एफडीआई पर कांग्रेस को करनी पड़ रही है कड़ी मशक्कत

ममता मंगलवार को लेंगी फै सला

नई दिल्ली, 16 सितंबर. डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी और मल्टी ब्रांड रिटेल में विदेशी निवेश को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने अपना रूख कड़ा कर लिया है. तृणमूल कांग्रेस के नेता सौगत रॉय ने कहा, टीएमसी के केंद्रीय मंत्री इस्तीफा दे सकते हैं. उन्होंने कहा, ममता को मनाना मुश्किल है.

सरकार में शामिल तृणमूल कांग्रेस के मंत्री मंगलवार को ममता बनर्जी को अपने इस्तीफे सौंप सकते हैं. तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने मंगलवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई है. इसमें अंतिम फैसला लिया जाएगा कि सरकार में रहा जाए या नहीं. केंद्र सरकार में तृणमूल कांग्रेस के 6 मंत्री हैं. लोकसभा में तृणमूल के 19 सांसद हैं. एफडीआई के मसले पर तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी और सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह साथ आ सकते हैं. सपा सांसद किरणमय नंदा ने इसके संकेत दिए हैं. इससे पहले राष्ट्रपति चुनाव के दौरान भी ममता और मुलायम सिंह एक साथ आए थे.हालांकि बाद में मुलायम सिंह पलट गए थे और ममता को भी मजबूरी में प्रणब मुखर्जी का समर्थन करना पड़ा था.

एफ डीआई से किसान लाभान्वित होंगे

प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी नारायणसामी ने आज कहा कि मल्टी ब्रांड खुदरा कारोबार में 51 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को मंजूरी देने का फैसला देश के आर्थिक विकास को ध्यान में रखते हुये किया गया है. श्री नारायणसामी ने यहां हवाईअड्डे पर संवाददाताओं से कहा कि देश के आर्थिक विकास और रोजगार के अवसरों के उत्पन्न होने की संभावनाओं को देखते हुये मल्टी ब्रांड खुदरा कारोबार और उड्डयन क्षेत्र में एफ्डीआई को सरकार ने मंजूरी दी है. उन्होंने कहा कि इससे अनेक क्षेत्र में निवेश आकर्षित होगा और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होने से किसान सीधे लाभान्वित होंगे. उन्होंने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के प्रमुख सहयोगियों के 20 सितंबर को होने वाली हडताल में शामिल होने संबंधी खबरों का खंडन किया. उन्होंने कहा कि डीजल के मूल्य में वृद्धि अपरिहार्य हो गयी थी. कावेरी नदी के जल के मसले पर तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच विवाद के संबंध में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 19 सितंबर को कावेरी नदी प्राधिकरण की बैठक बुलायी है.

कांग्रेस का दावा सरकार के पास पूरा बहुमत

मल्टी ब्रांड रिटेल में विदेशी निवेश के सरकार के फैसले के बचाव में कांग्रेस जुट गई है. सरकार पर भले ही भविष्य का सियासी संकट गहरा रहा हो, मगर कांग्रेस ने दावा किया है कि यूपीए सरकार के पास पूर्ण बहुमत है. वहीं सरकार पर आंखें तरेर रहीं ममता बनर्जी के अल्टीमेटम के बावजूद कांग्रेस ने उम्मीद जताई है कि वह सरकार से समर्थन वापस नहीं लेंगी. भ्रष्टाचार और महंगाई की बदनामी झेल रही सरकार ने एक साथ कई बड़े फैसले लेकर कांग्रेस की राजनीतिक चुनौती में और इजाफा कर दिया है, मगर इस घड़ी में सरकार के साथ खड़ा होने की जरूरत को समझते हुए कांग्रेस ने उसके फैसलों की मजबूती से पैरोकारी की है. सरकार पर भले ही भविष्य की राह तय करने का संकट गहरा रहा हो, लेकिन कांग्रेस ने खुलकर कहा है कि उसके पास पूर्ण बहुमत है और उसे भविष्य का कोई संकट नहीं है. कांग्रेस प्रवक्ता पीसी चाको ने कहा कि जो लोग सरकार की अस्थिरता की बात कर रहे हैं, वह जनता को गुमराह कर रहे हैं.

सरकार का आधार बहुत मजबूत है.

दरअसल, पर्दे के पीछे कांग्रेस सरकार के लिए संकटमोचक की भूमिका भी अदा कर रही है. पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल ने ममता के करीबी सहयोगी रेल मंत्री मुकुल रॉय से मुलाकात की है. अंदरखाने ममता को समझाने बुझाने की कोशिश जारी है, मगर सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक के जरिए बंगाल की मुख्यमंत्री ने सरकार पर बमबारी जारी रखी है. मालूम हो कि ममता ने सरकार को अपने फैसले वापस लेने के लिए 72 घंटे का वक्त दिया है.

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