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नयी दिल्ली, 28 अगस्त. भारत के सफलतम कप्तान सौरभ गांगुली ने आज यहां विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि महेन्द्र सिंह धोनी के सूरमाओं में इतना दम है कि वे सितंबर में श्रीलंका में होने वाले टवंटी-20 विश्वकप में एक बार फिर खिताब जीतने में कामयाब होंगे.

गांगुली ने पूर्व भारतीय क्रिकेट संजय मांजरेकर के साथ यहां ईएसपीएन स्टार स्पोर्ट्स के आईसीसी टवंटी-20 विश्वकप की प्रसारण योजनाओं के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन में भारत की संभावनाओं पर कहा भारतीय टीम में कई ऐसे धुरंधर खिलाडी हैं जो आसानी से गेंद को सीमारेखा से पार करा सकते हैं और अकेले अपने दम पर मैच जिता सकते हैं. विश्वकप में मांजरेकर के साथ कमेंटेटर की भूमिका में उतरने जा रहे गांगुली ने कहा मैं विश्वकप के लिए किसी दावेदार के बारे में कोई भविष्यवाणी करने में यकीन नहीं रखता हूं लेकिन मेरा मानना है कि भारतीय टीम में धोनी, विराट कोहली, गौतम गंभीर, वीरेन्द्र सहवाग और युवराज सिंह ऐसे जबर्दस्त खिलाडी हैं जो मैच का रख पलट सकते हैं.

गांगुली ने कहा भारत ने गत वर्ष एकदिवसीय विश्वकप जीता था और इस समय उसके पास जो टीम है वह ट्वंटी-20 विश्वकप भी जीत सकती है. भारत का हाल ही में श्रीलंका दौरे में एकदिवसीय सीरीज और टवंटी-20 मैच में अच्छा प्रदर्शन रहा था. भारतीय खिलाडी श्रीलंका की परिस्थितियों से पूरी तरह अभ्यस्त हैं और उन्हें वेस्टइंडीज में हुए पिछले विश्वकप की तरह श्रीलंका में संघर्ष नहीं करना पडेगा क्योंकि श्रीलंका में वेस्टइंडीज की तरह उछाल वाली पिचें नहीं हैं. यहां गेंद समान उछाल के साथ कमर तक आती हैं. अनुभवी कमेंटेटर और बेहतरीन विश्लेषक मांजरेकर ने कहा यह कह पाना बहुत मुश्किल है कि कौन सी टीम इस बार विश्वकप जीतेगी लेकिन पांच..छह टीमें ऐसी हैं जो विश्वकप जीत सकती हैं. विश्वकप जीतने के लिए आपको सात मैच जीतने होंगे और इस दौरान कुछ उलटफेर भी हो सकते हैं. जो टीम अपने प्रदर्शन में निरंतरता रखेगी वही खिताब जीत पाएगी.

गांगुली और मांजरेकर ने आश्चर्यजनक रूप से वेस्टइंडीज को खिताब का प्रबल दावेदार बताया, गांगुली ने कहा वेस्टइंडीज एक पावरहाउस है जिसके पास क्रिस गेल, किरोन पोलार्ड, ड्वेन स्मिथ और सुनील नारायण जैसे बेहतरीन खिलाडी हैं. वेस्टइंडीज के पास एक अच्छा तेज गेंदबाजी आक्रमण भी है. ऐसे खिलाडियों की मौजूदगी में मुझे लगता है कि वे खिताब के प्रबल दावेदार होंगे. मांजरेकर ने भी कहा ..वेस्टइंडीज एक मुश्किल टीम है. इसमें कई बेहतरीन खिलाडी हैं. इस टीम को कतई नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. अन्य दावेदारों के लिए गांगुली ने कहा दक्षिण अफ्रीका इस समय नंबर वन टेस्ट टीम है और उसकी चुनौती अन्य टीमों के लिए काफी भारी रहेगी. आस्ट्रेलिया फिलहाल संघर्ष कर रहा है लेकिन उसके पास मैच जिताने वाले अच्छे खिलाडी हैं. गत चैंपियन इंग्लैंड के लिए गांगुली ने कहा इस बार केविन पीटरसन इंग्लिश टीम में नहीं हैं. वह टूर्नामेंट में स्टूडियो में अपना समय बताएंगे और खेल की बारीकियों पर अपना आकलन देंगे. लेकिन इंग्लैंड की टवंटी-20 टीम काफी अच्छी है और ग्रीम स्वान जैसे स्पिनर टीम के लिए काफी कारगर साबित होंगे. गांगुली और मांजरेकर दोनों ने ही पाकिस्तान को एक खतरनाक टीम बताया. मांजरेकर ने कहा पाकिस्तान की टीम को अंतरराष्ट्रीय मैच ज्यादा खेलने को नहीं मिल पा रहे हैं और उनके पास आईसीसी टूर्नामेंटों में ही मौका रहता है कि वे अपनी प्रतिभा दिखाएं. पाकिस्तानी टीम के लिए यह टूर्नामेंट खुद को साबित करने का एक बडा मौका है.

टी-20 विश्वकप में हो सकता है उलटफेर

भारत के पूर्व टेस्ट बल्लेबाज संजय मांजरेकर का मानना है कि क्रिकेट के सबसे लघु प्रारूप टी-20 में कमजोर टीम के पास मजबूत टीमों को हराने का सबसे अच्छा मौका होता है इसलिए श्रीलंका में आगामी टी-20 विश्वकप में उलटफेर देखने को मिल सकते हैं. श्रीलंका में 18 सितंबर से सात अक्टूबर तक टवेंटी-20 विश्वकप का आयोजन होना है जिसके पुरुष वर्ग में 12 टीमें हिस्सा लेंगी.

मांजरेकर ने मंगलवार को यहां विश्वकप के संदर्भ में ईएसपीएन स्टार स्पोटर्स के संवाददाता सम्मेलन के दौरान टूर्नामेंट पर अपना नजरिया रखते हुए कहा कि टी20 क्रिकेट में कमजोर टीमों के पास मजबूत टीमों को हराने का बेहतर मौका होता है. यह काफी छोटा टूर्नामेंट है और सिर्फ 21 दिन में खत्म हो जाएगा. टीम को खिताब जीतने के लिए सिर्फ सात मैच खेलने होंगे. उन्होंने कहा कि इस टूर्नामेंट में कोई भी टीम धीमी शुरूआत करने की स्थिति में नहीं होगी. पहले मैच से ही टीमों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा क्योंकि यह लंबा टूर्नामेंट नहीं है जिसमें आपको वापसी करने का मौका मिल जाए.    भारत की ओर से 37 टेस्ट और 74 वनडे खेलने वाले मांजरेकर ने कहा कि पिछले साल विश्वकप और कुछ दिन पहले अंडर 19 विश्वकप जीतने वाले भारत के पास टी20 विश्वकप के साथ एक ही समय के तीनों विश्व खिताब अपने नाम करने का अच्छा मौका है.

श्रीलंका में टी20 विश्वकप के दौरान भारत की संभावनाओं के बारे में मांजरेकर ने कहा कि भारतीय टीम का प्रत्येक सदस्य अकेले दम पर मैच जीतने में सक्षम है और यही टीम का सबसे मजबूत पक्ष है. मांजरेकर ने हालांकि कहा कि विश्वकप में किसी भी टीम को प्रबल दावेदार के रूप में चुनना मुश्किल है. उन्होंने कहा कि यह छोटा प्रारूप है इसलिए किसी एक को प्रबल दावेदार चुनना मुश्किल है. चार से पांच अच्छी टीमें मौजूद हैं जो खिताब जीत सकती हैं. वेस्टइंडीज जैसी टीम को भी कमजोर नहीं आंका जा सकता. उसके पास टी-20 के चार सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज मौजूद हैं जबकि उसका गेंदबाजी आक्रमण भी टी20 के अनुकूल है.

मांजरेकर ने हालांकि कहा कि डेथ ओवरों में गेंदबाजी भारत की पुरानी समस्या रही हैं और आगामी विश्वकप में भी उसे इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि डेथ ओवरों में गेंदबाजी हमेशा से भारत के लिए परेशानी का सबब रहा है लेकिन महेंद्र सिंह धौनी इतना समझदार कप्तान है कि इससे निपट लेगा. टी20 विश्वकप के लिए युवराज सिंह और हरभजन सिंह की टीम में वापसी को मांजरेकर ने सकारात्मक कदम बताया. उन्होंने कहा कि युवराज जिस दौर से गुजरा है उससे वह टीम के लिए प्रेरक ही साबित होगा. उसने जो भी कुछ झेला है उसे वही बता सकता है जो उस दौर से गुजरा हो. उसे टीम में शामिल करना अच्छा फैसला है. वह दिखा चुका है कि वह टीम में वापसी के लिए बेताब है. वह आईपीएल के दौरान भी पुणे वॉरियर्स की ओर से खेलना चाहता था. मांजरेकर ने हालांकि साथ ही कहा कि हरभजन की वापसी से टीम में शामिल दूसरा ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन असुरक्षित महसूस कर सकता है. उन्होंने कहा कि हरभजन की वापसी से टीम में ऑफ स्पिनरों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी जिससे अभी टीम का मुख्य ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन असुरक्षित महसूस कर सकता है.

युवराज सिंह की वापसी इमोशनल ज्यादा है

अपनी सटीक टिप्पणियों के लिए मशहूर कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने कहा कि श्रीलंका में होने वाले टी20 विश्वकप के लिए भारतीय टीम में धुरंधर बल्लेबाज युवराज सिंह की वापसी प्रेक्टिकल कम इमोशनल ज्यादा है. मांजरेकर ने यहां ईएसपीएन स्टार स्पोर्ट्स के एक कार्यक्रम में कहा कि इस बात में कहीं कोई दोराय नहीं कि युवराज की कहानी आज के युवाओं के लिए सबसे ज्यादा प्रेरणादायक है. उन्होंने कहा कि हम इस बात को कभी नहीं समझ सकते कि कैंसर से जंग के दौरान युवराज किन हालात से गुजरे थे और कैसे उन्होंने मुश्किलों का सामना किया था. लेकिन मेरा मानना है कि टीम में उनकी वापसी इमोशनल ज्यादा है और इसमें व्यावहारिकता कम है.

पूर्व क्रिकेटर मांजरेकर ने कहा कि लेकिन हमें यह भी मानना होगा कि युवराज में वापसी करने की जबर्दस्त ललक थी और वह बराबर कहते रहते थे कि मैं टीम इंडिया में जल्द से जल्द लौटना चाहता हूं. आईपीएल-पांच के दौरान भी वह अपनी टीम के ड्रेसिंग रूम में खिलाडिय़ों का उत्साह बढ़ाने के लिए मौजूद रहते थे.  इस अवसर पर मौजूद पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली ने भी कहा कि युवराज जबर्दस्त फाइटर हैं जिन्होंने कैंसर जैसे भयानक बीमारी की जंग जीती है. मैं हमेशा प्रार्थना करूंगा कि वह मैदान में सफल वापसी करेंगे. न्यूजीलैंड के खिलाफ सितंबर के पहले सप्ताह में होने वाले दो टी20 मैचों में युवराज के पास इस बात को आंकने का पूरा मौका रहेगा कि वह मैदान में कितने फिट दिखाई देते हैं. गांगुली ने कहा कि ए दो मैच साबित करेंगे कि युवराज की विश्वकप में वापसी कितनी सफल रहेगी. उन्होंने साथ ही कहा कि मुझे पूरी उम्मीद है कि युवराज मैदान में उसी तरह जोरदार वापसी करेंगे जिस तरह उन्होंने गत वर्ष विश्वकप की सफलता में च्मैन ऑफ द टूर्नामेंटज् बनने का प्रदर्शन किया था.

जब तक चाहें खेल सकते हैं सचिन तेंदुलकर

पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने भारतीय मध्यक्रम के फैब फोर के तीन सदस्यों के संन्यास लेने के बाद सचिन तेंदुलकर पर किसी तरह के दबाव की संभावना से साफ इन्कार करते कहा कि यह स्टार बल्लेबाज जब तक चाहे तब तक टीम में बने रह सकता है. गांगुली ने कहा कि सचिन जब तक चाहें तब तक खेल सकते हैं। वह बहुत बड़े खिलाड़ी हैं, मैं नहीं समझता कि फैब फोर के तीन खिलाडिय़ों के संन्यास लेने के बाद उन पर किसी तरह का दबाव होगा यदि तीन खिलाडिय़ों ने संन्यास ले लिया तो इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें भी ऐसा करना चाहिए. तेंदुलकर के अलावा स्वयं गांगुली, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण फैब फोर के सदस्य थे. इनमें से गांगुली ने 2008 में जबकि द्रविड़ ओर लक्ष्मण ने इसी साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा. गांगुली ने इसके साथ ही इस सुझाव को भी नकार दिया कि हाल में अंडर-19 विश्वकप खेलने वाले खिलाडिय़ों को कम से कम ट्वेंटी-20 मैच खेलने चाहिए.

उन्होंने कहा कि मैं नहीं मानता कि किसी का यह अधिकार बनता है कि वह किसी खिलाड़ी को किसी प्रारूप में खेलने से रोके. उन्मुक्त चंद ने फाइनल में जो छह छक्के लगाये थे वह सभी क्रीज पर खड़े होकर लगाये थे. यह आज के समय की क्रिकेट है जो भी आधुनिक समय में खेलता है उसका प्रत्येक प्रारूप में खेलना जरूरी है. आज की क्रिकेट तेजी से रन बनाने से जुड़ी है और खिलाड़ी को यह पता होना चाहिए कि वह खुद को प्रत्येक प्रारूप के अनुरूप कैसे ढ़ाल पाता है.

हर फार्मेट के लिए फिट हैं हरभजन सिंह

सौरभ गांगुली मानते हैं कि आफ स्पिनर हरभजन सिंह क्रिकेट के तीनों फार्मेट के लिए पूरी तरह फिट हैं और ऐसे खिलाडी को ज्यादा समय तक टीम इंडिया से दूर नहीं रखा जा सकता है. गांगुली ने आज यहां कहा भज्जी किसी भी फार्मेट के लिए पूरी तरह फिट हैं. यदि आप टीम इंडिया के लिए तीन सर्वश्रेष्ठ स्पिनर चुनते हैं तो हरभजन हमेशा उनमें से एक रहेंगे. हरभजन को अगले महीने श्रीलंका में होने वाले टवंटी-20 विश्वकप के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है.  पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने भी कहा टेस्ट में 400 विकेट और वनडे में 300 विकेट लेने वाले गेंदबाज को आप सिर्फ घरेलू क्रिकेट तक सीमित नहीं रख सके, वह इस समय काउंटी खेल रहे हैं और उन्होंने अपने प्रदर्शन में जबर्दस्त सुधार किया है.

वह फाइटर हैं और अपनी मौजूदगी से ही खिलाडियों का मनोबल ऊंचा कर सकते हैं. मांजरेकर ने कहा हरभजन को चैंपियंस लीग में मुंबई इंडियंस की कप्तानी दी गयी थी और उन्होंने सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गज खिलाडी के बिना ही मुंबई टीम को चैंपियन बना दिया था. ऐसे खिलाडी की मौजूदगी से टीम को काफी फायदा मिलेगा. लेग स्पिनर पीयूष चावला को टीम में चुने जाने पर गांगुली ने कहा रविचंद्रन अश्विन और हरभजन के लिए बैकअप की भूमिका निभाएंगे. विश्वकप जैसे टूर्नामेंट में आपको अतिरिक्त स्पिनर की जरूरत पडेगी. वैसे भी पीयूष का विश्वकप का रिकार्ड काफी अच्छा है. वह 2007 में टवंटी-20 विश्वकप जीतने वाली और पिछले साल वनडे वनडे विश्वकप जीतने वाली टीम का हिस्सा थे. वह इस बार भी भारतीय टीम के लिए भाग्यशाली साबित हो सकते हैं.

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