पाक को इराक समझने की भूल न करे

इस्लामाबाद, 19 अक्टूबर. पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल अशफाक कयानी ने अमेरिका को आंखे तरेरते हुए कहा है कि पाकिस्तान में एकतरफा सैन्य कार्रवाई से पहले उसे 10 बार सोचना होगा क्योंकि उनका देश इराक या अफगानिस्तान नहीं है।

जनरल कयानी ने रक्षा संबंधी संसदीय समिति के समक्ष कहा है कि अमेरिका को अफगानिस्तान से लगते सीमावर्ती क्षेत्र में आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने का उनके देश पर दबाव बनाने की बजाए अफगानिस्तान को स्थिर करने पर ध्यान देना चाहिए। सेना प्रमुख ने कहा कि अशांत उत्तर वजीरिस्तान क्षेत्र में कबीले आतंकवादियों के खिलाफ पूरी शिद्दत से कार्रवाई करने का और कार्रवाई के समय के बारे में फैसला सिर्फ और सिर्फ पाकिस्तान करेगा। समिति के एक सदस्य ने बताया कि गड़बड़ी या समस्या पाकिस्तान में नहीं बल्कि अफगानिस्तान में है। सेना मुख्यालय में हुई समिति की बैठक में जनरल कयानी ने राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर अपना पक्ष रख रहे थे।

तालिबान हथियार डाले : मलिक 

 इस्लामाबाद। पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान तालिबान आतंकियों से से तभी वार्ता करेगा जब वह अपने हथियार डाल देंगे। मलिक ने कहा कि पाकिस्तान का मुख्य एजेंडा यह है कि तालिबान आतंकवादी अपने हथियार डालें और आगे आएं इसके बाद ही उनसे बातचीत की जाएगी लेकिन अगर वे ऐसा सोच रहे है कि वे अपने हाथों में हथियार रखें और उनसे बातचीत भी हो यह संभव नहीं है। गौरतलब है कि पाकिस्तान तथा तालिबान आतंकवादियों ने हाल ही में परस्पर खुली बातचीत करने के संकेत दिए थे। गौरतलब है कि अमेरिका आरोप लगाता रहा है कि पाकिस्तान की सीमा के भीतर हक्कानी नेटवर्क मौजूद है।

वह वहीं से हमलों को अंजाम देने
की योजनाएं बना रहा है। इतना ही नहीं अमेरिका ने तो यहां तक
कहा है कि पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई हक्कानी नेटवर्क को हर तरह की मदद उपलब्ध कराती है।

Related Posts: