जायगा. जहां कहीं भी स्कूल और शिक्षण संस्थानों की सौ मीटर की परिधी में तम्बाखू उत्पाद बेचने वाली दुकाने लगी पाई जायेगी उन्हें हटा दिया जायेगा. हूक्का लाउंज को भी बंद कराया जायेगा.

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