कोलकाता, 10 जनवरी. तृणमूल कांग्रेस ने कांग्रेस की सियासी सिरदर्दी और बढ़ा दी है. ममता बनर्जी ने पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में अकेले उतरने का फैसला किया है. उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने साफ किया है कि इन चुनावों में उसका किसी भी दल से गठबंधन नहीं होगा.

तृणमूल कांग्रेस ने उत्तराखंड में 30, उत्तर प्रदेश में 100 से अधिक और मणिपुर में 42 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है. पार्टी पंजाब और गोवा में भी अपने दम पर चुनाव लड़ेगी. इस बारे में दोपहर बाद प्रेस सम्मेलन करके वह उम्मीदवारों का ऐलान कर सकती हैं. तृणमूल कांग्रेस ने सोमवार को भी कांग्रेस पर हमला बोला था. कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक रैली में तृणमूल के महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा कि कांग्रेस पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी गठबंधन से बाहर निकलने का रास्ता खुद चुन ले. ग्रामीण विकास मंत्री सुब्रतो मुखर्जी ने तो यहां तक कहा कि कांग्रेस नेता इतने बेशर्म हैं कि कहने के बावजूद मिनिस्ट्री में बने हुए हैं.

नोएडा में मूर्तियों पर लगा पर्दा

नोएडा. मुख्यमंत्री मायावती व हाथी की मूर्तियों को ढंकने संबंधी चुनाव आयोग के निर्देश का जिले में पालन शुरू कर दिया गया है. ग्रेटर नोएडा में सूरजपुर एंट्री प्वाइंट और गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में बनी मुख्यमंत्री व हाथियों की मूर्ति को सोमवार को ढंक दिया गया. नोएडा व बादलपुर स्थित मुख्यमंत्री के महत्वाकांक्षी पार्कों में मंगलवार को मूर्तियों को ढंकने का काम शुरू किया जा सकता है. जिला निर्वाचन अधिकारी हृदेश कुमार ने सोमवार को प्राधिकरण समेत अन्य विभागों को मूर्तियों को ढंकने का आदेश जारी किया.

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सुबह ही मूर्तियों को ढंकने का काम शुरू कर दिया. सूरजपुर एंट्री प्वाइंट पर प्राधिकरण ने हाथी की चारों मूर्तियों को पन्नी से बांध दिया. गौतमबुद्ध विवि परिसर में मुख्यमंत्री मायावती की प्रतिमा को भी पॉलीथिन से ढंक दिया गया है. नोएडा के राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल व ग्रीन गार्डन और बादलपुर के अंबेडकर पार्क में मूर्तियों को ढंकने की कवायद अभी शुरू नहीं हुई है. मामले में सोमवार को नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी [सीईओ] कैप्टन एसके द्विवेदी ने उत्तार प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के महाप्रबंधक अरविंद त्रिवेदी संग एक महत्वपूर्ण बैठक की. सूत्र बताते हैं कि बैठक में मूर्तियों को ढंकने के लिए प्रयोग होने वाली पॉलीथिन के रंग को लेकर चर्चा की गई.

हाथी के साथ राजीव गांधी की मूर्ति पर भी पर्दा

शाहजहापुर। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर तहसील प्रशासन ने सोमवार को राजीव चौक पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाधी व राजा मार्केट में हाथी की प्रतिमाओं को कपड़े से ढंक दिया। हालांकि बाद में कांग्रेसियों के विरोध को देखते हुए राजीव गाधी की प्रतिमा से कपड़ा हटा दिया गया। काग्रेसियों ने राजीव गाधी की प्रतिमा ढंकी देखी तो इसे अवैध करार देते हुए राजीव चौक पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान डा. हरीश दीक्षित ने वर्ष 1993 में स्थापित इस प्रतिमा को राष्ट्र के सम्मान का प्रतीक बताया। बताते हैं कि तहसीलदार के मौखिक निर्देश पर नगर पालिका ने रविवार को राजीव व हाथी की प्रतिमाओं को कपड़ों से ढंक दिया था। आज एसडीएम के कहने पर राजीव की मूर्ति से कपड़ा हटा लिया गया, जबकि हाथी की प्रतिमा अभी भी ढंकी है। राजा मार्केट में हाथी प्रतिमा की स्थापना पिछले माह ही हुई थी।

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