बैरागढ़ 08 जून (संवाददाता) संत हिरदाराम नगर स्थित अयप्पा मंदिर से लाउखेडी वाले मार्ग को एयरपोर्ट अथोरिटी ने एक सप्ताह पूर्व गेट लगाकर बंद कर दिया यह मार्ग डागा हाउस से होता हुआ लाउखेडी, लाउखेडी से गांधीनगर जाता है जहां पूर्व में भी इसको लेकर लोगो ने जिला प्रशासन से मांग की थी कि जब तक, लाउखेडी से दाता कालोनी वाले मार्ग तक लाउखेडी वाले एप्रोच रोड नहीं बन जाता तब तक इस मार्ग को बंद नहीं किया जाये.

लेकिन इसके इस मार्ग को बंद किये जाने से लाउखेडी व कैलाश नगर के लोगो ने एयरपोर्ट द्वारा बनाई गई बाउन्ड्री वाल को तोड कर पैदल जाने के लिए रास्ता बना लिया था.गुरुवार को जैसे ही विमान प्राधिकारी प्रशासन को सूचना मिली तो वे इस बाउन्ड्री वाल को बंद कराने पहुंचे जहा लाउखेडी के लोग सडक पर उतर आये. मौके पर पहुंचे बैरागढ वृत के तहसीलदार अतुल सिंह भी मौके पर पहुंच गये थे उन्होने लोगो को समझाया कि इस तरह का आंदोलन उनके लिए ठीक नहीं है.

किसी तरह बाउन्ड्री वाल बंद नहीं की गई तब जाकर लोग शांत हुए. उल्लेखनीय है कि क्षेत्रीय पार्षद कृष्णमोहन सोनी ने लाउखेडी से दाता कालोनी व अयप्पा मंदिर तक बनाये गये रोड को जोडने वाले एप्रोच रोड बनाये जाने की घोषणा की थी लेकिन छ: माह से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी यह मार्ग नहीं बना. एयरपोर्ट प्रशासन से गांधीनगर वाले मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया. इस वजह से लोगो को आने जाने में काफी परेशानी का सामना करना पडता है. लाउखेडी एप्रोच रोड 15 लाख की लागत से बनाया जाना है लेकिन एक अतिक्रमण बांधा बना हुआ है. इस वजह से काम रुक गया था. कल कृष्णमोहन सोनी ने भी घटना स्थल पर पहुंच ठेकेदार को निर्देश दिये. लाउखेडी, गांधीनगर और सीटीओ वाले मार्ग बंद हो जाने से लोगो को करीब तीन किलोमीटर से अधिक घूमकर बैरागढ पहुंचना पड रहा है और स्कूली बच्चो को भी अपने अध्यापन के लिए इतना चक्कर लगाकर स्कूल पहुंचना पडेगा.

अंधेरे में डूबा नया रोड:
दाता कालोनी से अयप्पा मंदिर तक बनाये गये चार करोड की लागत से लोक निर्माण विभाग ने डाई किलोमीटर का मार्ग बनाया है जिसमे तीन अंधे मोड भी शामिल है. गांधीनगर से बैरागढ पहुंचने वाले लोगो को इस मार्ग से गुजरना पड रहा है जहां पर न तो वैपर लैम्प लगाये गये है जैसे कि लोगो को बिजली की रोशनी में आने जाने में परेशानी न हो. जबकि, अयप्पा मंदिर से कैलाश नगर तक बनाये गये इस मार्ग में एक भी स्पीड ब्रेकर नहीं है जहां भारी वाहन भी मार्ग पर बखूबी दौड रहे है कभी भी इस मार्ग पर दुर्घटना हो सकती है. इसकी चिंता न तो पार्षदों को है.

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