• प्लॉनिंग सेल भी बनाये गये

भोपाल,3 नवम्बर. बारहवीं पंचवर्षीय योजना अवधि में प्रदेश में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति, बिजली की उपलब्धता बढ़ाने, पारेषण के क्षेत्र में नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण, वितरण के क्षेत्र में बिजली की चोरी तथा एटी एण्ड सी हानियों को कम करने के साथ ही विद्युत कम्पनियों को आत्म-निर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है.

प्रदेश में विद्युत के क्षेत्र में चुनौतियों से निपटने के लिये पंचवर्षीय योजना में विशेष प्रावधान किया गया है. इसके लिये तीनों विद्युत वितरण कम्पनियों, ट्रांसमिशन कम्पनी तथा जनरेटिंग कम्पनी में मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में प्लॉनिंग सेल बनाये गये हैं. सभी प्रस्तावों को एकजाई करने के लिये ट्रांसमिशन कम्पनी में मुख्य सेल भी बनाया गया है.

विद्युत की उपलब्धता बढ़ाने के लिये राज्य शासन द्वारा 65 हजार मेगावॉट क्षमता की परियोजनाओं की स्थापना के लिये समझौता ज्ञापन 56 निजी क्षेत्र की कम्पनियों के साथ निष्पादित किये गये हैं. साथ ही केन्द्रीय क्षेत्र एवं राज्य शासन द्वारा भी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है. इसके अलावा पारेषण के क्षेत्र में नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण के लिये प्रणाली का विस्तार करना बहुत आवश्यक है. इसके लिये एडीबी तथा जायका से ऋण प्राप्त किया जा रहा है. कार्यों की अधिकता को देखते हुए तथा रिसोर्स कम होने के कारण जन-निजी भागीदारी से भी पारेषण लाइनों तथा उप-केन्द्रों का निर्माण भी किया जायेगा. जन-निजी भागीदारी की परियोजना के डाउन स्ट्रीम में उप-पारेषण एवं वितरण प्रणाली का भी निजी-भागीदारी से निर्माण किया जायेगा. जिन क्षेत्रों में विद्युत हानियों का स्तर अधिक है, उन क्षेत्रों को फ्रेंचाइजी के माध्यम से बिजली का प्रदाय किया जायेगा.

इसी प्रकार वितरण के क्षेत्र में बिजली की चोरी तथा एटी एण्ड सी हानियों को कम किया जायेगा ताकि विद्युत कम्पनियाँ आत्म-निर्भर हो सकें. विद्युत के क्षेत्र में चुनौतियों के समाधान के लिये राज्य सरकार द्वारा सभी क्षेत्रों में विशेष प्रयास किये जा रहे हैं. विद्युत वितरण के इन कार्यों से बिजली उपभोक्ताओं को सुलभ विद्युत प्राप्त हो सकेगी.

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