नई दिल्ली, 30 दिसंबर. सरकारी तेल कंपनियां रविवार से पेट्रोल के दाम 2.25 रुपए बढ़ाने की योजना बना रही हैं.अगर सरकार विधानसभा चुनावों की वजह से तेल कंपनियों को इस फैसले को टालने के लिए नहीं कहती है तो रविवार से आपका पेट्रोल बिल बढ़ जाएगा.

एक सरकारी तेल कंपनी के एग्जेक्युटिव ने यह जानकारी दी है.तेल कंपनियां हर दो हफ्ते में पेट्रोल के दामों की समीक्षा करती हैं.इस महीने सरकार ने कंपनियों को दाम नहीं बढ़ाने को कहा था, क्योंकि इस कदम से संसद के विंटर सेशन में बवाल मच सकता था.अब कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि तेल कंपनियां अपने घाटे की भरपाई करना चाहेंगी.कंपनियों के एग्जेक्युटिव ने बताया कि आयातित पेट्रोल के लैंडेड प्राइस की तुलना में घरेलू दामों में स्थानीय टैक्स को छोड़कर 1.90 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी जरूरी है. एक एग्जेक्युटिव ने कहा राज्यों के 20 शुल्क के साथ अगर नुकसान का पूरा बोझ ग्राहकों पर डाला जाता है तो राजधानी में पेट्रोल 2.28 रुपए महंगा हो जाएगा.राज्यों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स की दर अलग-अलग होती है. सरकार से अनौपचारिक इजाजत मिलने के बाद इस मामले में शनिवार को फैसला होने की संभावना है.

उन्होंने कहा, थोड़ी अनिश्चितता है, क्योंकि पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों का ऐलान हो चुका है और हो सकता है कि कंपनियों को हरी झंडी न मिले. गौरतलब है कि 28 जनवरी से 3 मार्च के बीच उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने हैं.पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों ने दावा किया कि वे इस मामले में दखल नहीं देंगे. सरकार ने पिछले साल जून में तेल कंपनियों को पेट्रोल के दामों में इंटरनैशनल रेट के हिसाब से बदलाव करने की इजाजत दे दी थी.लेकिन कंपनियां हमेशा प्राइसिंग पर कोई भी फैसला करने से पहले अनौपचारिक रूप से सरकार से चर्चा करती हैं.नवंबर तक पेट्रोल के दाम बढ़ाने या घटाने का फैसला राजनीतिक आधार पर होता था.इसके बाद तेल कंपनियां हर दो हफ्ते में पेट्रोल के दामों की समीक्षा करने लगीं.लेकिन 15 दिसंबर को खत्म पखवाड़े में ऐसा नहीं हुआ.अफ सरों ने कहा, अगर तेल कंपनियां कीमत बढ़ाने का फैसला करतीं, तो पेट्रोल 1.02 रुपए प्रति लीटर महंगा होता।

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